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हीरा (Diamond) धारण करने का मंत्र, विधि और उसके फायदे

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हीरा क्या है?

हीरा शुक्र गृह का रत्न है। जातक की कुंडली में यदि शुक्र गृह का प्रभाव हो तो इस रत्न को धारण करने की सलाह दी जाती है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार हीरा, शुक्र गृह का रत्न होता है। यह सफ़ेद, कमलासन, वासन्ती पीला, रंगहीन नीला एवं पारदर्शक रूप में होता है। इस रत्न को ज्योतिष में बहुत प्रभावशाली माना जाता है और ये बहुत महंगा होता है। हीरा धारण करने का मंत्र

आम जानकारी के अनुसार स्त्री वर्ग को यह रत्न अति प्रिय होता है। और हो भी क्यों न? ज्योतिष के अनुसार शुक्र को सुंदरता और स्त्री वर्ग से जोड़ा गया है। ऐसे में इस रत्न का महिलाओं से सीधा सम्पर्क होता है। हिन्दू ज्योतिष में शुक्र गृह को सुंदरता, वैभव और एश्वर्य तथा भोग विलास का ग्रह बताया गया है। सुखी और अच्छे वैवाहिक जीवन के लिए शुक्र ग्रह का शुभ स्थिति में होना बहुत आवश्यक होता है। और हीरा सीधे तौर पर शुक्र गृह की स्थिति को प्रभावित करता है। इस रत्न को धारण करने से वैभव और सभी प्रकार के सुख की प्राप्ति होती है। क्योंकि हीरा कमजोर शुक्र को बल देकर उसे सबल बनाता है और उसकी स्थिति को अच्छा करता है।

स्त्री वर्ग से जुड़े व्यापारियों के लिए भी हीरा शुभ फलदायी माना जाता है। इसके अलावा फ़िल्मी क्षेत्र, टेलेविज़न और मॉडलिंग से जुड़े लोगों को भी हीरा धारण करना चाहिए। क्योंकि इन क्षेत्रों में सफलता पाने के लिए शुक्र गृह की बेहतर स्थिति होना बहुत जरुरी होता है। और अगर शुक्र की स्थिति ठीक न हो तो जीवन और कार्य में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। लेकिन ध्यान रहें, किसी भी रत्न को धारण करने से पूर्व ज्योतिष सलाह लेना बहुत जरुरी होता है। क्योंकि अगर कुंडली में शुक्र की स्थिति अनुकूल नहीं हुई तो उसकी अशुभता का प्रभाव भी जातक के जीवन पर ही पड़ता है। इसलिए पहले कुंडली जाँच कराएं और फिर हीरा धारण करें।

हीरा असली है या नकली?

किसी भी रत्न को धारण करने से पूर्व यह जान लेना चाहिए की वह रत्न असली है या नकली। क्योंकि जहाँ एक तरफ असली रत्न पहनने से लाभ मिलता है वहीं दूसरी तरफ नकली या गलत रत्न पहनने से जीवन में परेशानियाँ आने लगती है। हीरा असली है या नकली यह जानने के लिए हीरे को रोशनी में देखें अगर इसमें इन्द्रधनुष के सात रंग दिखाई दें तो समझ लें हीरा असली है जबकि नकली में ऐसा नहीं दिखेगा। इसके अलावा हीरा धारण करने से पूर्व देख लें की वह साफ़, सुथरा, चमकदार, और सुडौल होना चाहिए। मुख पर लाल, काला और चमक रहित हीरा धारण करना नुकसानदेह बताया गया है।

हीरा धारण करने की विधिशुक्र देव

यदि आपकी कुंडली में शुक्र गृह का प्रभाव ठीक है और आपको किसी ज्ञानी ज्योतिषी ने हीरा धारण करने की सलाह दी है तो आप हीरा धारण कर सकते है।

इसके लिए आपको कम से कम 4 रत्ती का हीरा सोने की अंगूठी में बनवाकर पहनना होगा। अंगूठी पहनने के लिए किसी शुक्ल पक्ष के शुक्रवार को सूर्योदय होने के बाद अंगूठी की प्राण प्रतिष्ठा कर लें। जिसके लिए सबसे पहले अंगूठी को दूध, फिर गंगा जल, फिर शहद और फिर शक्कर के घोल में डाल दें। उसके पश्चात् शुक्र देव के नाम की पांच अगरबत्तियां जलाएं।

अब शुक्र देव से प्रार्थना करें की हे! शुक्र देव, मैं आपका आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए यह रत्न धारण कर रहा हूँ कृपा मुझे अपना आशीर्वाद प्रदान करें। अब अंगूठी को घोल से निकालकर 108 बार अगरबत्ती के ऊपर से घुमाते हुए ॐ शं शुक्राय नम: का जाप करें। उसके बाद अंगूठी को लक्ष्मी देवी के चरणों में लगाकर कनिष्ठिका या छोटी ऊँगली में धारण करें। ध्यान रहे, हीरा रत्न में कोई दोष नहीं होना चाहिए अन्यथा उसके प्रभावों में कमी आ सकती है। शुक्र ग्रह के अच्छे प्रभाव प्राप्त करने के लिए सफ़ेद रंग का हीरा होना चाहिए जिसमे कोई दाग हो।

अंगूठी कारण करने का मंत्र

“ॐ अन्नात्परिस्त्रुतो रसं ब्रह्मणा व्यपित्क्षत्रं पय: सोमं प्रजापति:। ऋतेन सत्यमिन्द्रियं विपानं शुक्रमन्धस इन्द्रस्येन्द्रियमिदं पयोऽमृतं मधु।।”