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सितम्बर 2021 में अमावस्या कब है? तिथि और मुहूर्त

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सालभर में आने वाली बारह अमावस्या में हर किसी का अपना एक महत्व होता है। ऐसे ही सितम्बर माह आने वाली भाद्रपद अमावस्या का भी अपना एक अलग महत्व होता है। साथ ही भाद्रपद अमावस्या को पिठोरी अमावस्या के नाम से भी जाना जाता हैवैसे अमावस्या की बात करें तो हिन्दू धर्म में अमावस्या का दिन पितरो यानी आपके मृत पूर्वजों को समर्पित होता है इसीलिए इस दिन पितरों के नाम पर दान धर्म का काम किया जाता है और उनका आशीर्वाद आने वाली पीढ़ियों पर बनी रहे इसके लिए कामना की जाती है।

इसके अलावा अमावस्या का दिन काल सर्प दोष के निवारण के लिए भी बहुत अच्छा होता है इस दोष के कारण कई बार शादी में आ रही रुकावटों का सामना करना पड़ता है। साथ ही भाद्रपद माह की यदि बात की जाये तो यह महीना श्री कृष्णा को समर्पित होता है ऐसे में इस दिन का महत्व और भी बढ़ जाता है। तो आइये अब आगे भाद्रपद अमावस्या की तिथि, मुहूर्त व इस दौरान कौन कौन से काम करने चाहिए उसके बारे में विस्तार से जानते हैं।

भाद्रपद अमावस्या के दिन किये जाने वाले धार्मिक कर्म

  • भाद्रपद अमावस्या के दिन सुबह समय से उठकर किसी नदी, जलाशय या कुंड में स्नान जरूर करें।
  • स्नान करने के बाद सूर्य देव को जल अर्पित करें और उसके बाद बहते जल में तिल प्रवाहित करें ऐसा करना बहुत शुभ माना जाता है।
  • भाद्रपद अमावस्या के दिन किसी नदी के तट पर या किसी पवित्र नदी के पास पितरों की आत्म शांति के लिए पिंडदान करें ऐसा करने से आपके पितरों की आत्मा को शांति मिलती है और उनका आशीर्वाद आप पर और आपके परिवार पर बना रहता है।
  • जब आप पिंडदान की विधि को पूरा कर लें तो उसके बाद किसी गरीब व्यक्ति या ब्राह्मण को दान-दक्षिणा दें या भोजन करवाएं।
  • यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में यदि कालसर्प दोष है तो इस दिन कालसर्प दोष निवारण के लिए पूजा अर्चना भी की जा सकती है क्योंकि यह अमावस्या इस दोष के निवारण के लिए सबसे उपयुक्त होती है।
  • अमावस्या के दिन शाम को पीपल के पेड़ के नीचे सरसो के तेल का दीपक लगाएं और हाथ जोड़कर भगवान और अपने पितरों को याद करें।
  • पीपल की पूजा करने के बाद पीपल की सात परिक्रमा लगाएं यानी की पेड़ के चारों और सात चक्कर लगाएं।
  • अमावस्या का दिन शनिदेव और हनुमान जी की पूजा के लिए सबसे उत्तम होता है।

2021 भाद्रपद अमावस्या तिथि व मुहूर्त

भाद्रपद अमावस्या तिथि: भाद्रपद अमावस्या 7 सितम्बर 2021 दिन मंगलवार को है।

अमावस्या तिथि आरम्भ: सितम्बर 06, 2021 दिन सोमवार को 07:40:31 से अमावस्या तिथि की शुरुआत होगी।

अमावस्या तिथि समापन: सितम्बर 07, 2021 दिन मंगलवार को 06:23:21 पर अमावस्या तिथि समाप्त होगी।

भाद्रपद अमावस्या को पिठोरी अमावस्या क्यों कहते हैं?

भाद्रपद अमावस्या को पिठोरी अमावस्या इसीलिए कहा जाता है क्योंकि इस दिन माँ दुर्गा की पूजा का भी बहुत अधिक महत्व होता है। क्योंकि पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन माता पार्वती ने इंद्राणी को इस व्रत का महत्व बताया था। इसीलिए इस दिन कुछ जगह पर विवाहित महिलाएं संतान प्राप्ति की इच्छा से और अपनी संतान के कुशल मंगल रहने के लिए व्रत भी करती है।

तो यह हैं भाद्रपद अमावस्या की तिथि और मुहूर्त से जुडी जानकारी अमावस्या के दिन पितरों की शांति के लिए पूरे मन से दान धर्म व् पूजा पाठ का काम करना चाहिए।

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