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मकर संक्रांति में स्नान और पूजा का तरीका

मकर संक्रांति साल 2023 में 15 जनवरी दिन रविवार को मनाई जाएगी। मकर संक्रांति को अलग अलग नाम जैसे की उत्तरायण, बिहू, पोंगल आदि के नाम से अलग अलग प्रदेशों में बहुत धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन सूर्य पूजा, नदी में स्नान, पतंग उड़ाना, तिल के लड्डू खाने व् बनाने, खिचड़ी खाने और उसका दान करने आदि का बहुत अधिक महत्व होता है।

धार्मिक व् वैज्ञानिक कारणों की मानें तो इस दिन सूर्य एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करता है इसीलिए इसे मकर संक्रांति कहा जाता है। इसके अलावा इस दिन को किसानों के साथ भी जोड़कर देखा जाता है। तो आइये अब आगे इस आर्टिकल मकर संक्रांति से जुड़े अन्य तथ्यों जैसे की इस दिन नहाने का क्या तरीका होता है और इस दिन पूजा किस तरीके से की जाती है उसके बारे में विस्तार से जानते हैं।

उत्तरायण में नहाने का तरीका

  • यह दिन बहुत ही पावन होता है ऐसे में इस पावन दिन में किसी पवित्र नदी में स्नान किया जाये तो ऐसा करना बहुत ही शुभ माना जाता है।
  • मकर संक्रांति के दिन आप यदि किसी नदी में स्नान नहीं कर सकते हैं तो घर में ही एक बाल्टी में थोड़ा गंगाजल व् तिल डालकर स्नान करें क्योंकि गंगाजल तो जिस पानी में भी मिल जाता है उसे ही पवित्र माना जाता है।
  • स्नान के लिए ब्रहम मुहूर्त सबसे शुभ माना जाता है लेकिन आप यदि उस मुहूर्त में स्नान नहीं करते हैं तो सुबह आठ बजकर तिरतालिस मिनट से पहले स्नान कर लें क्योंकि यह समय मकर संक्रांति के दिन स्नान करने का सबसे शुभ मुहूर्त है।
  • मकर संक्रांति के दिन यदि आप नदी में स्नान कर रहे हों तो अंजुली में जल लेकर सूर्य देव का ध्यान करते हुए तीन बार ‘ओम ह्रां ह्रीं ह्रौं सः’ सूर्याय नमः मंत्र बोलते हुए जल अर्पण जरूर करें और सूर्य देव को प्रणाम करें।

मकर संक्रांति के दिन पूजा कैसे करें?

  • सबसे पहले सुबह उठकर आप नदी में स्नान करें या फिर आप अपने घर में पानी में गंगाजल व् तिल मिलाकर उससे स्नान करें।
  • उसके बाद आप साफ़ व् स्वच्छ वस्त्र धारण करें हो सके तो इस दिन लाल रंग के वस्त्र पहने क्योंकि इस दिन लाल रंग पहनना शुभ माना जाता है।
  • आप चाहे तो इस दिन उपवास भी कर सकते हैं उपवास के लिए सुबह अपने मंदिर में धूप दीप करके दाहिने हाथ में जल लेकर व्रत का संकल्प लें, और ध्यान रखें की व्रत रखने पर आप पूरा दिन नमक का सेवन नहीं करें।
  • उसके बाद आप सूर्य देव को जल अर्पित करें व् सूर्य मन्त्रों का जप करें।
  • साथ ही इस दिन आप चाहे तो अपने घर में सुख शांति हेतु हवन भी करवा सकते हैं।
  • इस दिन दान धर्म करने का भी बहुत अधिक महत्व होता है ऐसे में आप अपनी बहन बेटी, किसी जरुरत मंद, किसी ब्राह्मण आदि को दान जरूर करें, क्योंकि ऐसा माना जाता है की इस दिन किये गए दान का आपको दस गुना ज्यादा फल मिलता है।

तो यह है मकर संक्रांति के दिन नहाने व् पूजा करने से जुडी जानकारी, यदि आप भी मकर संक्रांति के पावन पर्व को मनाते हैं। तो साल 2023 में पंद्रह जनवरी के दिन आप इस त्यौहार का आनंद ले सकते हैं।

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