अमृत सिद्धि योग 2019, Auspicious Muhurat 2019

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2019 अमृत सिद्धि योग

 ज्योतिष के अनुसार, वार और नक्षत्र मिलकर एक विशेष संयोग बनाते हैं जिसे अमृतसिद्धि योग कहा जाता है। शास्त्रकार, अमृत सिद्धि योग को बहुत शुभ और फलदायक बताते हैं। माना जाट है इस समय कोई भी कार्य स्थाई रूप से आरंभ किया जाए तो वह पूर्ण रूप से फलदायी होता है। इस मुहूर्त में कोई भी शुभ कार्य बेहिचक शुरू किया जा सकता है। 

अमृत सिद्धि योग में क्या नहीं करें?

शुभ होने के बाद भी अमृत सिद्धि योग में कुछ विशेष कार्य नहीं किये जाते। जैसे – 

  • मंगलवार के दिन अमृत सिद्धि योग होने पर गृह प्रवेश और नींव पूजन नहीं करवाना चाहिए। 
  • गुरुवार के दिन अमृत सिद्धि योग होने पर विवाह नहीं करना चाहिए।
  • शनिवार के दिन अमृत सिद्धि योग होने पर यात्रा नहीं करनी चाहिए। 
  • इसके अतिरिक्त गुरु-पुष्य संयोग में विवाह, शनि-रोहिणी संयोग में यात्रा और मंगल-अश्विनी योग में गृह प्रवेश वर्जित होता है।
  • रविवार को पंचमी, सोमवार को षष्ठी, मंगल को सप्तमी, बुधवार को अष्टमी, गुरुवार को नवमी, शुक्रवार को दशमी और शनिवार को एकादशी से ये अमृत सिद्धि योग “विषयोग” बन जाते है।

अमृत सिद्धि योग कैसे बनता है?

नीचे दिए गए वार और नक्षत्र मिलकर अमृत सिद्धि योग बनाते हैं जो किसी भी कार्य को करने के लिए बहुत शुभ होते हैं। 

वारनक्षत्र
सोमवारमृगशिरा
मंगलवारअश्विनी
बुधवारअनुराधा
गुरुवारपुष्य
शुक्रवाररेवती
शनिवाररोहिणी
रविवारहस्त

अमृत सिद्धि योग में क्या करना शुभ होता है?

  • इस योग में किसी लम्बी अवधि का कॉन्ट्रैक्ट साइन करना शुभ होता है। 
  • किसी एग्जामिनेशन या नौकरी के लिए आवेदन देना।
  • कोर्ट में केस दाखिल करना।
  • जमीन, वाहन, सोना आदि खरीदने के लिए। 
  • विदेश यात्रा पर जाना। आदि शुभ होता है।

अमृत सिद्धि योग 2019 डेट

तारीखदिननक्षत्रघं. मि. सेघं. मि. तक
2 जनवरी 2019बुधवारअनुराधा09:3930:47+
15 जनवरी 2019मंगलवारअश्विनी06:4813:56
30 जनवरी 2019बुधवारअनुराधा06:4516:40
8 मार्च 2019शुक्रवाररेवती23:1630:18+
5 अप्रैल 2019शुक्रवाररेवतीसमस्तसमस्त
3 मई 2019शुक्रवाररेवती05:2414:40
6 जून 2019गुरुवारपुष्य20:2829:10+
1 जुलाई 2019सोमवारमृगशीर्ष09:2529:14+
4 जुलाई 2019गुरुवारपुष्य05:1526:30+
27 जुलाई 2019शनिवाररोहिणी19:3029:25+
29 जुलाई 2019सोमवारमृगशीर्ष05:2618:22
1 अगस्त 2019गुरुवारपुष्य05:2812:12
4 अगस्त 2019रविवारहस्त25:44+29:29+
20 अगस्त 2019मंगलवारअश्विनी22:2829:36+
24 अगस्त 2019शनिवाररोहिणी05:3828:16+
1 सितंबर 2019रविवारहस्त11:1129:41+
4 सितंबर 2019बुधवारअनुराधा28:07+29:42+
17 सितंबर 2019मंगलवारअश्विनीसमस्तसमस्त
21 सितंबर 2019शनिवाररोहिणी05:4911:22
29 सितंबर 2019रविवारहस्त05:5219:07
2 अक्टूबर 2019बुधवारअनुराधा12:5229:53+
15 अक्टूबर 2019मंगलवारअश्विनी05:5912:30
30 अक्टूबर 2019बुधवारअनुराधा06:0721:59
27 नवंबर 2019बुधवारअनुराधा06:2608:12
6 दिसंबर 2019शुक्रवाररेवती22:5730:33+