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आषाढ़ 2019 : आषाढ़ माह के पर्व त्यौहार, पूर्णमासी अमावस्या और एकादशी कब है?

आषाढ़ 2019

हिन्दू धर्म में आषाढ़ माह को बहुत खास माना जाता है। क्यूंकि इस महीने में साल की चार नवरात्रियों में से एक आषाढ़ की गुप्त नवरात्री मनाई जाती हैं। आज हम आपको आषाढ़ माह से जुडी महत्वपूर्ण जानकारी दे रहे हैं। आषाढ़ 2019 कब से कब तक है? आषाढ़ 2019 पर्व-त्यौहार, आषाढ़ का महत्व, आषाढ़ महीने के व्रत, आषाढ़ माह की विशेषताएं और आषाढ़ गुप्त नवरात्रि की सम्पूर्ण जानकारी।

आषाढ़ माह क्या है?

हिन्दू पंचांग के अनुसार यह वर्ष के चौथा माह होता है। जिसे वर्षा ऋतू के आरंभ का माह भी माना जाता है। ज्येष्ठ महीने की गर्मी के बाद इसी महीने में वर्षा ऋतू का आगमन होता है। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार, जून या जुलाई के महीने में आषाढ़ का महीना पड़ता है। आषाढ़ महीने में बहुत से हिन्दू पर्व मनाए जाते हैं।

आषाढ़ 2019 कब से कब तक है?

2019 में आषाढ़ का महीना 22 जून 2019, शनिवार से आरंभ होगा।
आषाढ़ महीने की समाप्ति 22 जुलाई 2019, सोमवार को होगी।

आषाढ़ के पर्व-त्यौहार

  • 28 जून 2019, को योगिनी एकादशी व्रत है।
  • 2 जुलाई 2019, को आषाढ़ अमावस्या है।
  • 2 जुलाई 2019, को सूर्य ग्रहण भी है।
  • 3 जुलाई 2019, से गुप्त नवरात्रि प्रारंभ होगी।
  • 4 जलाई 2019, से जगन्नाथ रथयात्रा आरंभ होगी।
  • 10 जुलाई 2019, को गुप्त नवरात्रि समाप्त।
  • 12 जुलाई 2019, को देवशयनी एकादशी है।
  • 13 जुलाई 2019, से चातुर्मास आरंभ होगा।
  • 16 जुलाई 2019, को आषाढ़ी पूर्णिमा है।
  • 16 जुलाई 2019, को गुरु पूर्णिमा है। इस दिन चंद्र ग्रहण भी लगेगा।

आषाढ़ का महत्व

हिन्दू वर्ष के चौथे महीने को आषाढ़ कहा जाता है। यह मास ज्येष्ठ और सावन माह के बीच में आता है। इस माह से ही वर्षा ऋतू का आगमन भी होता है। हिन्दू पंचांग में  नक्षत्रों पर आधारित है। माह की पूर्णिमा को चंद्रमा जिस नक्षत्र में होता है उस महीने का नाम उसी नाम के नक्षत्र पर रखा गया है। आषाढ़ का नाम भी पूर्वाषाढ़ और उत्तराषाढ़ नक्षत्रों पर रखा गया है। अगर पूर्णिमा के दिन उत्तराषाढ़ नक्षत्र हो तो बहुत ही पुण्यकारी माना जाता है। इस संयोग में दस विश्वदेवों की पूजा की जाती है। आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया को जगन्नाथ जी की रथ यात्रा निकाली जाती है।