दिवाली पूजा विशेष मुहूर्त 2018, लक्ष्मी पूजा का मुहूर्त दिवाली की विशेष पूजा के लिए

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दीपावली हिन्दुओं के महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है जिसे कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या को मनाया जाता है। पंचांग के अनुसार अमावस्या में प्रदोष काल, स्थिर लग्न समय में श्री महा लक्ष्मी जी का पूजन करना बहुत शुभ होता है। यहाँ हम दीवाली 2018 पूजा शुभ मुहूर्त, लक्ष्मी पूजन मुहूर्त और दीवाली पूजन का शुभ समय बता रहे हैं।

दिवाली 2018 कब है?

इस साल 2018 में दीपावली 7 नवंबर 2018 बुधवार को है। इस दिन अमावस्या तिथि रात में 09:32 मिनट तक रहेगी और 09:32 के बाद प्रतिपदा तिथि आरंभ हो जाएगी। स्वाति नक्षत्र रात्रि में 07:37 बजे तक रहेगा और उसके बाद विशाखा नक्षत्र आरंभ हो जाएगा।

दीपावली मुहूर्त २०१८

दिवाली के दिन आयुष्मान योग शाम 05:57 बजे तक रहेगा और उसके बाद सौभाग्य योग प्रारंभ हो जाएगा।

2018 दीवाली अभिजीत मुहूर्त

इस दिन अभिजीत मुहूर्त 11:19 बजे से 12:03 बजे तक रहेगा और महानिशीथकाल रात्रि में 11:14 बजे से 12:06 बजे तक रहेगा। दिवाली के दिन स्थिर लग्न में पूजा करना शुभ होता है। कहते हैं स्थिर लग्न में माँ लक्ष्मी का पूजन करने से लक्ष्मी माँ सदैव के लिए घर में विराजमान हो जाती है। दिवाली के दिन पहला स्थिर लग्न “वृश्चिक” 06:56 बजे से 09:13 बजे तक होगा। इस लग्न से ग्रहों की स्थिति विशेष प्रभावी नहीं है।

दूसरे भाव में शनि, चतुर्थ में मंगल, नवम में राहु और द्वादश भाव में सूर्य चंद्र की स्थिति पूज्य है। लग्न में बुध-गुरु, तीसरे में केतु, बारहवें भाव में स्वगृही शुक्र शुभ है। इस लग्नावधि में लाभ की चौघड़िया 07:35 बजे तक रहेगी और उसके बाद 08:57 बजे तक अमृत की चौघड़िया मिलेगी। चंद्रमा का होरा काल भी मिलेगा।

इन सभी के समन्वित बेला में अशुभ ग्रहों का दानोपाय करके पुरे साल स्थिर लक्ष्मी, व्यवसायिक सफलता के लिए खाता बसना पूजन, नए काम काज, व्यापार, और उद्योग की स्थापना करना शुभ होगा।

दिवाली शुभ लग्न और चौघड़िया 

द्विस्वभाव लग्न धनु 09:13 बजे से 11:18 बजे तक रहेगा। इस लग्न में टस्सरे भाव में मंगल, अष्टम में राहु, लाभ स्थान में स्वग्रही शुक्र के साथ सूर्य-चंद्र की स्थिति शुभ है। लग्न में शनि, बारहवे में बुध के साथ लग्नेश गुरु की स्थिति पूजन के लिए उपयुक्त है। शुभ की चौघड़िया 10:19 बजे से 11:41 बजे तक रहेगी।

गुरु के होराकाल, शुभ की चौघड़िया के समन्वित बेला में पूज्य ग्रहों का दान उपाय करने से साल भर स्थिर लक्ष्मी की प्राप्ति, व्यवसायिक सफलता के लिए खाता बसना पूजा, वाणिज्य कार्यों को बढ़ाना शुभ होगा। सिद्ध मुहूर्त में लग्न शुद्धि का विचार करने की आवश्यकता नहीं है इसके लिए अभिजीत मुहूर्त शुभ है।

स्थिर लग्न कुंभ 13:04 बजे से 14:35 बजे तक रहेगा। लग्न में मंगल, शत्रुभाव में राहु, भाग्यभाव सूर्य-चंद्र-शुक्र और व्यापार भाव में गुरु की स्थिति लाभकारी है। शनि की दृष्टि लग्न पर पड़ रही है जो शुभ है। लाभ स्थान में शनि लाभकारी है। बुध के होरा काल के समन्वित बेला में गणेश-लक्ष्मी-इंद्र कुबेर का पूजन करना, खाता पूजन करना शुभ रहेगा।

द्विस्वभाव लग्न मीन 14:35 बजे से 16:03 बजे तक रहेगा। प्रदोष बेला में मुहूर्त करने वालों के लिए लाभ और अमृत की चौघड़िया 15:48 बजे से 18:48 बजे तक गणेश लक्ष्मी पूजन करना शुभ है। इस साल स्थिर लग्न वृष से ग्रहों की स्थिति शुभ नहीं है। शुभ की चौघड़िया 20:26 बजे से 22:04 बजे तक रहेगी। इस लग्न से पांचवे भाव में सूर्य-चंद्र-शुक्र, आठवें भाव में केतु, भाग्यस्थान में मंगल की स्थिति शुभ है। शनि की दृष्टि लाभ भाव में पड़ रही है। अशुभ ग्रहों का दान उपाय करके शुभ की चौघड़िया और बुध चंद्र के होराकाल के समन्वित बेला पुरे साल स्थिर लक्ष्मी की प्राप्ति के लिए दिवाली पूजन करना श्रेष्ठ रहेगा। महानिशीथ काल 23:14 बजे से 24:06 बजे तक रहेगा। सिद्ध मुहूर्त में लग्न शुद्धि विचार करने की आवश्यकता नहीं है। इस मुहूर्त में पूजन शुभ रहेगा और साल भर लक्ष्मी की प्राप्ति होती रहेगी।