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नए घर में जा रहे हैं (गृह प्रवेश) तो इन बातों का रखें ध्यान?

नए घर में प्रवेश करते समय ध्यान रखें

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शास्त्रों के अनुसार, नया घर खरीदना या नए घर में प्रवेश करना सदैव शुभ मुहूर्त ही करना चाहिए। शुभ मुहूर्त में किया गया गृह प्रवेश सौभाग्य लाता है जबकि गलत और अनुचित मुहूर्त में किया गया गृह प्रवेश विपत्तियों का कारण बनता है। किसी भी नए घर में जाने से पूर्व गृह प्रवेश करना अनिवार्य होता है। गृह प्रवेश के दौरान विशेष पूजा कराई जाती है जिसे गृह प्रवेश पूजा कहा जाता है।

वास्तु शास्त्र के जानकारों के मुताबिक, घर केवल मालिक के लिए ही नहीं बल्कि परिवार के सभी लोगों के लिए जरुरी होता है। वास्तु के अनुसार, एक मकान पांच तत्वों से मिलकर बनता है – सूर्य, धरती, पानी, अग्नि और वायु। इन सभी के सही तालमेल से घर में खुशियां, स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि आती है।

गृह प्रवेश का शुभ मुहूर्त

अगर शुभ समय में गृह प्रवेश किया जाए तो जिंदगी में आने वाली परेशानियों को कम करने में मदद मिलती है। गृह प्रवेश के लिए साल के चार अबूझ मुहूर्त भी बहुत शुभ माने जाते हैं। शास्त्रों के अनुसार, वसंत पंचमी, अक्षय तृतीया, गुड़ी पड़वा और दशहरा जैसे दिन शुभ रहेंगे। जबकि उत्तरायण, होली, अधिकमास और श्राद्ध पक्ष में गृह प्रवेश करना अशुभ होता है।

दशहरा के दिन गृह प्रवेश

अगर आप दशहरा के दिन गृह प्रवेश करना चाहते हैं तो आपको उस दिन कोई भी समस्या होगी। दशहरा वाले दिन कोई शुभ काम करने के लिए मुहूर्त देखने की आवश्यकता नहीं होती क्यूंकि वो अपने आप ही अबूझ मुहूर्त है। दशहरा के दिन गृह प्रवेश करना शुभ होता है।

गृह प्रवेश कैसे किया जाता है?

गृह प्रवेश की पूजा में कलश पूजा, वास्तु पूजा, वास्तु शांति पूजा की जाती है। कलश पूजा के लिए तांबे के कलश को 9 तरह के अनाजों से भरकर उसमे एक सिक्का डाला जाता है। उसके बाद कलश पर आम के पत्तों के बीच एक नारियल रखा जाता है। और गृह स्वामी मंत्रो के उच्चारण के साथ गृह प्रवेश करते हैं।

नए घर में प्रवेश करते वक्त इन चीजों का खास ध्यान रखें

गृह प्रवेश पूजा और वास्तु शांति के अलावा इन बातों का ध्यान रखना भी बहुत जरुरी होता है –

  • नये घर में गृह प्रवेश केवल तभी करना चाहिए जब नया घर पूरी तरह परिवार के रहने लायक बन गया हो। वास्तु के अनुसार, घर में कंस्ट्रक्शन का काम पूरा होना चाहिए और उसमे नया पेंट होना चाहिए। घर में गेट, खिड़कियां और बाकी की फिटिंग्स का काम भी पूरा हो जाना चाहिए।
  • गृह प्रवेश के दौरान वास्तु पुरुष और अन्य देवी-देवताओं का पूजन भी करना चाहिए।
  • घर के मुख्य द्वार पर स्वास्तिक और माता लक्ष्मी के पैरों के निशान बने होने चाहिए।
  • घर के मुख्य द्वार पर तोरण जरूर लगी होनी चाहिए। तोरण आम के पाते और गेंदे के फूलों से बनाई जाती है।
  • घर का उत्तर-पूर्व दिशा में होना चाहिए और मंदिर को गृह प्रवेश के दिन ही स्थापित करना चाहिए।
  • उस स्थान की नकारात्मक शक्तियों को खत्म करने के लिए गृह प्रवेश के दिन हवन जरूर करें। और अगर संभव हो तो भगवान श्री सत्यनारायण की कथा जरूर करें।
  • पूजा में गणेश पूजा, नवग्रह शान्ति जिसमे नौ ग्रहों की पूजा की जाती है और वास्तु पूजा जरूर कराएं।
  • गृह प्रवेश के दौरान पुजारी और जिन लोगों को पूजा में बुलाया जाता है उन्हें भोजन कराया जाता है। ऐसा करना बहुत शुभ होता है।

गृह प्रवेश की कुछ खास टिप्स

  • नए घर में प्रवेश में हमेशा शुभ दिन ही करें। देवी-देवताओं की मूर्तियों को घर की पूर्व दिशा में रखें।
  • पूजा करने से पहले पुरे घर को एक बार अच्छे से साफ़ कर लें। घर में नमक घोलकर फर्श धो सकते हैं। यह नकारात्मक शक्तियों को दूर करता है।
  • गृह प्रवेश के दौरान सीधा पैर पहले घर के अंदर रखें।
  • घर के मेन गेट को अच्छे से सजाएं क्यूंकि इसे सिंह द्वार कहा जाता है (वास्तु पुरुष का चेहरा)। मुख्य द्वार को आम की पत्तियों और ताजे फूलों से सजाएं।
  • फर्श पर रंगोली अवश्य बनाएं। रंगोली बनाने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती है और घर में समृद्धि लाती हैं।
  • घर और आसपास के वातावरण को शुद्ध करने के लिए लकड़ियों और जड़ी-बूटियों का हवन जरूर करवाएं।

ये कुछ खास बातें हैं जिन्हे आपको गृह प्रवेश से पहले याद रखना है। नए घर में प्रवेश करते समय इन सभी चीजों बातों को याद रखें। घर में खुशियां, शांति और समृद्धि आएगी।