Take a fresh look at your lifestyle.

रोजे इफ्तार की दुआ, Dua for Iftar in Hindi, Roza Iftar Duwa

Dua for Iftar and Sehri in Ramadan, Sehri Dua, Iftar Dua, Dua for fasting Ramadan Dua for breaking a fast (Iftar ki Dua | Iftar Dua), Roze ki Dua, Iftar ki Duwa in Hindi रोजे इफ्तार की दुआ

रोजे में इफ़्तार की दुआ हिंदी में, रोजे इफ्तार की दुआ, iftar ki dua hindi, iftar ki dua hindi me, iftar ki dua urdu, iftar dua in english, sehri aur iftar ki dua, sehri ki dua in hindi, iftar dua in hindi, sehri ki dua hindi me


हर प्रकार की प्रशंसा और गुणगान केवल अल्लाह के लिए योग्य है।

दुआ, इफ्तार से पहले सूर्यास्त के समय होगी ; क्योंकि उस समय विनीतता और विनम्रता एकत्रित होती और वह रोज़ेदार होता है, और ये सब (तत्व) दुआ के क़बूल होने के कारणों में से हैं, जहाँ तक इफ्तार के बाद दुआ का संबंध है तो उस समय दिल को आराम मिल जाता है और वह खुश हो जाता है और संभवतः वह गफलत का शिकार हो जाता है। किंतु नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम से एक दुआ वर्णित है जो यदि सही (प्रमाणित) है तो वह इफतार के बाद ही होगी, और वह यह है :

ذَهَبَ الظَّمَأُ وَابتَلَّتِ العُروقُ ، وَثَبَتَ الْأجْرُ إِنْ شَاءَ اللهُ

“ज़हा-बज़्ज़मा-ओ वब्ब-तल्लतिल उरूक़ो व सबा-तल अज्रो इन-शा-अल्लाह”

प्यास चली गई, रगें तर हो गईं, और अज्र व सवाब पक्का हो गया, यदि अल्लाह तआला ने चाहा।

(इसे अबू दाऊद ने रिवायत किया है और अल्बानी ने सहीह सुनन अबू दाऊद (2066) मे हसन कहा है।)

तो यह दुआ इफतार के बाद ही होगी, इसी तरह कुछ सहाबा से यह दुआ वर्णित है :

اللهم لك صمت وعلى رزقك أفطرت

“अल्लाहुम्मा लका सुम्तो व अला रिज़किक़ा अफ्तरतो”

ऐ अल्लाह ! मैं ने तेरे ही लिए रोज़ा रखा, और तेरी ही प्रदान की हुई रोज़ी पर रोज़ा खोला।


रोजा रखने और खोलने की दुआ, इंग्लिश और उर्दू में यहाँ क्लिक करें