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नींव खुदाई की दिशा

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किसी भी नए मकान को बनाने से पहले उसकी नींव रखना जरूरी होता है। क्यूंकि उस नींव पर ही पुरे मकान का भार टिका होता है। नींव ही मकान को मजबूती देती है, जिससे वो लंबे समय तक खड़ा रहे। इसीलिए मकान बनाने से पूर्व नींव पूजन किया जाता है। ताकि भविष्य में किसी तरह की कोई हानि न हो और नया घर परिवार में सुख-समृद्धि लाए।

नींव पूजन कराते समय बहुत सी बातों का ध्यान रखा जाता है। जैसे नींव पूजन का समय, नींव पूजा का मुहूर्त और नींव खुदाई की दिशा। नींव की खुदाई करते समय उसकी दिशा का ध्यान रखना बहुत जरुरी होता है। क्यूंकि गलत दिशा में नींव खुदाई आरंभ करना अशुभ माना जाता है। शास्त्रों में नींव खुदाई को लेकर कुछ खास नियम बताए गए हैं, उनका पालन करना जरुरी होता है। अगर आप भी नया मकान बनाने की सोच रहे हैं या काम शुरू करने वाले हैं तो इन नियमों को जरूर जान लें।

नींव खुदाई के नियम

मुहूर्त का चयन

शास्त्रों के अनुसार, नींव की खुदाई करने से पूर्व शुभ मुहूर्त का चयन करना अनिवार्य होता है। माना जाता है नींव की खुदाई शुभ मुहूर्त में आरंभ करने से नया घर जल्दी बनकर तैयार हो जाता है और उसमे कोई अड़चने भी नहीं आती। इसलिए नींव खुदाई शुभ मुहूर्त देखकर ही शुरू करनी चाहिए।

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वास्तु पूजन / नींव पूजन

नींव खुदाई करने से पूर्व वास्तु पूजन कराना भी आवश्यक होता है। माना जाता है नींव खुदाई से पूर्व वास्तु पूजन कराने से घर में वास्तु दोष नहीं रहता। और हर काम शांति से सम्पूर्ण हो जाता है। इसलिए वास्तु पूजन जरूर कराना चाहिए।

नींव पूजन में कलश स्थापना

घर बनाते समय नींव पूजन करते समय कलश स्थापना करना जरुरी होता है। नींव पूजन में की जाने वाली कलश स्थापना थोड़ी अलग होती है। कलश के अंदर बहुत सी चीजें रखी जाती हैं। और मुख पर लाल कपड़ा बांध दिया जाता है। और नींव में स्थापित कर दिया जाता है। ये पूजा अलग-अलग क्षेत्रों के अनुसार अलग-अलग विधि से हो सकती है। इसलिए आप अपने क्षेत्र की परंपरा के अनुसार ही पूजा करवाएं।

नींव की खुदाई का दिशा विचार

नींव खोदने से पूर्व नींव खुदाई की दिशा जान लेना भी जरुरी होता है। शास्त्रों के अनुसार, घर बनाने से पहले नींव की खुदाई एक निश्चित दिशा से आरंभ करनी चाहिए। ऐसा करने से घर में विपत्तियां नहीं आती और परिवार सुखी रहता है। गलत दिशा में नींव खुदाई शुरू करने पर दुःख और परेशानियां आने लगती है और मकान बनने में भी समय लगता है। इसलिए नींव की खुदाई हमेशा सही दिशा से आरंभ करें।

नए मकान में नींव की खुदाई किस दिशा से आरंभ करें?

गृह निर्माण करते समय नींव की खुदाई हमेशा ईशान कोण से ही आरंभ करनी चाहिए उसके बाद आगे का काम करना चाहिए। अगर आप चाहे तो नींव खुदाई की दिशा सूर्य की राशि के अनुसार तय की गयी दिशा के मुताबिक भी कर सकते हैं।

  • सूर्य सिंह, कन्या और तुला राशि में हो तो ईशान कोण से नींव खुदाई शुरू करनी चाहिए।
  • सूर्य वृश्चिक, धनु और मकर राशि में हो तो वायव्यकोण में नींव खोदनी चाहिए।
  • कुंभ, मीन और मेष राशि का सूर्य हो तो नींव खुदाई नैऋत्यकोण से शुरू करनी चाहिए।
  • सूर्य के वृष, मिथुन और कर्क राशि में होने पर नीव की खुदाई आग्नेयकोण से आरंभ करनी चाहिए।

नींव की खुदाई कैसे करें?

एक बार नींव खुदाई आरंभ करने से बाद निम्नलिखित क्रम में नींव की खुदाई करें।

  • उत्तर-पूर्व
  • उत्तर-पश्चिम
  • दक्षिण-पूर्व
  • दक्षिण-पश्चिम

नींव की भराई कैसे करें?

खुदाई की भांति नींव की भराई भी सही क्रम में करनी चाहिए।

  • दक्षिण-पश्चिम
  • दक्षिण-पूर्व
  • उत्तर-पश्चिम
  • उत्तर-पूर्व

नींव खुदाई करने से पूर्व इन बातों का भी ध्यान रखें

निर्माण कार्य शुरू करने से पहले उस हिस्से को पूरी तरह साफ कर लें। वहां किसी का बिल या कोई ठोस वस्तु नहीं होनी चाहिए। उसके बाद नींव पूजन करवाकर खुदाई आरंभ करें और सुविधानुसार भूमि खोदकर नींव भराई करें। घर बनाने की सामग्री को दक्षिण और पश्चिम दिशा में रखें। माना जाता है उत्तर और पूर्व दिशा की अपेक्षा दक्षिण और पश्चिम दिशा में निर्माण सामग्री रखने से घर का काम जल्दी पूरा होता है। काम जल्दी हो इसके लिए दक्षिण दिशा में ऊँचे स्थान पर प्रकाश की व्यवस्था करें। ये दिशा ऊर्जा शक्ति में बढ़ोत्तरी करती है। जिससे निर्माण कार्य तीव्र गति से पूर्ण होता है।