सावन कब से कब तक है और सावन पूर्णिमा कब है 2018

सावन का महीना हिन्दुओ का सबसे बड़ा महीना होता है, भोले शंकर की पूजा अर्चना का ये विशेष माह है, कांवड़ यात्रा और जल चढाने का बहुत ही पवित्र माना जाता है शिवालय में, तो लोग सोच रहे होंगे की 2018 में श्रावण / सावन / सान / महीना कब से कब तक तक है और पूर्णिमा कौन से दिन को पड़ेगा इसकी के बारे में पूरी जानकारी हम इस आर्टिकल्स में देने जा रहे हैं।

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अगर आप शिव के भक्त हैं।  भोले शंकर पर आपका अटूट विश्वास है।   आप हरेक साल शिवालय में या महादेव मंदिर में जल चढ़ाते हैं तो आप भी सावन महीने का इंतज़ार कर रहे होंगे और आप सोच रहे होंगे की पहला सोमवार कब है, सावन महीना कब से शुरू हो रहा है।  इस साल सावन में कितने सोमवार हैं।  जल कब चढ़ाया जायेगा इत्यादि प्रश्नो का उत्तर आपको इस आर्टिकल्स में मिलेगा।

श्रावण 2018 / सावन महीना 2018 कब से शुरू है?

श्रावण का महीना इस साल २०१८ में 

27 जुलाई 2018 को आषाढ़ पूर्णिमा है।  28 जुलाई 2018 शनिवार से सावन माह प्रारम्भ हो जायेगा।  30 जुलाई का सावन का पहला सोमवार हैं।

संक्षेप में सावन महीना 2018 :

  • श्रावण महीना शुरू : 28 जुलाई 2018 (शनिवार)
  • सावन का पहला सोमवार : 30 जुलाई 2018
  • सावन का दूसरा सोमवार : 6 अगस्त 2018
  • सावन का तीसरा सोमवार : 15 अगस्त 2018
  • सावन का चौथा सोमवार : 20 अगस्त 2018
  • सावन अमावश्या 2018 : 11 अगस्त 2018  शनिवार 
  • सावन पूर्णिमा : 25 अगस्त 2018 व्रत पूर्णिमा, शनिवार
  • सावन पूर्णिमा : 26 रविवार, श्रवण पूर्णिमा और रक्षा बंधन 

सावन व्रत : सावन सोमवारी करने के फायदे

सावन सोमवार व्रत विधि:-

  • सबसे पहले सुबह समय से उठकर घर को साफ़ करके, नहा धोकर साफ़ और स्वच्छ वस्त्र धारण करने चाहिए।
  • उसके बाद सारे घर में गंगाजल को छिड़ककर शुद्ध करना चाहिए।
  • और फिर घर के ईशान कोण में भगवान् शिव की मूर्ति या चित्र की स्थापना करनी चाहिए।
  • और उसके बाद मूर्ति के सामने बैठकर सावन सोमवार व्रत का संकल्प लेना चाहिए।
  • साथ ही पूजन सामग्री में जल, दही, चीनी, घी, दूध, शहद से बना पंचामृत, मोली, वस्त्र, जनेऊ, चन्दन, रोली, चावल, फूल, बेल पत्र, भांग, धतूरा, कमल,गट्ठा, प्रसाद, पान-सुपारी, लौंग, इलायची, मेवा, आदि रखना चाहिए, और पूजा के बाद उसे दक्षिणा के रूप में देना चाहिए।
  • सामग्री चढ़ाने के बाद सावन के सोमवार की कथा करने से पहले धूप, और दिया जलाना चाहिए, फिर कथा करनी चाहिए।
  • और पूजा करते समय माता पारवती, गणेश जी, कार्तिकेय की भी आराधना करनी चाहिए।
  • उसके बाद आरती करते समय आपको कपूर का इस्तेमाल भी करना चाहिए।
  • आरती के बाद अपने मन की इच्छा और अपनी मनोकामना को पूरा करने के लिए सच्चे मन और पूरी श्रद्धा विश्वास के साथ भगवान् शिव के आगे हाथ जोड़कर प्रार्थना करनी चाहिए।
  • और उसके बाद भगवान् शिव को जल भी अर्पण करना चाहिए, इसके लिए आप मंदिर जा सकते है, या आपके घर में शिवलिंग है तो उसपर भी जल को अर्पण कर सकते है।
  • पूरा दिन व्रत करने के बाद शाम या रात को एक समय आपको भोजन करना चाहिए।

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सावन के सोमवार रखने के फायदे:-

  • सावन का व्रत रखने से आपको शत्रु से बचाव करने में मदद मिलती है।
  • धर्म, अर्थ, काम, और मोक्ष की सिद्धि मिलती है।
  • यश की प्राप्ति होती है।
  • गृह दोष से शांति मिलती है।
  • अकाल मृत्यु के भय से मुक्ति मिलती है।
  • कार्य की सिद्धि मिलती है।
  • कुँवारी लड़की को मनचाहा वर मिलता है।
  • यदि कोई काम रुका हुआ हो उसे सफल करने में मदद मिलते है।

सावन महीना सोमवार व्रत 2018:-

2018 में सावन के महीने के व्रत 28 जुलाई से शुरु होंगे और 26 अगस्त को सावन का महीना खत्म हो जाएगा।