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पन्ना (Emerlad) धारण करने का मंत्र, विधि और उसके फायदे

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पन्ना क्या है?

पन्ना बुध ग्रह का रत्न है। यह तोते के पंख की तरह हरा एवं मयूरपंख के समान होता है। जातक की कुंडली में यदि बुध ग्रह का प्रभाव हो तो इस रत्न को धारण करने की सलाह दी जाती है। वैदिक ज्योतिष के मुताबिक पन्ना, बुध ग्रह का रत्न होता है। मुख्य रूप से जाम्बिया और स्कॉटलैंड की खानों से निकला पन्ना बहुत बेहतर माना जाता है।budh dev

इस रत्न का रंग हलके तोतिये रंग से लेकर गाढे हरे रंग तक हो सकता है। पारदर्शी और बिना काले रेशे वाला पन्ना बहुत महंगा होता है। और अगर यह पन्ना सस्ता मिल रहा है तो समझ लें की वह पन्ना सही नहीं है। ज्योतिष के अनुसार कुंडली में बुध ग्रह के शुभ प्रभाव होने पर ही पन्ना रत्न धारण करना चाहिए। पन्ना धारण करने से दिमाग के कार्य करने की क्षमता तीव्र होती है और व्यक्ति पढ़ाई, लिखाई, व्यापार आदि में सफलता प्राप्त करने लगता है।

पढ़ने वाले लोगों को कुंडली का निरिक्षण करवाकर पन्ना धारण करना चाहिए। इससे बुद्धि का विकास होता है क्योंकि शैक्षिक जीवन में बुध ग्रह की अहम् भूमिका होती है। व्यापारी भी अपने व्यापार में उन्नति के लिए पन्ना धारण कर सकते है। हिसाब आदि के कामों से जुड़े जातकों को पन्ना अवश्य धारण करना चाहिए।

इसके अलावा अभिनय और फ़िल्मी क्षेत्र से जुड़े जातकों को भी पन्ना धारण करना चाहिए क्योंकि बुध ग्रह का इन क्षेत्रों में खास प्रभाव होता है। परन्तु इस रत्न को धारण करने के लिए ज्योतिषी सलाह लेना बहुत जरुरी होता है। क्योंकि यदि कुंडली में बुध ग्रह का सही प्रभाव नहीं हुआ तो यह रत्न आपके जीवन में कठिनाइयाँ ला सकता है। इसलिए अगर आपको किसी ने पन्ना धारण करने की सलाह दी है तो निम्नलिखित बातों का जरुर ध्यान रखें।

पन्ना असली है या नकली?पन्ना धारण करने के फायदे

किसी भी रत्न को पहनने से पहले यह जान लेना चाहिए की वह रत्न असली है या नकली। क्योंकि कई बार नकली रत्न पहनने से जीवन में परेशानियाँ भी आने लगती है। पन्ना असली है या नकली यह जानने के लिए रत्न को अपनी आँखों और पलकों पर रखकर देखें, यदि ठंडक महसूस हो तो समझ लें रत्न असली है।

इसके अलावा एक पानी से भरे हुए ग्लास में पन्ना डालने पर हरे रंग की आभा दिखाई देगी जो नकली रत्न में नहीं दिखेगी। इसके अतिरिक्त यदि रत्न पर किसी तरह का धब्बा, दुरंग, गड्ढा, खुरदुरा और बिन्दुयुक्त हो तो उसे धारण नहीं करना चाहिए।

पन्ना धारण करने की विधिपन्ना धारण

यदि आपकी कुंडली में बुध ग्रह की स्थिति अच्छी है और आपको किसी पुरोहित ने पन्ना धारण करने की सलाह दी है तो आप पन्ना धारण कर सकते है।

इसके लिए आपको 3 से 5 कैरेट के पन्ने को सोने की अंगूठी में जड्वाकर पहनना होगा। अंगूठी पहनने के लिए किसी भी शुक्ल पक्ष के बुधवार को सूर्योदय के पश्चात् अंगूठी की प्राण प्रतिष्ठा कर लें। इसके लिए सर्वप्रथम अंगूठी को दूध, फिर गंगा जल, फिर शहद और गुल शक्कर के घोल में डाल दें। उसके पश्चात् बुधदेव के नाम की पांच अगरबत्तियां जलाएं। और प्रार्थना करें की हे! बुध देव, मैं आपका आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए यह रत्न धारण कर रहा हूँ कृपा मुझे अपना आशीर्वाद प्रदान करें।

अब अंगूठी को मिश्रण से निकालकर 108 बार अगरबत्ती के ऊपर से घुमाते हुए ॐ बू बुधाय नमः।। का जप करें। उसके बाद अंगूठी को विष्णु जी के चरणों से स्पर्श कराकर कनिष्ठिका में धारण करें। ध्यान रहे, रत्न में किसी भी प्रकार का दोष नहीं होना चाहिए अन्यथा शुभ प्रभावों में कमी आ सकती है।

अंगूठी धारण करने का मंत्र

“ॐ उद्बुध्यस्वाग्ने प्रति जागृहि त्वमिष्टापूर्ते सं सृजेधामयं च। अस्मिन्त्सधस्‍थे अध्‍युत्तरस्मिन् विश्वे देवा यशमानश्च सीदत।।”