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गुरु पूर्णिमा 2019 कब है?

Guru Purnima 2019

हिन्दू धर्म में गुरु को देवता समान माना जाता है। इसीलिए पुरे साल में एक दिन ऐसा है जब गुरु के प्रति आदर-सम्मान व्यक्त किया जाता है। आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है। गुरु को हमेशा से ही ब्रह्मा, विष्णु और महेश के समान पूज्य माना गया है। वेद, पुराणों और उपनिषदों का प्रणयन करने वाले वेद व्यास जी को समस्त मानव जाती का गुरु माना जाता है। 

गुरु पूर्णिमा आषाढ़ पूर्णिमा को क्यों मनाते हैं?

महर्षि वेद व्यास जी का जन्म आषाढ़ पूर्णिमा के दिन लगभग 3000 ई. पूर्व में हुआ था। इसलिए आषाढ़ पूर्णिमा के दिन गुरु पूर्णिमा मनाई जाती है। इस दिन बहुत से लोग श्री वेद व्यास जी के चित्र का पूजन करते हैं और उनके द्वारा रचित ग्रंथों का अध्ययन करते हैं। बहुत से आश्रमों में इस दिन संतों की मूर्ति और समाधि की पूजा की जाती है।

गुरु पूर्णिमा का महत्व

इस दिन सभी शिष्यगण अपने गुरुजनों की पूजा करते हैं, उनका धूप, दीप, पुष्प, अक्षत, चंदन, नैवेद्य आदि से पूजन करते हैं। माना जाता है गुरु के माध्यम से ही व्यक्ति को ज्ञान की प्राप्ति होती है। गुरु वो हैं जो मनुष्य को अज्ञान के अन्धकार से निकालकर ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाते हैं। 

शास्त्रों के अनुसार, एक बालक को जन्म भले ही माँ-बाप देते हैं, परन्तु उसे जीवन का अर्थ और इस संसार को समझने का ज्ञान गुरु देते हैं। गुरु को ब्रह्म बताया गया है, क्यूंकि जिस प्रकार से ब्रह्म जीव का सृजन करते हैं, उसी प्रकार गुरु शिष्य का सृजन करते हैं।

शिव थे प्रथम गुरु

पुराणों के अनुसार, भगवान शिव को सबसे पहले गुरु कहा जाता है। भगवान शिव के दो शिष्य शनि और परशुराम थे। शिव जी को आदिनाथ भी कहा जाता है। उन्होंने शनि और परशुराम के साथ 7 लोगों को ज्ञान दिया। ये ही अगर चलकर सप्तऋषि कहलाए। इन्होने ही आगे जाकर भगवान शिव के ज्ञान को चारो ओर फैलाया।

गुरु पूर्णिमा के दिन पूजा विधि

गुरु पूर्णिमा पूजन विधि इस प्रकार है – सबसे पहले स्नानादि से निवृत होकर शुद्ध हो जाएं। सबसे पहले भगवान विष्णु, शिवजी की पूजा करने के बाद देवगुरु बृहस्पति, महर्षि वेदव्यास जी का पूजन करें और उसके बाद अपने गुरुजन का पूजन करें। गुरु को फूलों की माला पहनाएं, मिठाई खिलाएं, नए वस्त्र व् दान देकर उनका आशीर्वाद लें।

Guru Purnima 2019 Date 

2019 में गुरु पूर्णिमा 16 जुलाई 2019, मंगलवार को है।

पूर्णिमा तिथि आरम्भ = 16 जुलाई 2019, मंगलवार को रात 01:48 बजे।
पूर्णिमा तिथि समाप्त = 17 जुलाई 2019, बुधवार को प्रातः 03:07 बजे।

2019 में गुरु पूर्णिमा के दिन चंद्र ग्रहण

2018 की तरह 2019 में भी गुरु पूर्णिमा के दिन चंद्र ग्रहण लग रहा है। 2018 में खग्रास चंद्र ग्रहण हुआ था। 2019 में खंडग्रास चंद्र ग्रहण लग रहा है। ये ग्रहण 16 – 17 जुलाई 2019 की रात को लगेगा जो पुरे भारत में दिखाई देगा। यह चंद्र ग्रहण आधी रात को लगभग 01 बजकर 37 मिनट से लगेगा और रात 03 बजकर 32 मिनट पर समाप्त होगा। ग्रहण की कुल अवधि 2 घंटे 44 की होगी।