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कार्तिक माह की अमावस्या कब है? शुभ समय तिथि और पर्व त्यौहार

हिन्दू धर्म के अनुसार कृष्ण पक्ष की 15वी तिथि को अमावस्या तिथि कहते है। पूर्णिमा के बाद कृष्ण पक्ष शुरूहोता है, और कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि को ही अमावस्या तिथि कहते है।

कार्तिक माह की अमावस्या का सबसे बड़ा महत्त्व इसलिए होता है क्यूंकि इस दिन दीपावली भी मनाई जाती है। और दीपावली हिन्दू धर्म का सबसे बड़ा और पवित्र पर्व होता है। दीवाली के दिन श्री गणेश और माता लक्ष्मी का पूजन किया जाता है। दीवाली के दिन भगवान् श्री कुबेर (जिन्हे धन के देवता भी कहा जाता है) उनका पूजन भी दिवाली के दिन होता हैं।

दीवाली के दिन व्रत भी किया जाता है। उपासक या तो निर्जल या फिर फलाहार जैसे भी अपने सामर्थ के अनुसार इस व्रत को कर सकतें हैं ।

भगवान् श्री कृष्ण ने स्वयं इस दिन को अपना प्रिय दिन बताया है। क्यूंकि आज ही के दिन उन्होंने और राधाजी के रास की शुरुवात की थी। जिसके कारण उन्हें यह दिन बहुत प्रिय है।

इसी दिन भगवन श्री राम 14 वर्ष का वनवास काट कर अयोध्या वापस आये थे। और उनके आने की ख़ुशी में पूरे अयोध्या में दिए जलाए गए थे। उसी दिन से कार्तिक माह की अमवस्या को दिवाली का पर्व मनाया जाता है।

दिवाली पूजन का दिन – 14 नवम्बर 2020 शनिवार शाम 17:57 लेकर 19:53 (5.57 से लेकर 7:53 तक) 

अमावस्या का दिन – 14 नवम्वर 2020 शनिवार 

14 नवम्बर 2020 का व्रत और त्यौहार:

नरक चतुर्दशी, दीवाली, दीपमालिका, तमिल दीवाली, लक्ष्मी पूजा, चोपड़ा पूजा, केदार गौरी व्रत, शारदा पूजा, काली पूजा, कमला जयंती, दर्श अमावस्या, अन्वाधान

14 नवम्बर 2020 शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त 11:20 AM से 12:04 PM अमृत काल
12:26 PM से 01:50 PM
सर्वार्थ सिद्धि योग 06:14 AM से 08:09 PM रवि योग 
कोई नहीं