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नवंबर 2021 में अमावस्या कब है? तिथि और मुहूर्त

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कार्तिक अमावस्या नवम्बर के महीने में आती है और यह अमावस्या भी बहुत ही महत्व रखती है इसीलिए इस दिन का लोग पूरे वर्ष इंतज़ार भी करते हैं। पौराणिक मान्यता के अनुसार महाभारत के शांति पर्व में भगवान श्री कृष्ण ने ने खुद कहा था की कार्तिक अमावस्या का दिन मेरा प्रिय दिन है और इस दिन जो भक्त पूरे श्रद्धा भाव से पूरे मन में निष्ठा से मेरी वंदना करेगा उस मनुष्य के समस्त ग्रह दोष दूर हो जाएंगे, इसीलिए सभी प्रकार के दोष के निवारण हेतु यह दिन बहुत ही उपयुक्त होता है। साथ ही कार्तिक अमावस्या इसीलिए खास होती है और बहुत ज्यादा महत्व रखती है क्योंकि कार्तिक अमावस्या के दिन ही साल का सबसे बड़ा त्यौहार दीपावली मनाया जाता है। साथ ही पितरों के नाम पर दान का काम करने के लिए भी यह दिन बहुत शुभ होता है।

कार्तिक अमावस्या पर दीप जलाने का महत्व क्या है?

दीपावली का त्यौहार कार्तिक अमावस्या के दिन आता है और इस दिन रात के समय दीएं जलाने की परंपरा है। क्योंकि इस दिन भगवान श्री राम चौदह वर्षों का वनवास पूरा करने के बाद अयोध्या लौटे थे और इसी खुशी में अयोध्या वासियों ने घर घर दीपक जलाकर खुशियां मनाई थीं। और दीपावली के दिन चारों और दीयों की रौशनी ही दिखाई देती है।

इसके अलावा बंगाल में इस प्रथा को लेकर ऐसा बोला जाता है की दीवाली के शुभ दिन दीये इसीलिए जलाये जाते हैं ताकि पितृ पक्ष में जब पितृगण धरती पर आते हैं तो उन्हें वापिस अँधेरे में पितृ लोक पहुंचने में परेशानी न हो, इसलिये दीयों सभी जगह को प्रकाशित किया जाता है। इसीलिए कार्तिक अमावस्या पर भी पितरों के नामा पर धन धर्म का कार्य करना बहुत शुभ माना जाता है।

कार्तिक अमावस्या के दिन किये जाने वाले धार्मिल कर्म

  • कार्तिक अमावस्या के दिन सुबह समय से उठकर किसी नदी, जलाश्य या पवित्र कुंड में स्नान करें।
  • स्नान करने के बाद सूर्य देव को जल अर्पण करके प्रणाम करें और बहते हुए जल में तिल प्रवाहित करें।
  • यह दिन ग्रह संबंधित दोष के निवारण के लिए बहुत उपयुक्त होता है ऐसे में इस दिन नवग्रहों की शांति के लिए कार्तिक अमावस्या के दिन सुबह नवग्रह स्त्रोत का पाठ करें।
  • कार्तिक अमावस्या के दिन विष्णु सहस्त्रनाम के जाप को करना भी बहुत शुभ माना जाता है। और ऐसा माना जाता है की ऐसा करने से कुंडली में कितना भी खराब योग कोई दिक्कत हो तो वो दूर हो जाती है।
  • कार्तिक अमावस्या को किसी गरीब व्यक्ति के घर जाकर दीपक जलाने और उन्हें भोजन आदि करवाने से से शनि ग्रह से संबंधित पीड़ा दूर होती है।
  • कार्तिक अमावस्या के दिन शिवलिंग का शहद से अभिषेक करना चाहिए ऐसा करना भी बहुत शुभ होता है।
  • कार्तिक अमावस्या के दिन माँ लक्ष्मी की पूजा का भी बहुत अधिक महत्व होता है और रात के समय पूरे विधि विधान के साथ घर में माँ लक्ष्मी गणेश जी की पूजा की जाती है।

2021 कार्तिक अमावस्या तिथि व मुहूर्त

कार्तिक अमावस्या तिथि: कार्तिक अमावस्या 04 नवंबर 2021 दिन गुरूवार को है।

अमावस्या तिथि आरम्भ: नवंबर 4, 2021 दिन गुरूवार को 06:06:05 से अमावस्या तिथि आरम्भ होगी।

अमावस्या तिथि समापन: नवंबर 5, 2021 दिन शुक्रवार को 02:47:01 पर अमावस्या तिथि समाप्त होगी।

तो यह है कार्तिक अमावस्या का महत्व, तिथि, मुहूर्त व अन्य जानकारी, ऐसे में आप भी इस वर्ष आने वाली दीपावली पर धर्म के काम जरूर करें ताकि आपको भी दोषों से निवारण मिलने के साथ आपके घर में सदा खुशहाली बनी रहे। इसके अलावा यदि आप भी गृह दोष से परेशान हैं तो आपको भी इस दिन इस दोष के निवारण हेतु उपाय करना चाहिए।

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