Take a fresh look at your lifestyle.

नया घर बनाने से पहले इन वास्तु नियम को जान लें

घर बनाने के लिए वास्तु के नियम

Griha Nirman Vastu, Vastu Niyam, Vastu Tips, घर बनाने के लिए वास्तु के नियम, गृह निर्माण में वास्तु, घर बनाते समय ये ध्यान रखें, गृहारंभ वास्तु, House construction vastu tips, Construction vastu niyam, Important Vastu Niyam for New House


वास्तु के महत्वपूर्ण सिद्धांत

शास्त्रों के अनुसार, किसी भी नए काम की शुरुवात से पूर्व शुभ मुहूर्त देखा जाता है ताकि उस काम में कोई विघ्न, कोई बाधा नहीं आए। इसी प्रकार वास्तु शास्त्र के अनुसार, नया घर, नया ऑफिस या नई दुकान बनाने से पूर्व वास्तु पर विचार कर लेना आवश्यक होता है। वास्तु शास्त्र में नयी इमारत बनाने के कई नियम बताये गए हैं। ताकि भविष्य में उस इमारत से किसी को कोई हानि नहीं पहुंचे।

माना जाता है, गलत दिशा में गलत चीज बनाने से ईमारत के मालिक को हानि झेलनी पड़ती है। ऐसे में बेहतर यही है की घर बनाने से पहले ही वास्तु पर विचार कर लिया जाए। वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में खुशियां, समृद्धि, धन, संपदा तभी आती है जब सभी कुछ वास्तु के हिसाब से हो। आज हम आपको नया घर बनाते समय वास्तु के किन नियमों को ध्यान रखना चाहिए वो बता रहे हैं। इन नियमों को ध्यान से पढ़ें और इसी के अनुसार अपने नए घर को बनाएं। ताकि भविष्य में किसी हानि को ना झेलना पड़े।

गृह निर्माण में महत्वपूर्ण वास्तु नियम

घर बनवाते समय वास्तु शास्त्र के कुछ महत्वपूर्ण वास्तु सिद्धांत हैं जिन्हे ध्यान में रखना चाहिए। यहां उन्ही के बारे में विस्तार से बता रहे हैं।

  • घर के बाहर तुलसी का पौधा लगाना चाहिए।
  • सेफ या तिजोरी का दरवाजा उत्तर या पूर्व की ओर खुलना चाहिए। इसके लिए सेफ को दक्षिण या पश्चिम दीवार पर लगाएं या रखें।
  • दरवाजों और खुड़कियों की संख्या ग्राउंड फ्लोर पर अधिक और फर्स्ट फ्लोर पर कम होनी चाहिए।
  • इलेक्ट्रिक हीट उपकरण जैसे हीटर, आदि को कमरे के दक्षिण पूर्वी कोने में रखें।
  • आइना, सिंक, वाशबेसिन और नल को उत्तरपूर्वी दीवार पर लगाएं तो बेहतर होगा।
  • शौचालय की सीट को उत्तर-दक्षिण धुरी के अनुरूप रखें। सेप्टिक टैंक उत्तर-पश्चिम या दक्षिण-पूर्व कोने में रखा जा सकता है।
  • विद्यार्थी हमेशा उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुंह करके पढ़े। ऐसा करने से जल्दी याद होता है और पढाई में मन लगता है।
  • किसी कीटाणुनाशक या फिनाइल की जगह घर में पोछे के पानी में सेंधा नमक या समुद्री नमक मिलाना चाहिए। यह घर में सकारात्मकता लाने में मदद करता है।

इन बातों का रखें ध्यान

  • घर के अंदर कभी भी कैक्टस का पौधा नहीं रखें। घर की चारदीवारी से बाहर कैक्टस रखना शुभ होता है।
  • रसोईघर, शौचालय और पूजास्थल कभी भी एक दूसरे के पास में ना बनाएं। थोड़ा दुरी पर बनाएं।
  • घर का उत्तर-पूर्वी कोना घर के मुख के समान होता है। इसीलिए उसे हमेशा साफ़-सुथरा रखें।
  • वर्षा का पानी या नाली उत्तर पूर्व / पूर्व-उत्तर की ओर बहनी चाहिए।
  • घर के किसी भी बीम के नीचे ना तो बैठे और ना ही सोएं। अगर बैठना या सोना मज़बूरी है तो इस बीम पर फाल्स सीलिंग करवा लेनी चाहिए। इससे दोष खत्म हो जाता है।
  • नए घर के निर्माण कार्य में हमेशा नयी-निर्माण सामग्री ही प्रयोग करनी चाहिए। अगर मकान की मरम्मत करवानी है या पुराने मकान को तोड़कर दोबारा बनवाना है तो बात अलग है। इसमें पुरानी चीजें इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • घर में किसी भी दीवार पर कहीं भी युद्ध, अपराध, अशांति, आक्रोश या कष्ट प्रकट करती हुई कोई पेंटिंग या चित्र नहीं लगाना है। माना जाता है यह परिवार की शांति को भंग करता है।

मुख्य द्वार के लिए वास्तु नियम

  • वास्तु के अनुसार, किचन कभी भी मेन डोर (मुख्य दरवाजे) के सामने नहीं होना चाहिए। ऐसा होना परिवार के लिए सही नहीं माना जाता।
  • सामान्यतः मुख्य दरवाजे के बाहर कांच नहीं लगाना चाहिए। लेकिन अगर मुख्य द्वार के बाहर दक्षिण दिशा से द्वारवेध हो तो इस मुख्यद्वार पर दर्पण अवश्य लगाना चाहिए। ताकि दक्षिण दिशा के प्रभावों से बचा जा सके।
  • आपके घर का मुख्य द्वार किसी अन्य मकान के मुख्य द्वार के ठीक सामने नहीं होना चाहिए। अगर ऐसा हो रहा है तो अपने घर के दरवाजे तो थोड़ा इधर-उधर लगवाएं।
  • ध्यान रहे, कभी भी घर के मुख्य दरवाजे के सामने कूड़ादान, सड़क की बत्ती या खंबा आदि सामने नहीं होना चाहिए।
  • नए घर का मुख्य द्वार इस तरह बनवाएं की किसी की छाया उस द्वार पर नहीं पड़े।
  • मुख्य द्वार पर धार्मिक मूर्ति लगाना शुभ होता है।

दर्पण और घड़ियों के लिए वास्तु सिद्धांत

  • घर में कभी भी टूटे हुए दर्पण नहीं रखने चाहिए। ऐसा करने घर के रिश्तों में दरार लाता है।
  • भवन में सभी दर्पण पूर्वी एवं उत्तरी दीवार पर होने चाहिए।
  • नए मकान के गृह निर्माण से पूर्व भूमि पूजन अवश्य करवाएं। और घर में रहने जाने के से पहले गृह प्रवेश पूजा जरूर करवानी चाहिए।
  • घर में लगी घड़ियों की आवाज मधुर और अच्छी होनी चाहिए। ज्यादा तीव्र और कर्कश नहीं होनी चाहिए।
  • घर में सभी घड़ियां पश्चिम, उत्तर अथवा पूर्व दिशा में लगानी चाहिए।
  • भवन की सभी घड़ियां हमेशा चलती रहनी चाहिए। बंद घड़ी अशुभ संकेत देती है।
  • घर में मौजूद सभी घड़ियां सही तरह से चलनी चाहिए। अगर घड़ी के सेल कमजोर हो गए हैं तो उन्हें तुरंत बदल दें। क्यूंकि कमजोर सैल होने पर धीमी गति से चलने वाली घड़ियां गृह स्वामी के भाग्य की गति को कम कर देती हैं।
  • घर की सीढ़ियों के नीचे कभी भी शौचालय या पूजाघर नहीं बनवाना चाहिए।

तो, ये कुछ खास वास्तु नियम हैं जिन्हे नया घर बनवाते समय और घर में रहते समय ध्यान रखना चाहिए। ये वास्तु सिद्धांत सभी के लिए हैं यानी अगर कोई पहले से किसी घर में रह रहा है तो भी इन नियमो को अपनाकर घर में समृद्धि पा सकते हैं।