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भूत प्रेत / प्रेतबाधा से छुटकारा पाने के 10 सटीक उपाय और मंत्र

भूत प्रेत, ऊपरी हवा, साया, भूत प्रेत भगाने का मंत्र और उपाय जिससे करने से आपके ऊपर या आपके ऊपर ऊपरी हवा और भूत प्रेत भाग जायेंगे पर इन मंत्रो का जाप या उपाय आपको सच्चे मन से करना होगा

दोस्तों, आजकल के आधुनिक जमाने में भी अनेक लोग भूत, प्रेत, प्रेतबाधा, पिशाच, जिन्न आदि समस्याओं से ग्रस्त रहते है। इसकी वजह है की अगर धरती पर अच्छी शक्तियाँ है तो बुरी शक्तियाँ भी है। ऐसा माना जाता है। हिंदू धर्मं में मान्यता है कि जब किसी व्यक्ति का अंतिम संस्कार विधि विधान से नही किया जाता और उसका मरने के बाद उसका श्राद नही किया जाता है तो उसकी आत्मा भटकती रहती है। पितृ दोष भी व्यक्ति को परेशान कर सकते है।

इसलिए हर मृत व्यक्ति का अंतिम संस्कार विधि विधान से जरुर करना चाहिये। घर में इस तरह की कोई बाधा होने पर व्यक्ति को तरह तरह की अप्रिय समस्याओ का सामना करना पड़ता है। जो लोग इस समस्या से जूझते है वो ही पीढ़ा को समझ सकते है। आज के लेख में आपको भूत, प्रेत बाधा से छुटकारा पाने के 10 सटीक उपाय बतायेंगे।

राशी मंत्र का 108 बार जाप करे-

सुबह उठकर दैनिक कार्यों से निवृत हो कर स्नान कर ले। एक दोने में पान का पत्ता ले ले। 2 फूल लौंग के, 2 लाल फूल, 2 इलायची के दाने इस पर रखकर भूत प्रेत बाधा से ग्रस्त व्यक्ति की राशी के गृह स्वामी का मंत्र 108 बार जाप करे। उसके बाद उस दोने को हाथ में लेकर 7 बार मंत्र पढ़ते हुए पीढित व्यक्ति के सिर से पाँव तक नजर उतार ले। इसे बहते जल में प्रवाहित कर दे। इसे करने से भूत प्रेत बाधा खत्म हो जाएगी। आपको इसे बिना टोकते, बिना कोई बात करते  हुए करना है।

सात प्रकार का अनाज भैरों मन्दिर में रखवाये-

7 प्रकार की दाल सात छटाक (400 ग्राम), 7 प्रकार का अनाज सात छटाक (400 ग्राम), काला तिल 5 छटाक (300 ग्राम), काला उड़द 5 छटाक (300 ग्राम) और सवा गज काला नया कपड़ा ले ले। सभी सामग्री को कपड़े में बाँध ले और पीढित व्यक्ति के सर से 7 बार नजर उतार ले। और घर से दूर बने भैरव जी के मन्दिर में रखवा दे।

सड़क पर किसी चीज पर पैर न रखे-

अगर आपको सड़क या किसी चौराहे पर कोई टोटका दिखाये दे तो उससे दूर रहे। उसे पैर ने न छुये और बगल से निकल जाये। अगर आपके सामने कोई व्यक्ति सड़क पर टोटका करने जा रहा है तो आप रुक जाये। जब कोई और व्यक्ति वहां से गुजर जाये तब आप जा सकते है। आप दूसरा रास्ता भी ले सकते है।

हनुमान जी को चोला चढ़ाये-

हनुमान जी की पूजा जो लोग करते है उनको भूत प्रेत की कोई बाधा नही रहती है या दिक्कत होने पर छूट जाती है। हनुमान जी के ऐसे मंदिर में जाये जहाँ चोला चढ़ाया जाता है। प्रेत बाधा से पीढित व्यक्ति सुबह जाकर पूजा करे और हनुमान जी के चरणों से सिंदूर लेकर अपने माथे पर तिलक करे और श्री राम के नाम का जाप करते रहे। हर मंगलवार को व्रत रखे और हनुमान जी पर चोला चढ़ाये। प्रेत बाधा दूर हो जाएगी। हनुमान चालीसा का पाठ पीढित व्यक्ति रोज सुबह पूजा के वक्त करे। याद करने को भी कहे।

हनुमत मंत्र का जाप करे-

पीड़ित व्यक्ति हनुमत मंत्र –

ऊँ ऐं ह्रीं श्रीं ह्रां ह्रीं ह्रूं ह्रैं ऊँ नमो भगवते महाबल पराक्रमाय

भूत-प्रेत पिशाच-शाकिनी-डाकिनी-यक्षणी-पूतना-मारी-महामारी

यक्ष राक्षस भैरव बेताल ग्रह राक्षसादिकम्‌ क्षणेन

हन हन भंजय भंजय मारय मारय

शिक्षय शिक्षय महामारेश्वर रुद्रावतार हुं फट् स्वाहा”

का जाप दिन में 5 बार से करे। इससे शीघ्र लाभ होगा। बाधा दूर होगी

धतूरे का पेड़ जमीन में उल्टा गाड़ दे-

जिस घर में भूत प्रेत की बाधा हो उस घर के मुखिया को किसी शुभ दिन धतूरे का पेड़ किसी सुनसान जगह उल्टा करके जमीन में गाड़ देना चाहिये। पेड़ नीचे दब जाये और जड़ उपर रहे। यह उपाय करने से भूत, प्रेत बाधा नस्ट हो जाती है।

बाजरे का दलिया बनाकर चौराहे पर रखे-

इस काम को शनिवार के दिन करना है। बाजरा खरीदकर, उसे पीसकर दलिया बना ले और गुड़ डालकर पानी मिलाकर इसे अच्छी तरह से पका ले। इस बने हुए पकवान को एक मिटटी की हांडी में रख ले और सूर्यास्त होने के बाद पीढित व्यक्ति के सर के उपर से हांडी को बाये से दाये (घड़ी की विपरीत) दिशा में 7 बार घुमाये और नजर उतारे। फिर इस हांडी को लेकर किसी सूनसान चौराहे पर रख आये जहाँ पर आपको कोई देख न सके। ध्यान रहे की इस उपाय को शनिवार के दिन ही करना है। वापिस आते समय पीछे मुड़कर नही देखना है और किसी व्यक्ति से कोई बात भी नही करनी है। चुप होकर ही यह क्रिया करनी है।

अशोक पेड़ के पत्ते से पूजा करे-

जो भी व्यक्ति भूत, प्रेत, पिशाच बाधा से ग्रस्त हो अशोक के पेड़ की 5 पत्ती ले आये। उनको मंदिर में रखे और पूजा में उपयोग करे। जब ये पत्तियां सुख जाये तो उसे पीपल के पेड़ के नीचे रख दे। इस क्रिया को तब तक दोहराते रहे, जब तक समस्या खत्म न हो जाये।

ओम या रुद्राक्ष का लॉकेट गले में पहने-

साये, पिशाच, या भूत बाधा से पीढित व्यक्ति ओम या रुद्राक्ष का अभिमंत्रित (मंत्र पढ़ा गया) लॉकेट गले में धारण करे। माथे पर चंदन, भभूत या केसर का तिलक लगाये। घर के मन्दिर से लेकर मौली कलाई में बाँध ले। मंगलवार और शनिवार को हनुमान चालीसा का पाठ सुबह शाम करे। इससे बाधा दूर होगी।

मुख्य द्वार पर घोड़े की नाल लगाये-

ये उपाय भी बहुत प्रचलित है। आपने इसके बारे में जरूर सुना होगा। काले घोड़े की नाल को ले आये और घर के मुख्य द्वार पर बाहर से लगा दे। बुरी शक्तियाँ आपके घर से हमेशा ही दूर रहेंगी।

निष्कर्ष: भूत- प्रेत, पिचाश बाधा आपको बहुत अधिक परेशान कर सकती है और आपका प्राण भी संकट में पड़ सकता है। आपको कुछ चीज का ध्यान देना होगा। किसी ऐसे जगह पर मूत्र विर्सजन न करे जहाँ पर कोई मंदिर, कब्र या धार्मिक जगह होने की आशंका हो। इसके साथ की ऐसी जगह पर भ्रमण न करे जहाँ पर भूत प्रेत उतारने का काम तांत्रिक लोग करते है। या जहाँ पर किसी पशु को बली चढ़ाया जाता है। आपको पवित्र दिनों जैसे सोमवार, मंगलवार, गुरुवार, शनिवार को मांस मदिरा का सेवन नही करना चाहिये। हनुमान जी की पूजा नित्य करनी चाहिये। रात को सोते वक्त भूत- प्रेत से जुडी बातो की चर्चा क करे। हमारा लेख आपको कैसा लगा, कमेन्ट करके जरुर बताये.