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माघ 2019 : माघ पर्व त्यौहार, पूर्णिमा अमावस्या और एकादशी तिथि

माघ 2019

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माघ माह को हिन्दू धर्म में बहुत खास माना जाता है। आज हम आपको माघ माह से जुडी महत्वपूर्ण जानकारियां दे रहे हैं। माघ 2019 कब से कब तक है? माघ माह का महत्व, माघ मास में क्या करें क्या नहीं? माघ की विशेषताएं।

माघ माह क्या है?

हिन्दू कैलेंडर के अनुसार, माघ विक्रम संवत का ग्यारहवां चंद्रमास और दसवां सौरमास है। मघा नक्षत्र की पूर्णिमा होने के कारण इस महीने को माघ का महीना कहा जाता है। यूँ तो इस महीने का हरेक दिन बहुत खास होता है। पर उन सभी में कुछ खास दिन हैं जिन्हे माघ में महत्वपूर्ण माना जाता है। माघ माह में पवित्र नदियों में स्नान करना बहुत शुभ होता है।

माघ माह कब से कब तक है?

2019 में माघ माह 22 जनवरी 2019, मंगलवार से प्रारंभ होगा।
माघ 19 फरवरी 2019, मंगलवार को समाप्त होगा।

माघ माह के पर्व और त्यौहार

धार्मिक रूप से इस माह को बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। लेकिन कुछ खास पर्व है जो माघ के महीने में आते हैं। यहाँ उन्ही के बारे में बता रहे हैं –

  • 26 जनवरी 2019, को गणतंत्र दिवस है।
  • 31 जनवरी 2019, को माघ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी षटतिला एकादशी है।
  • 4 फरवरी 2019, को माघ की अमावस्या (मौनी अमावस्या) है।
  • 5 फरवरी 2019, माघ शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से गुप्त नवरात्रि आरंभ हो रही है।
  • 10 फरवरी 2019, को वसंत पंचमी, सरस्वती पूजा है।
  • 12 फरवरी 2019, को रथ सप्तमी है।
  • 13 फरवरी 2019, को भीष्म अष्टमी है।
  • 16 फरवरी 2019, को माघ शुक्ल पक्ष की एकादशी जया एकादशी है।
  • 19 फरवरी 2019, को माघ पूर्णिमा है। इस दिन गुरु रविदास जयंती भी है।

माघ का महत्व

भगवान के ध्यान और पवित्र नदियों में स्नान के लिए माघ माह को बहुत खास माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार, माघ में स्नान-ध्यान और पूजा पाठ करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। षटतिला एकादशी भी इसी माह में आती है जिसमे टिल डाकर स्नान करना और काले तिल से बनी हुई चीजों का दान करना शुभ होता है। माघ के शुक्ल पक्ष की अष्टमी को भीष्माष्टमी कहते हैं। इस दिन भीष्म पितामह ने सूर्य के उत्तरायण होने पर प्राण-त्याग किये थे। माघ के कृष्ण पक्ष की अमावस्या को मौनी अमावस्या कहा जाता है। जिसका हिन्दू धर्म में बहुत खास महत्व है। इस दिन मौन व्रत रखना बहुत शुभ होता है। माघ पूर्णिमा के दिन गंगा आदि पवित्र नदियों में स्नान करने से रोगों से मुक्ति मिलती है।

बहुत से क्षेत्रों में माघ माह में मेलों का आयोजन भी होता है। प्रयाग, हरिद्वार, उत्तरकाशी आदि तीर्थस्थलों का माघ मेला काफी प्रसिद्ध है।