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होली शुभ मुहूर्त 2020

होली रंगो का त्यौहार है, हिन्दुओ में होली का त्यौहार बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है। होली से एक दिन पहले होलिका दहन किया जाता है। होली का त्यौहार बुराई पर अच्छाई की जीत की ख़ुशी में मनाया जाता है। होलिका दहन फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष  की चतुर्दशी को मनाया जाता है। दुलहंडी यानी के जिस दिन रंग खेला जाता है, इसे फाल्गुन माह की पूर्णिमा को खेला जाता है।

होली पुरे भारत में विभिन्न राज्यों में अलग अलग ढंग से मनायी जाती है। मथुरा में होली का त्यौहार एक सप्ताह पूर्व ही शुरू हो जाता है। मथुरा की होली को लोग दूर दूर से देखने आते है। इसी प्रकार बरसाने में लठमार होली खेलते है , लठमार होली, अन्य कई राज्यों में भी लोकप्रिय है। चलिए देखते है 2020 में, होली का शुभ मुहूर्त कब है और हमे कैसे मनाना है होली का त्यौहार।

होलिका दहन का शुभ मुहूर्त

इस वर्ष होली 9 मार्च 2020 को मनाई जाएगी। होलिका दहन का शुभ मुहूर्त्त शाम 6:22 से शुरू होकर रात 8:49 तक है। भद्रा पूंछ का समय सुबह 9:37 से शुरू होकर 10:38 तक है।  भद्रा मुख का समय 10:38 से लेकर 12:19 तक है। रंगावाली होलीअगले दिन यानि 10 मार्च 2019 को मनाई जाएगी।

होलिका पूजन

होलिका दहन से पहले होलिका पूजन विधिपूर्वक करना चाहिए। होलिका पूजन आप घर पर या फिर सार्वजानिक स्थल  पर जाकर भी कर सकते है। आजकल सभी लोग अपने घर पर पूजा ना करके सार्वजानिक स्थल पर ही जाते है। सभी लोग मंदिर या चौराहे पर कंडो, गुलरी और लकड़ी से होलिका सजाते है।

होलिका पूजन के लिए एक थाली में साबुत हल्दी,माला, रोली,फूल, चावल, मुंग, बताशे, कच्चा सूत, नारियल व एक लोटा जल लेकर बैठना चाहिए। इसके अतिरिक्त नई फसल की बालियां जैसे चने की बालियां या फिर गेहू की बालियां भी होनी चाहिए।

होलिका पूजन शाम के समय किया जाता है। पूर्व या उत्तर दिशा की और मुँह करके बैठे , सबसे पहले भगवान गणेश का समरण करे। इसके बाद भगवान नरसिंह को याद करते हुए गोबर से बनी हुई होलिका पर हल्दी, रोली, चावल, मुंग, बताशे अर्पित करने चाहिए। फिर होलिका पर जल चढ़ाये। उसके बाद होलिका के चारो और परिक्रमा करते हुए कच्चा सूत लपेटे, यह परिक्रमा सात बार करनी चाहिए। होलिका पर प्रह्लाद का नाम लेकर फूल अर्पित करे और फिर भगवान को याद करते हुए नए अनाज की बालियां अर्पण करे।

अंत में अपना और अपने परिवार का नाम लेकर प्रसाद चढ़ाये। और होलिका दहन के समय होलिका की परिक्रमा करे। फिर होलिका पर गुलाल डालने के बाद अपने बड़ो के पैरो में गुलाल डाल कर उनका आशीर्वाद ले।

होलिका पूजन से हर प्रकार से बुराई पर जीत प्राप्त होत्ती है। होलिका पूजन परिवार में सुख, समृद्धि और शान्ति लाता है। कई जगह पर लोग होलिका पूजन के दिन व्रत भी करते है व्रत होलिका दहन के बाद ही खोला जाता है।

होलिका पूजन पर भद्रा के समय का विशेष ध्यान रखे। भद्रा के समय होलिका पूजन नहीं किया जाता।

होली पूजन करने का तरीका अलग अलग क्षेत्रो अलग अलग पारम्परिक तरीको से होती है तो इस बात का भी विशेष ध्यान रखे। आप तरीका वही अपनाये जो आपके क्षेत्र में माना जाता है।