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दिसम्बर माह की अमावस्या कब है?जानिए शुभ समय और पर्व और त्यौहार

हिन्दू धर्म में तिथिओं, वार, पंचांग, ग्रह, नक्षत्र सभी का बहुत ही महत्त्व है। इन्ही सब में से एक है तिथि। शास्त्रों में हर तिथि का किसी न किसी रूप में महत्त्व बताया गया है। और इन सब तिथिओं में ये भी बताया गया है की कब–कब कौन से तिथि किस देवी या देवता को समर्पित है।

जिस तरह साल की अंतिम पूर्णिमा का महत्त्व होता है उसी तरह साल की अंतिम अमावस्या का भी उतना की महत्त्व होता है। पूरे साल में यदि कभी किसी माह में यदि कोई अमावस्या भूल गया हो और उससे इस बात का कोई दुख हो तो उसके लिए ये लिए आखिरी अमावस्या वही सब लाभ लेती है जो पहले सभी अमावस्या देतीं है।

अमावस्या का दिन सर्वप्रथम और केवल पितरों के ही नाम का होता है।

अपने परिजनों की मृत्यु पर यदि कोई कार्य पूर्ण न हुआ हो या किसी कारण वश अधूरा रह गया हो हो तो उनकी आत्मा की संतुष्टि और शांति के लिए पितृ कार्य किये जाते है।

मार्गशीर्ष की अमावस्या सोमवार के दिन पड़ने के कारण इससे सोमवती अमावस्या कहा जाता है। जिसकी कुंडली में काल सर्प दोष होता है उसका निवारण भी इस दिन होताहै। इस दिन काल सर्प दोष का भी निवारण करने का विधान होता है।

अमावस्या के दिन कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए। शुभ कार्य केवल प्रभु के लिए और उनका आशीर्वाद पाने की लिए किया जाता है।

मार्गशीर्ष अमावस्या दिन – 14 दिसम्बर 2020 समय – दोपहर 12 बजकर 44 मिनट से 9 बजकर 46 मिनट तक 

14 दिसम्बर 2020 का व्रत और त्यौहार-

मार्गशीर्ष अमावस्या, दर्श अमावस्या, अन्वाधान, सोमवती अमावस, सूर्य ग्रहण

14 दिसम्बर 2020 शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त 11:32 AM से 12:14 PM अमृत काल
03:27 PM से 04:54 PM
सर्वार्थ सिद्धि योग कोई नहीं रवि योग 
कोई नहीं