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चातुर्मास 2019 कब से कब तक है? चातुर्मास में क्या करें क्या नहीं?

Chaturmas 2019 Date

धार्मिक शास्त्रों के अनुसार, चातुर्मास साल के उन चार माहों की अवधि होती है जिनमे किसी भी तरह के शुभ कार्यों को करना वर्जित होता है। इन चार महीनों में किसी  तरह के कोई भी मांगलिक कार्य नहीं किये जाते हैं। व्रत, त्यौहार और भक्ति के इन चार महीनों को हिन्दू धर्म में बहुत खास माना जाता है।

चातुर्मास क्या है?

चरमास जिसे चातुर्मास भी कहा जाता है का अर्थ होता है 4 महीने। जिसका देवताओं के पूजन से खास संबंध है।

चातुर्मास कब शुरू होता है?

हिन्दू कैलेंडर के अनुसार, चातुर्मास का आरंभ आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की देवशयनी एकादशी से होता है। और आने वाले चार महीने सावन, भाद्रपद, आश्विन और कार्तिक तक रहता है। 

चातुर्मास कब समाप्त होता है?

आषाढ़ से शुरू होकर कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की देवउठनी एकादशी को चातुर्मास समाप्त होता है। जिसके बाद एक बार फिर सभी मांगलिक कार्य शुरू हो जाते हैं।

इन चार महीनों की अवधि में भगवान् श्री नारायण का पूजन किया जाता है। जैन, बौद्ध और हिन्दू धर्म के लोग चातुर्मास को मानते हैं और इसके नियमों का विधिवत पालन भी करते हैं।

चातुर्मास का महत्व

आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी से लेकर कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तक चातुर्मास होता है। और इन चार महीनों के लिए सभी शुभ और मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाती है। शास्त्रों के अनुसार, देवशयनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु क्षीर सागर में शयन के लिए चले जाते हैं और देवउठनी एकादशी के दिन जागते हैं। इसलिए कहा जाता है की चार महीनों के लिए देव सो गए।

चातुर्मास में क्या नहीं करें?

हिन्दू धर्म के नियमानुसार, चार माह की अवधि में किसी भी तरह के मांगलिक कार्य जैसे विवाह, सगाई, गृह प्रवेश, नया काम शुरू करना, मुंडन, तिलक, शगुन आदि कार्यों को नहीं करना चाहिए। माना जाता है इस समय किये गए विवाह सफल नहीं होते और रिश्ते ज्यादा दिन तक नहीं टिकते। क्यूंकि विवाह के दौरान भगवान विष्णु के शालिग्राम रूप की पूजा की जाती है।

चातुर्मास में क्या करें?

चार महीनों की इस अवधि में भगवान के पूजन का विशेष फल होता है। सावन के महीने में भगवान शिव की आराधना, भाद्रपद में श्री कृष्ण की, भाद्रपद में पितरों की पूजा, आश्विन में माँ भगवती की पूजा और कार्तिक के महीने में विष्णु प्रिय लक्ष्मी और गणेश का पूजन विशेष फलदायी होता है।हिन्दू धर्म में इन चार महीनों को अशुभ माना जाता है लेकिन अगर गौर किया जाए तो हिन्दू धर्म के सभी बड़े पर्व इसी अवधि में मनाए जाते हैं। जैसे – 

  • गुरु पूर्णिमा
  • हरियाली तीज
  • नाग पंचमी
  • कृष्ण जन्माष्टमी
  • कजरी तीज
  • रक्षा बंधन
  • गणेश चतुर्थी
  • शारदीय नवरात्रि
  • दुर्गा पूजा
  • करवा चौथ
  • धनतेरस
  • नरक चतुर्दशी
  • दिवाली
  • गोवेर्धन पूजा
  • भाई दूज
  • छठ पूजा

चातुर्मास 2019 कब से कब तक है?

Chaturmas Date 2019 : चातुर्मास कितनी तारीख से लग रहा है?

चातुर्मास का आरंभ = 12 जुलाई 2019, शुक्रवार को देवशयनी एकादशी से होगा।
चातुर्मास का समापन = 8 नवंबर 2019, शुक्रवार को देवउठनी एकादशी को होगा।

सावन, भाद्रपद, आश्विन और कार्तिक चार महीनों के लिए शुभ कार्य नहीं किये जाएंगे।

हिन्दू धर्म के अनुसार,देवशयनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु आने वाले 4 महीनों के लिए योगनिद्रा में चले जाते हैं। जिसके बाद देवउठनी एकादशी के दिन तुलसी विवाह के साथ जागते हैं। और इसी के साथ शुभ और मांगलिक कार्य भी आरंभ हो जाते हैं।