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गोवर्धन पूजा 2018 : गोवर्धन (अन्नकूट) पूजा का शुभ समय, गोवर्धन पूजा का महत्व

गोवर्धन पूजा 2018

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दिवाली का पवन पर्व पांच दिनों का पर्व कहा जाता है। जिसमे हिन्दू धर्म के बड़े त्यौहार मनाए जाते है। गोवेर्धन पूजा (अन्नकूट पूजा) भी उन्ही में से एक है। दिवाली के अगले दिन गोवर्धन पूजा मनाई जाती है। यानी कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को अन्नकूट पूजा होती है। जिसमे भगवान गिरिराज (पर्वत) को प्रसन्न करने के लिए पूजन किया जाता है और अन्नकूट का भोग लगाया जाता है।

गोवेर्धन पूजा

गोवर्धन पूजा की शुरुवात भगवान कृष्ण ने द्वापर युग से की थी। हिन्दू मान्यताओं के अनुसार, इंद्र देव के प्रकोप से बचने के लिए भगवान श्री कृष्ण ने अपनी चुटकी ऊँगली पर गोवर्धन पर्वत को उठा लिया था। और गोवर्धन पर्वत ने सभी की रक्षा की थी। तभी से कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को गोवर्धन पूजा मनाई जाने लगी।

इस दिन आँगन में गोबर से गोवर्धन बाबा की आकृति बनाई जाती है और उसका पूजन किया जाता है। पूजन के पश्चात् गोवर्धन बाबा की परिक्रमा की जाती है और अन्नकूट का भोग लगाया जाता है। गोवर्धन पूजा केवल घर के पुरुष करते हैं।

गोवर्धन अन्नकूट पूजा 2018

गोवर्धन की प्रतिमा की नाभि के स्थान पर एक मिट्टी का दीपक जलाया जाता है। और गोवर्धन बाबा की नाभि में दूध, दही, गंगाजल, शहद, बताशे डाल दिए जाते हैं। इस दिन पूजन करने से घर में धन संपदा आती है और सदैव खुशहाली बनी रहती है।

कहां मनाई जाती है गोवर्धन पूजा?

ऐसे तो यह पर्व सभी क्षेत्रों में मनाया जाता है परन्तु उत्तर भारत में इस पर्व की अलग ही रौनक देखने को मिलती है। खासकर की मथुरा, वृंदावन, नंदगांव, गोकुल, बरसाना और ब्रज में यह पर्व बड़ी श्रद्धा और धूम-धाम से मनाया जाता है।

गोवर्धन के दिन विश्वकर्मा पूजा

बहुत से स्थानों पर दिवाली के अगले दिन यानी गोवर्धन वाले दिन विश्वकर्मा पूजा भी की जाती है। विश्वकर्मा पूजा पर सभी कारखानों, फैक्ट्री और उद्योगों में मशीनों की पूजा की जाती है। इस दिन वाहन और औजारों के पूजन का भी विधान है।

अन्नकूट का भोग

गोवर्धन पूजा के दिन अन्नकूट का बहुत खास महत्व होता है। जो विशेष प्रकार का भोग होता है। इस भोग में कई तरह की सब्जियों को मिलाकर सब्जी बनाई जाती है और अनाजों को मिलाकर विशेष भोग तैयार किया जाता है। इस दिन चूरमा बनाने का भी विधान है। इस दिन दूध से बनी मिठाइयों और खिचड़ी का भी भोग लगाया जाता है।


गोवर्धन पूजा (अन्नकूट पूजा) 2018

2018 में गोवर्धन पूजा, 8 नवंबर 2018 (गुरुवार) को है।

गोवर्धन पूजा मुहूर्त

गोवर्धन पूजा प्रातःकाल मुहूर्त = प्रातः 06:37 बजे से सुबह 08:48 बजे तक।

गोवर्धन पूजा सायंकाल मुहूर्त = दोपहर 03:20 बजे से शाम 05:31 बजे तक।