पुष्यामृत योग 2020

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जिस तरह सिंह को सबसे ताकतवर माना जाता है ठीक उसी प्रकार सभी नक्षत्रो को पुष्य नक्षत्र को सबसे बलवान माना जाता है। यही पुष्यामृत योग जब गुरूवार के दिन पड़ता है तो वह अत्यंत ही फलदायी योग होता है। ज्योतिषी शास्त्र के अनुसार यह योग बहुत ही शुभ माना गया है।  जब कभी भी किसी शुभ कार्य के लिए कोई मुहूर्त नहीं मिल रहा हो तो इस योग में कोई भी कार्य किया जा सकता है।

पुष्यामृत योग जब गुरूवार को पड़ता है तो उसे गुरु पुष्यामृत योग भी कहते है। इस योग में कोई भी मांगलिक कार्य, या कोई पहले से रुका हुआ कार्य, यात्रा, स्वर्ण खरीदना, जमीन खरीदना स्थायी रूप से फल देने वाला बताया गया है।

कहा जाता है की पुष्य नक्षत्र को एक शाप भी मिला हुआ है , इसी कारण इस योग में विवाह कार्य वर्जित माने गए है। वैसे तो पुष्यामृत योग बहुत ही शुभ होता है परन्तु यही योग अगर बुधवार और शुक्रवार को पड़े तो कोई भी नया कार्य नहीं करना चाहिए। नीचे दिए गए पुष्यामृत योग को आप अपने शुभ कार्यो के लिए प्रयोग में ला सकते है।

पुष्यामृत योग 2020
दिनांक दिन समय (घं. मि. बजे से ) समय (घं. मि. बजे तक )
11 जनवरी 2020 शनिवार 13:30 30:49
12 जनवरी 2020 रविवार 6:49 11:50
7 फरवरी 2020 शुक्रवार 24:01 30:41
8 फरवरी 2020 शनिवार 6:41 22:05
6 मार्च 2020 शुक्रवार 10:38 30:19
7 मार्च 2020 शनिवार 6:19 09:05
2 अप्रैल 2020 गुरूवार 19:28 29:51
3 अप्रैल 2020 शुक्रवार 5:51 18:41
29 अप्रैल 2020 बुधवार 26:02 29:27
30 अप्रैल 2020 गुरूवार 5:27 25:53
27 मई 2020 बुधवार 7:28 29:21
28 मई 2020 गुरूवार 5:12 7:27
23 जून 2020 मंगलवार 13:33 29:13
24 जून 2020 बुधवार 5:13 13:10
20 जुलाई 2020 सोमवार 21:21 29:24
21 जुलाई 2020 मंगलवार 5:24 20:30
17 अगस्त 2020 सोमवार 6:44 29:37
13 सितम्बर 2020 रविवार 16:34 29:47
14 सितम्बर 2020 सोमवार 5:49 15:52
10 अक्टूबर 2020 शनिवार 25:18 29:58
11 अक्टूबर 2020 रविवार 5:58 25:29
7 नवम्बर 2020 शनिवार 8:05 30:15
8 नवंबर 2020 रविवार 6:15 8:45
4 दिसंबर 2020 शुक्रवार 13 :39 30:33
5 दिसंबर 2020 शनिवार 6:33 14:28
31 दिसंबर 2020 गुरूवार 19 :49 30:47