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June Purnima 2018, ज्येष्ठ पूर्णिमा 2018 जानें कब है पूर्णमासी

पौष पूर्णिमा 2019

पूर्णिमा जून 2018 : पूर्णिमा पंचांग के अनुसार मास की 15वीं और शुक्लपक्ष की अंतिम तिथि है जिस दिन चंद्रमा आकाश में पूरा होता है। इस दिन का भारतीय जनजीवन में अत्यधिक महत्व हैं। हर माह की पूर्णिमा को कोई न कोई पर्व अथवा व्रत अवश्य मनाया जाता हैं। कई लोग इस दिन सत्यनारायण स्वामी की कथा सुनते हैं और सुनाते हैं। हरेक घर में पूर्णिमा का बहूत ही ज्यादा महत्व होता है। मंदिरों में इस दिन भीड़ लगी होती है, खास कर भोले बाबा की पूजा पूर्णिमा के दिन लोग जरुर करते हैं और मंदिर जाते हैं।

पूर्णिमा का क्या महत्व है?
जिस प्रकार प्रत्येक एकादशी और प्रदोष का अपना एक महत्व है उसी प्रकार कैलंडर की सभी पूर्णिमा का भी विशेष महत्व है। इसीलिए हर महीने इसे एक अवसर और पर्व के रूप में मनाया जाता है। पूर्णिमा के दिन आकाश में पूरा चाँद दिखाई पड़ता है जिसे अँधेरे की समाप्ति का प्रतीक माना जाता है। इस दिन भगवान सत्यनारायण की पूजा और कथा का भी खास महत्व होता है। लोगों का मानना है की इस दिन भगवान ने मानव अवतार लिया था।

वट पूर्णिमा 2018:
मई के महीने में यानी की ज्येष्ठ पूर्णिमा को वट पूर्णिमा भी कहते हैं, इसे बहुत ही शुभ हिन्दू तिथि मानी जाती है। जिसे हम ज्येष्ठ पूर्णिमा या वट सावित्री व्रत के रूप में जानते है। इस व्रत को विवाहित महिलाएं अपने पति की लम्बी उम्र और सुखी विवाहित जीवन की कामना के लिए रखती है। जिसमे वट के वृक्ष की पूजा की जाती है। पर ऐसा सभी क्षेत्रों में नहीं होता है।

कब है ज्येष्ठ पूर्णिमा, When is June 2018 Purnima

28th जून 2018, गुरूवार, ज्येष्ठ पूर्णिमा ज्येष्ठा पूर्णिमा, वट पूर्णिमा व्रत

क्या करें पूर्णिमा के दिन

आप अपने घर में हवन करवा सकते हैं, आप मंदिर में जाकर पूजा पाठ कर सकते हैं, आप पूर्णिमा के दिन घर में शांति और खुशहाली के लिए सत्यनारायण स्वामी का पाठ करवा सकते हैं, जरुरत मंदों की सेवा अवश्य करें।