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एकादशी का व्रत कैसे करें? एकादशी व्रत करने के फायदे

एक महीने में दो बार एकादशी आती है एक एकादशी शुक्ल पक्ष में आती है और एक एकादशी कृष्ण पक्ष में आती है। एकादशी के दिन कुछ लोग व्रत भी करते हैं क्योंकि एकादशी का व्रत बहुत ही श्रेष्ठ और पुण्य वाला माना जाता है। ऐसा माना जाता है की एकादशी का व्रत रखने से आपको जन्म मरण के चक्र से मुक्ति मिलती है। साल भर में आने वाली सभी एकादशी के नाम अलग अलग होते हैं और केवल एकादशी के नाम ही अलग नहीं होते हैं बल्कि हर एक एकादशी का महत्व भी अलग अलग होता है।

साल भर में आने आने वाली एकादशी के नाम कुछ इस प्रकार हैं कामदा एकादशी, वरुथिनी एकादशी, मोहिनी एकादशी, अपरा एकादशी, निर्जला एकादशी, योगिनी एकादशी, देवशयनी एकादशी, कामिका एकादशी, पुत्रदा एकादशी, अजा एकादशी, परिवर्तिनी एकादशी, इंदिरा एकादशी, पापांकुशा एकादशी, रमा एकादशी, देव प्रबोधिनी एकादशी, उत्पन्ना एकादशी, मोक्षदा एकादशी, सफला एकादशी, षटतिला एकादशी, जया एकादशी, विजया एकादशी, आमलकी एकादशी, पापमोचिनी एकादशी, पद्मिनी एकादशी, परमा एकादशी।

इन सभी एकादशी का महत्व अलग अलग होता है। तो आइये अब इस आर्टिकल में हम आपको एकादशी व्रत के बारे में कुछ बातें बताने जा रहे हैं, जैसे की किस एकादशी से एकादशी व्रत रखने की शुरुआत करनी चाहिए, एकादशी का व्रत रखने के क्या नियम होते हैं, एकादशी व्रत कैसे रखा जाता है, इस व्रत को रखने के क्या फायदे हैं, साथ ही एकादशी रखने का क्या महत्व होता है। सबसे पहले एकादशी व्रत को रखने के महत्व के बारे में जानते हैं।

एकादशी व्रत रखने का क्या महत्व हैं?

पौराणिक कथाओं के अनुसार ऐसा बताया गया है की एक बार द्वापर युग के समय युधिष्ठिर ने भगवान श्री कृष्ण से पूछा कि हे माधव, आप ऐसा कोई मार्ग बताइए जिससे हमे समस्त दुखों और त्रिविध तापों से मुक्ति मिल जाए, ऐसा मार्ग बताइए जिससे हजारों यज्ञों के अनुष्ठान के समान पुण्यदायी फल प्राप्त हो और जिस व्रत को करने से इस जन्म मरण के चक्र से मुक्ति मिल जाए तब युधिष्ठिर के सवाल का जवाब देते हुए श्री कृष्ण ने पांडवों को एकादशी व्रत को विधिवत रहने की सलाह दी थी।

एकादशी व्रत की शुरुआत कौन सी एकादशी से करना सबसे उत्तम होता है?

अकसर देखा जाता है की जब भी किसी व्रत की शुरुआत की बात होती है तो सब शुक्ल पक्ष देखते हैं और व्रत आरम्भ कर देते हैं। वैसे ही अधिकतर लोग शुक्ल पक्ष में आने वाली किसी भी एकादशी से एकादशी व्रत करना शुरू कर देते हैं। जबकि एकादशी व्रत की शुरुआत की यदि बात की जाये तो एकादशी का व्रत आपको उत्पन्ना एकादशी से करना शुरू करना चाहिए इस दिन से एकादशी व्रत की शुरुआत करना सबसे उत्तम माना जाता है।

ऐसे रखें एकादशी व्रत?

  • व्रत रखने वाले व्यक्ति के लिए यह व्रत दशमी तिथि से ही शुरू हो जाता है और द्वादशी तिथि तक यह व्रत चलता है।
  • इस व्रत को रखने के लिए आप दशमी तिथि को सूर्यास्त से पहले ही भोजन कर लें।
  • हो सके तो इस व्रत में आपको बेड पर सोने की जगह नीचे बिस्तर लगाकर सोना चाहिए।
  • एकादशी के दिन सुबह समय से उठकर नहा धोकर साफ़ कपडे पहनकर तैयार हो जाना चाहिए और मंदिर में पूजा पाठ करते हुए भगवान् विष्णु की आराधना करनी चाहिए साथ ही एकादशी व्रत कथा का पाठ करना चाहिए।
  • व्रत के दिन आपको नमक का सेवन नहीं करना चाहिए।
  • साथ ही व्रत के दिन आपको अन्न भी नहीं खाना चाहिए आप चाहे तो फलाहार का सेवन कर सकते हैं।
  • उसके बाद द्वादशी के दिन सुबह नहा धोकर आप किसी ब्राह्मण को भोज करवाएं या दाल चावल व् अन्य चीजों का दान करके इस व्रत का पारण कर सकते हैं।

 

एकादशी का व्रत करने से कौन से फायदे मिलते हैं

जो लोग एकादशी का व्रत करते हैं उन्हें यह व्रत करने से एक नहीं बल्कि बहुत से फायदे मिलते हैं और भगवान् विष्णु की कृपा उनपर बरसती है। तो आइये अब जानते हैं की एकादशी व्रत रखने के क्या फायदे हैं।

  • व्रत करने से आपके पापों का नाश होता है आपको पुण्य की प्राप्ति होती है।
  • आपके सभी संकटों को दूर होने में मदद मिलती है।
  • एकादशी व्रत रखने से आपको मोक्ष की प्राप्ति होती है और आपको मोह माया के बंधनों से दूर होने में मदद मिलती है।
  • पुत्र प्राप्ति होने में मदद मिलती है साथ ही पुत्र की लम्बी आयु और उसकी जिंदगी में आने वाले संकटों को दूर करने में मदद मिलती है।
  • एकादशी व्रत करने से सुख और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है।
  • यह व्रत करने से दुर्भाग्य, दरिद्रता, आदि से आपको बचे रहने में मदद मिलती है।
  • शत्रुओं से बचे रहने और उनका नाश करने के लिए एकादशी का व्रत करना बहुत ही उत्तम माना जाता है।
  • एकादशी का व्रत रखने से आपको भूत, पिशाच, राक्षस योनि से छुटकारा पाने में मदद मिलती है।
  • यह व्रत रखने से धन, वैभव, कीर्ति की प्राप्ति होती है।
  • यदि एक लाइन में कहा जाये तो एकादशी का व्रत वो व्रत है जो आपके जीवन को सरल और उत्तम बनाने में मदद करता है और आपकी सभी इच्छाओं की पूर्ति में आपकी मदद करता है।

तो यह है एकादशी व्रत रखने के फायदे और एकादशी व्रत रखने से जुडी अन्य जानकारी, यदि आप भी यह व्रत करना चाहते हैं तो कर सकते हैं क्योंकि यह व्रत बहुत अधिक फल देने वाला को आपको शांति देने वाला होता है।

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