Ultimate magazine theme for WordPress.

अशुभ स्वप्न के प्रभाव को कैसे खत्म करें?

अशुभ स्वप्न के प्रभाव

अशुभ स्वप्न के प्रभाव को कैसे खत्म करें? Bure Sapno ke upay, Sapno ka Matlab, अशुभ स्वप्न के प्रभाव, डरावने सपनो का फल, सपनो का शुभ अशुभ फल, बुरे सपनों के शास्त्रीय उपाय, अशुभ स्वप्न के उपाय, अशुभ सपनों के उपाय, Shubh Ashubh Sapno ka Fal, Bure Sapno ka Arth


अशुभ स्वप्न और उनके शास्त्रीय उपाय

सपने और उसके रहस्य को समझना बहुत मुश्किल होता है। अभी तक वैज्ञानिक भी इस गुत्थी को सुलझा नहीं पाए हैं। नींद के दौरान आने वाले सपनों का कारण, दिमाग के केमिकल इम्बैलेंस होता हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार, दिमाग में मौजूद केमिकल स्थिर नहीं रहते इसलिए मनुष्य को सपने आते हैं।

विज्ञान के अनुसार, सपने आने का कोई खास कारण नहीं होता। दिनभर में मनुष्य जो करता है, जो सोचता है, जो कहता है रात के समय जब बॉडी रिलैक्स होती है तो वो सभी बातें दिमाग में चलती हैं और हमें सपने आते हैं। वैज्ञानिक स्वप्न और उसके प्रभावों को नहीं मानते लेकिन हमारे शास्त्र इसके बिलकुल विपरीत तर्क देते हैं।

शास्त्रों के अनुसार

हिन्दू शास्त्रों के अनुसार, सपने आना, सपने में कोई खास दृश्य देखना, स्वप्न में कुछ करना, किसी तरह की कोई बात करना, सपने में किसी का आना यह सब व्यक्ति के वर्तमान और भविष्य में आने वाली घटनाओं का संकेत देता है। व्यक्ति के सपने बहुत कुछ कहते हैं। हमने सपने में क्या देखा, क्या सोचा, क्या महसूस किया और क्या कहा? यह सब भविष्य में हमें लाभ और नुकसान का संकेत देते हैं।

स्वप्न का शुभ-अशुभ संकेत

शास्त्रों में स्वप्न के कई शुभ-अशुभ संकेतों के बारे में बताया गया है। कुछ स्वप्न शुभ फल देते हैं तो कुछ निकट समय में होने वाली घटना का संकेत देते हैं। कई बार सपने इतने भयानक होते हैं की मनुष्य उनके दृश्य देखकर ही भयभीत हो जाते हैं। सपने में भूत, आत्मा, किसी की मृत्यु, खुद की मृत्यु या कोई भयानक दृश्य नींद से उठा देता है।

ऐसा होने पर लोग सोचने लगते हैं की सपना सच हो गया तो? जो सपने में देखा अगर वो सच में आ गया तो? क्या होगा? आदि जैसी प्रश्न मन में उठने लगते हैं। कई बार नींद से जागने के बाद भी स्वप्न याद नहीं रहता। ऐसे में मन में भय बना रहता है की सपना जीवन पर गलत असर तो नहीं डालेगा? डरने की आवश्यता नहीं है, क्यूंकि हमारे शास्त्रों में भी इसका भी उपाय दिया गया है।

बुरे सपनों का प्रभाव

स्वप्न ज्योतिषियों के अनुसार, सपने चार प्रकार के होते हैं – पहला दैविक, दूसरा शुभ, तीसरा अशुभ और चौथा मिश्रित।

  • अगर कभी आपको लगे की आपके द्वारा देखा गया स्वप्न अनिष्टकारी सिद्ध होगा या भविष्य में कोई नुकसान पहुंचाएगा तो भगवान शिव की पूजा करनी चाहिए। इससे स्वप्न का अशुभ फल खत्म हो जाएगा।
  • यदि सपना बहुत डरावना और रात के 12 से 2 बजे के बीच देखा जाए तो शिव जी का नाम स्मरण करना चाहिए। शिव जी के बीज मंत्र “ॐ नमः शिवाय” का जाप करना चाहिए और फिर सोना चाहिए। इसके बाद ब्रह्ममुहूर्त में जागकर स्नान करके शिवमंदिर में जाकर जल चढ़ाना चाहिए और पुजारी को दान करना चाहिए। इससे संकट टल जाएगा।
  • अगर सुबह के 4 बजे कोई अशुभ स्वप्न दिखे तो प्रातःकाल उठकर बिना किसी से कुछ कहे, बिना कुछ बोले तुलसी के पौधे से पूरा स्वप्न कह दें। कोई नुकसान नहीं होगा।
  • रात के किसी भी प्रहर में कोई डरावना स्वप्न आए तो तुरंत हनुमान चालीसा का पाठ करने लगे। अगर ये संभव ना हो तो भगवान हनुमान का नाम लेने लगे। इससे सपनों का नुकसान नहीं होगा और सपने के डर से बाहर आने में मदद मिलेगी।
  • अगर कोई बुरा सपना दिखाई दे और घर में तुलसी का पौधा नहीं है तो सुबह उठकर सफ़ेद कागज पर स्वप्न को लिखें और फिर उसे जला दें। राख को नाली में पानी डालकर बहा दें। उसके बाद स्नान करके ॐ नमः शिवाय मंत्र का जप करें।
  • सपने में अशुभ घटनाएं देखने पर सुबह उठने के बाद इष्ट देव की पूजा करें और गाय व् कुत्ते को मीठी रोटी खिलाएं। अशुभ स्वप्न को प्रभाव को दूर करने के लिए महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना भी लाभदायक होता है।
  • अशुभ स्वप्न और उनके प्रभावों से बचने के लिए सिरहाने के नीचे तीन मोरपंख रखें।
  • बुरा सपना देखने पर यदि रात में ही किसी को सपना बता दें तो उस सपने से मिलने वाला अशुभ फल नष्ट हो जाता है।
  • ज्योतिष के अनुसार, अगर चौथे प्रहर यानी सुबह के समय कोई बुरा / डरावना सपना दिखे तो इन उपायों को तुरंत करना चाहिए क्यूंकि चौथे प्रहर का स्वप्न तुरंत फल देता है। इसलिए ध्यान रखें।

ये कुछ शास्त्रीय उपाय हैं जिन्हे करके अशुभ सपनों के प्रभावों से बचा जा सकता है। अगर स्वप्न दिखने के बाद इन उपायों को कर लिया जाए तो स्वप्न निष्फल हो जाता है और उसका कोई प्रभाव नहीं होता।