Take a fresh look at your lifestyle.

जनवरी 2020 सगाई रोका मुहूर्त

January Engagement Muhurat 2020

सगाई, विवाह से पूर्व की जाने वाली महत्वपूर्ण रस्मों में से एक है। जिसे वाग्दान भी कहा जाता है। शादी से कुछ दिन या कुछ महीने पहले ये रस्म की जाती है। जिसमे वर और कन्या एक दूसरे को अंगूठी पहनाते हैं। शास्त्रों के अनुसार, विवाह और उससे जुडी प्रत्येक रस्म शुभ मुहूर्त में की जाती है। इसीलिए सगाई के लिए भी शुभ मुहूर्त की आवश्यकता होती है। यहाँ हम जनवरी 2020 सगाई शुभ मुहूर्त दे रहे हैं। आप इनमे से मुहूर्त चुनकर सगाई की रस्म सम्पूर्ण कर सकते हैं।

सगाई करने के लिए शुभ नक्षत्र

शास्त्रों के अनुसार, उत्तराषाढ़, स्वाति, श्रवण, पूर्वाफाल्गुनी, पूर्वाभाद्रपद, पूर्वाषाढ़, अनुराधा, धनिष्ठा, कृतिका, रोहिणी, रेवती, मूल, मृगशिरा, मघा, हस्त, उत्तराफाल्गुनी और उत्तराभाद्रपद नक्षत्रों में वाग्दान करना शुभ होता है।

जनवरी 2020 सगाई मुहूर्त

सगाई तारीख

सगाई दिन

सगाई मुहूर्त

सगाई नक्षत्र

सगाई तिथि

1 जनवरी 2020 बुधवार 07:45-11:53 पूर्वाभाद्रपद षष्ठी
13:18-18:57
2 जनवरी 2020 गुरुवार 08:39-13:14 उत्तराभाद्रपद सप्तमी
14:49-18:59
3 जनवरी 2020 शुक्रवार 11:45-13:10 उत्तराभाद्रपद अष्टमी
14:45-18:55
8 जनवरी 2020 बुधवार 07:46-09:58 रोहिणी त्रयोदशी
11:25-16:21
15 जनवरी 2020 बुधवार 07:46-07:48 उत्तराफाल्गुनी पंचमी
09:30-15:53
16 जनवरी 2020 गुरुवार 07:46-09:26 हस्त षष्ठी
20 जनवरी 2020 सोमवार 07:45-12:03 अनुराधा एकादशी
13:38-20:09
22 जनवरी 2020 बुधवार 09:03-13:30 मूल त्रयोदशी
15:26-20:01
25 जनवरी 2020 शनिवार 07:44-08:51 श्रवण प्रतिपदा
10:18-15:14
17:29-19:49
26 जनवरी 2020 रविवार 07:43-08:47 धनिष्ठा द्वितीया
10:14-15:10
17:25-18:09
29 जनवरी 2020 बुधवार 13:03-19:33 पूर्वाभाद्रपद चतुर्थी
30 जनवरी 2020 गुरुवार 07:42-11:24 उत्तराभाद्रपद पंचमी
12:59-19:29
31 जनवरी 2020 शुक्रवार 07:41-11:20 रेवती षष्ठी
12:55-18:39

Note : कई क्षेत्रों में खरमास, श्राद्ध, शुक्र-गुरु अस्त, पंचक, चातुर्मास में मुहूर्त नहीं करते। इसलिए मुहूर्त देखने के पहले और करने के पहले इन बातों का जरूर ध्यान रखें। क्यूंकि अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग मान्यता के अनुसार ये होता है। आप अपने क्षेत्र के अनुसार ही मुहूर्त करें। यहाँ मुहूर्त देखने के पहले और शुभ कार्य करने के पहले अपने क्षेत्र के पंचांग के अनुसार ही करें। हमारी कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी।