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रक्षा बंधन 2019 राखी बांधने का शुभ मुहूर्त

Raksha Bandhan 2019

रक्षाबंधन 2019 : रक्षाबंधन हिन्दू धर्म के महत्वपूर्ण पर्वों में से एक है। जिसे भाई बहन के प्रेम के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। इस दिन बहनें अपने भाई की लंबी आयु के लिए उनकी कलाई पर राखी बांधती हैं और भाई जीवनभर उसकी रक्षा करने का वचन देता है। हिन्दू, सिख, जैन और लगभग सभी भारतीय समुदायों में इस पर्व को बड़ी धूम-धाम से मनाया जाता है। इस पर्व में सबसे अधिक महत्व रक्षा सूत्र यानी राखी का होता है, जिसे बहनें भाई की कलाई पर बांधती हैं। सावन माह की पूर्णिमा तिथि को रक्षा बंधन मनाया जाता है। सावन के महीने में मनाए जाने के कारण इसे श्रावणी या सलूनो भी कहा जाता है।

रक्षा बंधन का महत्व

रक्षा बंधन के दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं और भाई जीवनभर बहन की रक्षा करने का वचन देता है। कुछ स्थानों पर भाई की शादी के बाद बहनें अपने भाई की पत्नी को भी राखी बांधती हैं और उनके रिश्ते की सलामती की दुआ करती हैं। रक्षाबंधन का पावन पर्व भाई बहन के रिश्ते के और गहरा करने वाला पर्व है। जिसमे भाई अपने बहन के प्रति सभी दायित्वों को निभाने का वचन देता है, वहीं दूसरी ओर बहनें अपने भाई की लंबी आयु और सलामती के लिए उपवास रखती हैं। इस पर्व में राखी का बहुत खास महत्व होता है, जो रेशम के धागे जितनी सस्ती वस्तु से लेकर सोना, चांदी तक की महंगी वस्तुओं तक होती है।

रक्षाबंधन 2019

2019 में रक्षाबंधन 15 अगस्त 2019, गुरुवार को है।

रक्षाबंधन 2019 राखी बांधने का शुभ मुहूर्त

राखी का मुहूर्त = प्रातः 05:54 से सायं 05:59 तक।
मुहूर्त की अवधि = 12 घंटे 5 मिनट

*रक्षाबंधन के दिन भद्रा सूर्योदय से पूर्व ही समाप्त हो जाएगी।

पूर्णिमा तिथि आरंभ = 14 अगस्त 2019, बुधवार प्रातः 03:45 बजे।
पूर्णिमा तिथि समाप्त = 15 अगस्त 2019, गुरुवार शाम 05:59 बजे।

रक्षाबंधन के लिए अपराह्न मुहूर्त = दोपहर 01:44 से सायं 04:20 तक।
मुहूर्त की अवधि = 02 घंटे 37 मिनट

ध्यान रखने योग्य बातें

रक्षाबंधन मनाने के लिए अपराह्न का समय सबसे उपयक्त माना जाता है, जो दोपहर के बाद का समय होता है। अगर अपराह्न का समय भद्रा की वजह से उपयुक्त न हो तो प्रदोष काल भी राखी के लिए उपयुक्त होता ही। भद्रा का समय रक्षा बंधन के लिए शुभ नहीं होती। हिन्दू धर्म में किसी भी शुभ कार्य को भद्रा के दौरान नहीं किया जाता। इसीलिए भद्रा होने पर राखी नहीं बांधनी चाहिए।

कुछ लोगों के मतानुसार, प्रातःकाल में, भद्रा मुख को त्याग कर, भद्रा पूँछ के दौरान रक्षा बंधन किया जा सकता है। लेकिन अभी तक इसका कोई प्रमाण नहीं है। इसलिए अशुभ मुहूर्त में राखी नहीं बांधे। हमेशा शुभ मुहूर्त का ही चयन करें।