Ultimate magazine theme for WordPress.

घर में रोजाना पूजा-पाठ करने के क्या-क्या फायदे होते हैं?

घर में रोज पूजा-पाठ करने के फायदे

घर में रोज पूजा-पाठ करने के नियम, घर के मंदिर में पूजा-पाठ करने के फायदे, घर में रोज पूजा करने से क्या लाभ होते हैं, Ghar Me Puja Ke Fayde, पूजा के नियम, पूजा करने के फायदे, घर के मंदिर में पूजा-पाठ, घर में पूजा के फायदे, Ghar me puja ke niyam, Puja-Path ke niyam in hindi


घर के मंदिर में पूजा-पाठ

हिन्दू धर्म में पूजा-पाठ करने का खास महत्व बताया गया है। इसलिए हर घर में छोटा हो या बड़ा मंदिर अवश्य होता है। घर के जिस हिस्से में मंदिर की स्थापना की जाती है वहां भगवान् का वास होता है।

शास्त्रों के अनुसार, घर के मंदिर में रोजाना पूजा-पाठ करने के बहुत से फायदे होते हैं। क्यूंकि यह ना सिर्फ घर के लिए सुरक्षा कवच का काम करता है बल्कि परिवार के सदस्यों को आने वाले कष्टों से भी बचाता है। घर में रोजाना पूजा-पाठ करना बहुत शुभ और फलदायी बताया गया है।

घर में पूजा-पाठ करने के नियम

हिन्दुओं शास्त्रों के मुताबिक, देवी-देवताओं से जुड़े सभी कार्यों को नियम से किया जाना आवश्यक होता है फिर चाहे वो पूजा-पाठ हो या हवन। यहाँ हम घर में पूजा-पाठ के कुछ नियम बता रहे हैं।

घर में पूजा का पहला नियम 

वास्तु के अनुसार, घर का मंदिर पूर्व-उत्तर दिशा में सबसे शुभ माना गया है। इस स्थान पर मंदिर होने से परिवार के सदस्यों को शांति, प्रसन्नता, सुख, धन, सम्पदा, ऐश्वर्य और स्वास्थ्य का लाभ प्राप्त होता है।

घर में पूजा का दूसरा नियम 

मंदिर में देवी-देवताओं की प्रतिमा / मूर्ति को इस तरह से स्थापित करना चाहिए की पूजा करते समय हमारा मुंह उत्तर या पूर्व दिशा की ओर हो।

घर में पूजा का तीसरा नियम 

देवी-देवताओं की मूर्ति हमेशा छोटी और हल्की होनी चाहिए। ज्यादा बड़ी मूर्ति रखना घर के मंदिर के लिए शुभ नहीं होता। इसके अलावा अगर मंदिर में कोई मूर्ति खंडित हो गयी है या कोई फोटो बहुत पुरानी हो गयी है तो उसे मंदिर से हटा देना चाहिए। क्योंकि हिन्दू धर्म में खंडित मूर्तियों का पूजन करना शुभ नहीं माना जाता।

घर में पूजा का चौथा नियम 

मंदिर में मौजूद किसी भी भगवान् का चेहरा ढका हुआ नहीं होना चाहिए। अगर आप चुन्नी या फूल-माला पहनाए हुए हैं तो भी ध्यान रखें की भगवान का चेहरा स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा हो।

घर में पूजा का पांचवा नियम 

मंदिर को हमेशा साफ़-सुथरे और रौशनी वाले स्थान पर रखना चाहिए। जिन लोगों के यहाँ मंदिर हमेशा गन्दा, बिखरा हुआ और अंधेरे में रहता है उनके यहाँ हमेशा दुःख, दरिद्रता, आर्थिक परेशानी और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं होती रहती हैं।

घर में पूजा का छठा नियम 

अपने घर के रसोईघर में कभी भी मंदिर नहीं बनाना चाहिए। ऐसा करने से परिवार के सदस्यों को असफलता झेलनी पड़ती है और परिवार का कोई सदस्य गंभीर स्वास्थ्य परेशानी से पीड़ित रह सकता है। इसलिए रसोईघर में मंदिर भूलकर भी नहीं बनाएं।

घर में पूजा का सातवां नियम 

मंदिर में सुबह और शाम पूजा करते समय घंटी अवश्य बजाएं। ऐसा करने से नकारात्मकता समाप्त होती है और घर में सकारत्मकता का वास होता है।

घर में पूजा का आठवां नियम 

अगर आपके घर में तुलसी का पौधा है तो मंगलवार, शुक्रवार, रविवार, अमावस्या, पूर्णिमा, एकादशी, रात और सूर्य ढलने के बाद तुलसी के पत्ते ना तोड़े। तुलसी के पत्ते और गंगाजल कभी भी बासी नहीं होती। इसके अलावा किसी भी तरह के बासी सामान का प्रयोग पूजा घर में नहीं करें।

घर में पूजा का नौवां नियम 

मंदिर में चमड़े से बनी वस्तुएं जैसे – चप्पल, जूते, बेल्ट, पर्स, बैग आदि लेकर नहीं जाएं। क्यूंकि चमड़े को शुद्ध नहीं माना जाता। और इन्हे मंदिर में ले जाने से मंदिर भी अशुद्ध हो जाता है।

घर में पूजा का दसवां नियम 

रात को सोने से पहले घर के मंदिर में पर्दा अवश्य लगाएं। ताकि भगवान के विश्राम में कोई बाधा नहीं आएं। यह सब कुछ खास नियम हैं जिन्हे घर के मंदिर में पूजा-पाठ करते समय ध्यान रखना चाहिए।

घर के मंदिर में पूजा-पाठ करने के क्या फायदे होते हैं?

मंदिर को घर का सबसे पवित्र और शांत हिस्सा कहा जाता है। घर के जिस हिस्से में मंदिर होता है उस हिस्से में अलग ही ऊर्जा महसूस करने को मिलती है। ऐसे में उस स्थान पर रोजाना पूजा-पाठ के कई फायदे होते हैं जिनके बारे में हम आपको बता रहे हैं।

  • रोजाना घर में पूजा-पाठ करने से घर की नकारात्मकता दूर होती है और सकारात्मक ऊर्जा आती है।
  • रोज पूजा करने से परिवार में धन सम्पदा बनी रहती है और कभी आर्थिक तंगी नहीं आती।
  • रोजाना पूजा करने से परिवार के सभी सदस्य स्वास्थ्य संबंधी बिमारियों से दूर रहते हैं।
  • नियमित रूप से पूजा-पाठ करने से परिवार में शांति, प्रसन्नता, सुख और ऐश्वर्य प्राप्त होता है।
  • रोजाना पूजा करने से हर कार्य में सफलता मिलती है।
  • रोज पूजा करने में घर में कभी दरिद्रता, दुःख और परेशानियां नहीं रहती।
  • पूजा करने से व्यक्ति का मन शांत और एकाग्र होता है।
  • घर में रोज पूजा-पाठ करने के परिवार पर संकट नहीं आते और अगर आते भी हैं तो कुछ ही पलों में समाप्त हो जाते हैं।

इसीलिए हिन्दू शास्त्रों में रोजाना घर के मंदिर में पूजा करने का नियम बनाया गया है। ताकि मनुष्य अपने जीवन की परेशानियों से मुक्ति पा सके और सफलता प्राप्त कर सके।