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पूजन विधि

Chhath Puja Kartik 2018, छठ पूजा 2018 कब है?

Chhath Puja Vidhi, Chath Puja Dates 2018, Chhath Kab hai, छठ २०१८, षष्ठी छठ, छठ पूजा 2018 की तारीख, कब है छठ, पहला अर्ध्य कब है, लोहंडा कब है, खरना कब है, तिथि छठ पूजा की, 2018 छठ पूजा की जानकारियां हिंदी में छठ महोत्सव 2018, Chhath Festival 2018 Chhath Puja Date Kartik 2018 : (कार्तिक माह छठ पूजा तिथि ) छठ हिन्दुओं के प्रमुख पर्वों में से एक है। जिसे देश के विभिन्न भागों में बड़ी श्रद्धा-भाव के साथ इस महापर्व छठ पूजा को मनाया जाता है। मुख्य रूप से यह पर्व सूर्य देव की उपासना के लिए मनाया जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार,…

तुलसी पूजा के नियम : घर में तुलसी है तो जरूर करें इन नियमों का पालन

तुलसी पूजा के नियम, तुलसी की पूजा कैसे करें, तुलसी की पूजा किस तरह करनी चाहिए, रविवार को तुलसी पूजा, तुलसी पूजा कब है, तुलसी की पूजा क्यों की जाती है, तुलसी की पूजा करने के फायदे, तुलसी को जल देने की विधि, रविवार को तुलसी में पानी क्यों नहीं देना चाहिए, Dainik Tulsi Puja Ke Niyam, Tulsi Pooja ke Niyam, Kaise Kare Tulsi Puja, Tulsi Puja Ki Vidhi तुलसी पूजा के नियम और पूजा विधि प्राचीन काल से ही घर के आँगन में तुलसी पूजन की परंपरा रही है। फिर चाहे वो किसी राजा का घर हो या किसी गरीब का। घर में तुलसी का पौधा रखना केवल धार्मिक…

शिवलिंग की पूजा कैसे करें

शिवलिंग दो शब्दों से मिलकर बना है शिव और लिंग। शिव का अर्थ होता है परम कल्याणकारी और लिंग का अर्थ होता है निर्माण या सृजन। शिव, भोलेबाबा, देवो के देव, भोलेशंकर, और भी कितने नाम से इन्हे जाना जाता है। भोलेबाबा को वेदो में रूद्र के नाम से पुकारा जाता है। शिव के मस्तक में चंदा तो जटाओं में गंगा मइयां का वास है। एक बार भोलेबाबा ने विष का पान भी जन कल्याण हेतु किया था। जिसे पीने के बार उनका कंठ विष के प्रभाव से नीला पड़ गया था इसीलिए इन्हे नीलकंठ भी कहा जाता है। भोलेबाबा रूद्र और सौम्य दोनों ही रूपों में विराजमान है इसीलिए इनका…

गुप्त नवरात्रि शुभ मुहूर्त 2018, पूजा विधि और महत्व

Gupt Navratri 2018 : आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि की माँ दुर्गा को समर्पित गुप्त नवरात्रि प्रारंभ हो रही है। ऐसे तो साल में चार बार नवरात्रि का पर्व मनाया जाता है लेकिन उनमे से 2 बड़े पैमाने पर मनाई जाती है और 2 गुप्त रूप से। गुप्त नवरात्रि में से एक चैत्र नवरात्रि से पूर्व मनाई जाती है और एक शारदीय नवरात्रि से पूर्व। शारदीय नवरात्रि से पूर्व मनाई जाने वाली नवरात्रि को आषाढ़ की नवरात्रि कहा जाता है। गुप्त नवरात्रि - आषाढ़ नवरात्रि 2018 13 जुलाई 2018 से 21 जुलाई 2018 तक  2018 में आषाढ़ की गुप्त नवरात्रि 13 जुलाई…

संध्या के समय घर में दीपक जलाने और पूजा पाठ के फायदे

हमारे देश में कई धर्मों को मानने वाले लोग रहते है और सभी धर्मों में पूजा करने के अपने अपने नियम है। हिन्दू धर्म में तो दीपक जलाने का एक महत्वपूर्ण स्थान है। बिना दीपक जलाये पूजा अधूरी मानी जाती है। पूजा का पूरा फल पाने के लिए हमें पूरे विधि विधान के साथ पूजा करनी चाहिए और दीपक अवश्य जलाना चाहिए क्योकि दीपक पूजा स्थल को पवित्र करता है। हमारे देश में सुबह शाम लोग पूजा पाठ करते है। सुबह तो पूजा सभी लोग करते है, पर शाम को करने के भी अनेक फायदे है। आमतौर पर लोग घी और सरसों के तेल का दीपक जलाते है। शाम को दीपक जलाना काफी शुभ माना…

वट सावित्री (वर पूजा) पूजा की थाली में क्या क्या रखें, पूजन सामग्री वट सावित्री

वट सावित्री व्रत हिन्दू धर्म के महत्वपूर्ण व्रतों में से एक है जिसे सौभाग्य और संतान की प्राप्ति के लिए किया जाता है। वट सावित्री व्रत स्त्रियाँ अपने पति की लंबी आयु और संतान के कुशल भविष्य के लिए रखती है।वट सावित्री व्रत 2018 वर्ष 2018 में वट सावित्री व्रत 15 मई 2018, मंगलवार के दिन किया जाएगा। अमावस्या तिथि का आरंभ 14 मई 2018, सोमवार को 19:46 से होगा।  जिसका समापन 15 मई 2018, बुधवार को 17:17 पर होगा।वट सावित्री पूजा की थाली वट सावित्री व्रत में पूजन सामग्री और पूजा की थाली सजाने के पहले से ही ध्यान…

अष्टमी पूजन 2018 : ऐसे तैयारी और पूजन करें क्या खास है 25 मार्च 2018 को?

माँ दुर्गा का पूजन आपलोग बड़े ही श्रधा भाव से कर रहे होंगे। माता रानी आपकी मनोकामना जरुर पूरी करेंगी। नवरात्री में जो सबसे इंतज़ार करने का जो दिन होता है वो है पहला पूजा यानी की कलश स्थापना और फिर अष्टमी को क्योंकि इस दिन कुंवारी कन्या को भोजन कराते हैं और पूजन करते हैं। इसका  कारण होता है कई भक्त पहली पूजा को व्रत रखते हैं और फिर सप्तमी को व्रत रख कर अष्टमी पूजा पाठ कर पारण करते हैं। इस लिए पहला पूजा और अष्टमी ये दोनों दिन नवरात्री के लिए बहूत खास होता है। दुसरा खास होने का कारण ये होता है की जो भक्त अष्टमी को व्रत करते हैं…