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शरद पूर्णिमा कब है? २०२० में और शरद पूर्णिमा का विशेष महत्त्व

हिन्दू धर्म में एक वर्ष में 12 बार पूर्णिमा आतीं है। और कई बार ये 10 से एक 2 अधिक भी हो जातीं है। क्योंकि तिथि, वार, कारण ,नक्षत्र सभी देखर ज्योतिष ज्ञान के आधार पर ही पूर्णिमा की तिथि निकाली जाती है। हर पूर्णिमा का अपना ही महत्त्व होता है, हर पूर्णिमा में भगवान् श्री विष्णु  का पूजन अवश्य होता है।

अश्विन मास की पूर्णिंमा को शरद पूर्णिमा कहते है। कहते है की इस पूर्णिमा पर चन्द्रमा 16 कलाओं से परिपूर्ण होता है और आज की रात चन्द्रमा की किरणों में से अमृत बरसता है।

शरद पूर्णिमा के दिन लोग पूरे भक्ति भाव से माता लक्ष्मी और भगवान् विष्णु का व्रत करते है। हिन्दू धर्म में इसका सबसे अधिक महत्त्व इस लिए ही है क्यूंकि माना जाता है की आज ही के दिन माता लक्ष्मी का जन्म हुआ था। इसलिए इसे कोजागौरी के नाम से भी जाना जाता है।

शरद पूर्णिमा के दिन ही भगवान् शिव और माता पार्वती के पहले पुत्र कार्तिकेय का जन्म भी शरद पूर्णिमा के दिन हुआ था। इसलिए इसे कुमार पूर्णिमा भी कहते है।

शरद पूर्णिमा के दिन सुबह प्रातः काल ही उठकर नहाधोकर, पूर्णिमा का व्रत का संकल्प लेना चाहिए। माता लक्ष्मी और भगवान् विष्णु का पूजन करना चाहिए।

पूजा मेंअक्षत,रोली,मौली,फल,फूल,धूप दीप,और देसी घी से दिया करना चाहिए। उसके बाद खीर बनाकर प्रसाद के रूप में रखें।  उसके बाद माता लक्ष्मी की कथा करें और मंगल आरती करके बनाई गई खीर को भगवान् को भोग लगाएं। उसके बाद इसी खीर को रात के समय जिस वक़्त पूरा चाँद आसमान में दिखाई दें इस खीर को चाँद की रोशनी में रख दें।  और सुबह इस खीर को प्रसाद के रूप में ग्रहण करें।

इस पूर्णिमा के दिन मान्यता है की, चन्द्रमा की रौशनी में रखी गई खीर में चन्द्रमा की ऊर्जा समा जाती है, अगली सुबह उस खीर को खाने से चन्द्रमा की तरह ही आभावान ऊर्जामय और शांत बना रह सकता है। और जीवन में एक नई ऊर्जा का विकास हो सकता है ऐसी मान्यता है।

अक्टूबर पूर्णिमा 2020 (अश्विनी अधिक पूर्णिमा )

अश्विनी अधिक पूर्णिमा 1 अक्टूबर 2020, दिन गुरूवार को है। अक्टूबर महीने की यह पूर्णिमा 1 अक्टूबर 2020 रात 12:25 से शुरू हो कर 2 अक्टूबर 2020 रात 2:34 तक है। किसी वर्ष में एक माह अधिक होने से अधिक पूर्णिमा भी होती है. 2020 अधिक माह वाला वर्ष ही है, इसीलिए इसमें अश्विनी अधिक पूर्णिमा है।

1 अक्टूबर 2020 का व्रत और त्यौहार-आश्विन अधिक पूर्णिमा, पूर्णिमा व्रत, अन्वाधान

1 अक्टूबर 2020 शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त 11:23 AM से 12:11 PM अमृत काल
12:37 AMअक्टूबर 02 से 02:24 AM, अक्टूबर 02
सर्वार्थ सिद्धि योग कोई नहीं रवि योग 
कोई नहीं

अक्टूबर पूर्णिमा 2020 (अश्विनी पूर्णिमा )

अश्विनी व्रत पूर्णिमा 31 अक्टूबर 2020 दिन शनिवार को है। यह पूर्णिमा 30 अक्टूबर 2020 शुक्रवार शाम 5:45 से शुरू हो कर अगले दिन 31 अक्टूबर 2020 शनिवार रात 8:18 तक है। अश्विनी पूर्णिमा को शरद पूर्णिमा के रूप में भी मनाया जाता है।

30 अक्टूबर 2020 का व्रत और त्यौहार- कोजागर पूजा, शरद पूर्णिमा

30 अक्टूबर 2020 शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त 11:19 AM से 12:04 PM अमृत काल
06:39 AM से 08:26 AM
सर्वार्थ सिद्धि योग 12:00 PM से 06:05 AM, अक्टूबर 30 रवि योग 
12:00 PM से 06:05 AM, अक्टूबर 30

शरद पूर्णिमा का दिन – गुरूवार,1 अक्टूबर 2020 समय –  रात 12:25 से 2 अक्तूबर रात 2 :34 तक

शरद पूर्णिमा का दिन –  शुक्रवार 30 अक्टूबर 2020 शाम 5  :45 तक से शनिवार, 31अक्टूबर 2020 समय – 8:18 तक