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वट सावित्री व्रत 2020 में कब है?

वट सावित्री व्रत हिन्दू धर्म में बहुत मान्यता रखता है। भारतीय संस्कृति में यह व्रत आदर्श नारीत्व का प्रतिक माना जाता है। यह व्रत सुहागिन स्त्रियाँ पति की दीर्घायु व शुभ कामना के लिए करती है।

यह व्रत ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या पर किया जाता है। इस व्रत में वट वृक्ष यानी बरकद के पेड़ की पूजा की जाती है।

वट सावित्री व्रत की पूजा विधि :

  • इस व्रत में सुहागिन स्त्रियाँ प्रातः काल नित्य कर्म से निर्वित होकर नहा धो कर पूजा करती है ।
  • वट सावित्री व्रत सभी स्त्रियाँ सौलह सिंगार करती है।
  • पूजन की सामग्री में बॉस का पंखा, लाल है पीला धागा, धूपबत्ती, फूल और पांच तरह के फल, सिंदूर और लाल कपडा तैयार किया जाता है।
  • यह सभी सामग्री लेकर वट वृक्ष या बरगद के पेड़ के समक्ष जाए।
  • इसके बाद सत्यवान और सावित्री की मूर्ति वह स्थापित की जाती है।
  • अब सभी पूजा सामग्री से विधिपूर्वक पूजन किया जाता है।
  • पूजा के दौरान धागे को वट वृक्ष पर 5, 11, 21, 51 या 108 बार प्रक्रिमा करते हुए लपेटे।
  • अंत में ब्राह्मण से सावित्री और सत्यवान की कथा का श्रवण करें।

वट सावित्री व्रत का शुभ मुहूर्त 2020 :

इस वर्ष वट सावित्री व्रत 22 मई 2020 को शुक्रवार के दिन है। अमावस्या की तिथि 21 मई 2020 को रात 9:40 से शुरू होकर 22 मई 2020 को रात 11:10 तक है।

यह व्रत सौभाग्य और संतान प्राप्ति में सहायक माना गया है।