निर्जला एकादशी 2019 : इस बार की एकादशी क्यों है इतनी खास?

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Nirjala Ekadashi 2019

हिन्दू पंचांग के अनुसार, हरेक महीने के शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष की ग्यारहवीं तिथि को एकादशी मनाई जाती है। एकादशी के दिन उपवास रखना बहुत फलदायी माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार, एकादशी का व्रत रखने से सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और परलोक में मोक्ष की प्राप्ति होती है। जून महीने में आने वाली निर्जला एकादशी को भी बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है।

क्या है निर्जला एकादशी?

हिन्दू कैलेंडर के अनुसार, ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को निर्जला एकादशी मनाई जाती है। निर्जला एकादशी के दिन निर्जला उपवास रखा जाता है। इस दिन व्रती न तो अन्न ग्रहण करता है और न ही जल।

माना जाता है मात्र एक निर्जला एकादशी का व्रत रखने से सालभर की एकादशियों का व्रत रखने का पुण्य मिलता है। निर्जला एकादशी का व्रत बिना जल के किया जाता है जिसका पारण द्वादशी को किया जाता है। जून की भयंकर गर्मी में निर्जला व्रत रखना बहुत कठिन होता है। परन्तु मोक्ष की चाह रखने वाले इस दिन बड़ी श्रद्धा से श्री हरी का उपवास रखते हैं और निर्जला व्रत रखते हैं।

क्या खास है निर्जला एकादशी व्रत में?

ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकदाशी को निर्जला एकादशी कहते हैं। सालभर रखे जाने वाले एकादशियों के उपवास में फलाहार किया जाता है, परन्तु इस एकादशी में न तो फल और न हो जल कुछ भी नहीं लिया जाता। गर्मी के दिनों में पड़ने के कारण इस एकादशी का महत्तम और भी अधिक हो जाता है। जिसे किसी तपस्या से कम नहीं समझा जाता। इसलिए इस एकादशी को सबसे अधिक महत्व दिया गया है।

निर्जला एकादशी व्रत करने के लाभ

ज्येष्ठ माह की निर्जला एकादशी का व्रत करने से आयु और आरोग्य की वृद्धि होती है। और मोकड़ की प्राप्ति होती है। महाभारत के अनुसार, माधिक माससहित एक वर्ष की 26 एकादशियों का व्रत न किया जा सके तो केवल निर्जला एकादशी का उपवास रखकर ही पूरा फल प्राप्त किया जा सकता है।

निर्जला एकादशी व्रत विधि

इस व्रत को रखने वालों को तनिक भी जल ग्रहण करने की अनुमति नहीं होती। अगर किसी कारणवश कोई जल ग्रहण कर लेता है तो व्रत भंग हो जाता है। निर्जला एकादशी के दिन पुरे दिन और रात बिना अन्न पानी के रहकर द्वादशी को प्रातःकाल स्नान करके अपनी सामर्थ्य अनुसार वस्तुएं, ब्राह्मण भोजन और जल से भरा हुआ कलश दान में देना चाहिए। उसके पश्चात् स्वयं प्रसाद ग्रहण करके व्रत पारण करना चाहिए।

2019 निर्जला एकादशी

2019 में निर्जला एकादशी 13 जून 2019 को मनाई जा रही है। जो की गुरुवार के दिन पड़ रही है। यानी इस एकादशी का महत्व और भी अधिक बढ़ गया है क्यूंकि यह गुरुवार के दिन आ रही है और गुरुवार श्री हरी विष्णु भगवान का दिन है। ये संयोग बहुत साल बाद बन रहा है जब गुरुवार के दिन निर्जला एकादशी है।

निर्जला एकादशी का आरंभ 12 जून 2019 को शाम 06:27 बजे से हो रहा है। एकादशी तिथि की समाप्ति 13 जून 2019 को शाम 04:49 बजे होगी।