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मकान में दरवाजा कब लगाना चाहिए? दरवाजे का शुभ मुहूर्त

दरवाजे का शुभ मुहूर्त

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मकान में दरवाजा कब लगाना चाहिए?

नया घर बनाते समय नींव पूजन से लेकर कंस्ट्रक्शन तक सभी काम शुभ मुहूर्त देखकर किये जाते हैं। शास्त्रों के अनुसार, घर बनाते समय हर एक चीज का मुहूर्त अवश्य देखना चाहिए। ताकि घर में रहने वाले सदस्यों को भविष्य में किसी तरह की समस्यायों का सामना ना करना पड़े। इसी तरह घर का मुख्य द्वारवाजा लगवाते समय भी शुभ मुहूर्त पर विचार करना चाहिए।

माना जाता है, शुभ मुहूर्त में लगाया गया दरवाजा हमेशा खुशियां और समृद्धि लेकर आता है। परन्तु यदि गलत मुहूर्त में या अनुचित समय में घर का मुख्य द्वार लगवा लिया जाए तो परिवार को कष्ट, दुःख और हानि झेलनी पड़ सकती है। आज हम आपको घर के दरवाजे के लिए मुहूर्त बता रहे हैं। यहाँ हम आपको बताएंगे की घर का मुख्य दरवाजा कब लगवाना चाहिए?

नए घर में मुख्य दरवाजा कब लगवाएं?

किस दिशा में बनवाएं घर का दरवाजा?

शास्त्रों के अनुसार, कुंभ राशि के सूर्य होने पर फाल्गुन महीने में, कर्क और सिंह राशि का सूर्य होने पर सावन महीने में, मकर राशि में सूर्य रहने पर पौष महीने में घर बनवाएं तो उस घर का दरवाजा पूर्व या पश्चिम दिशा में बनवाना चाहिए।

मेष व् वृष राशि में सूर्य के रहते वैशाख महीने में तथा तुला और वृश्चिक के राशि में सूर्य होने पर अगहन के महीने में घर बनवाएं तो उस घर का दरवाजा उत्तर या दक्षिण दिशा में बनवाएं।

घर का मुख्य दरवाजा कब नहीं लगवाएं?

पूर्णिमा से लेकर कृष्ण पक्ष की अष्टमी तक पूर्व दिशा में, कृष्ण पक्ष की नवमी से लेकर चतुर्दशी तक उत्तर दिशा में, अमावस्या से लेकर शुक्ल पक्ष की अष्टमी तक पश्चिम दिशा में और शुक्ल पक्ष की नवमी से शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तक दक्षिण दिशा में द्वार बनवाना शुभ नहीं होता। इन दिनों में कभी भूलकर भी इन दिशाओं में द्वार नहीं लगवाना चाहिए।

घर का दरवाजा कब लगवाएं?

शुभ महीने के शुक्ल पक्ष की द्वितीया, तृतीया, पंचमी, षष्ठी, सप्तमी, दशमी, एकादशी और द्वादशी में दरवाजा बनाना शुभ होता है। घर का मुख्य दरवाजा शुक्ल पक्ष में लगनाए से शुभफल और कृष्ण पक्ष में लगवाने से अनिष्टफल होता है। कृष्ण पक्ष में लगाए गए द्वार से चोरी होने की आशंका बनी रहती है।

मुख्य द्वार किस नक्षत्र में लगवाएं?

जिस नक्षत्र में सूर्य स्थित हो उसे चार नक्षत्र सिर में स्थापित करें। इन नक्षत्रों में घर का दरवाजा लगाया जाए तो लक्ष्मी की प्राप्ति होती है। इसके पश्चात् आगे के आठ नक्षत्र चारो कोनों में स्थापित करना चाहिए। इन नक्ष्त्रों में दरवाजा लगाने से घर उजाड़ हो जाता है। इसके पश्चात् आगे के आठ नक्षत्र शाखा-बाजुओं में शापित करना चाहिए।

इन नक्षत्रों में घर का दरवाजा लगाने से सुख, सम्पत्ति और वैभव की प्राप्ति होती है। इसके आगे के तीन नक्षत्र देहली में और उससे आगे के चार नक्षत्र मध्य में स्थापित करने छाइये। देहली वाले नक्षत्रों में दरवाजा लगाने से स्वामी का मरण और मध्यवाले नक्षत्रों में दरवाजा लगाने से सुख-सम्पत्ति की प्राप्ति होती है।

कौन से वार को द्वार लगाना चाहिए?

सोमवार, बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार को घर का दरवाजा लगवाना शुभ होता है।


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मुख्य द्वार निकलवाने का मुहूर्त