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Ramadan 2019 Calendar

रमज़ान इस्लामी कैलेंडर का नौवां महीना है। जिसके रमदान भी कहा जाता है। मुस्लिम समुदाय में रमज़ान के महीने को बहुत पवित्र माना जाता है। और सभी मुस्लिम इस दौरान उपवास रखते हैं जिन्हे रोज़ा कहते हैं। रमज़ान के महीने में रोज़ा रखना बहुत पाक माना जाता है।

क़ुरान में रमज़ान

मुस्लिम के विश्वास के अनुसार, रमज़ान महीने की 27 वीं रात्रि शब-ए-क़द्र को कुरान का अवतरण हुआ था। इसलिए इस महीने में क़ुरान पढ़ना सबसे शुभ होता है। तरावीह की नमाज़ में महीना भर क़ुरान का पाठ किया जाता है। जिन्हे क़ुरान पढ़ना नहीं आता उन्हें क़ुरान सुनने का अवकाश मिल जाता है।

रमज़ान में रोज़ा रखने का महत्व

रमज़ान का महीना 29 या 30 दिन का होता है। इस पुरे महीने मुस्लिम समुदाय के लोग उपवास रखते हैं। अरबी में उपवास को सौम कहा जाता है। इस माह को माह-ए-सियाम भी कहते हैं। फ़ारसी में इसे रोज़ा कहा जाता है।

रोज़ा रखने वाले, सूर्योदय से पहले कुछ खाते हैं जिसे सहरी कहते हैं और उसके बाद पुरे दिन भर कुछ भी खाया पिया नहीं जाता। शाम को सूर्यास्त के बाद रोज़ा खोला जाता है जिसे इफ्तारी कहते हैं।

रमज़ान महीने की विशेषताएं

मुस्लिम समुदाय के लोगों के लिए रमज़ान का महीना बहुत खास होता है, जिसे सभी अपने-अपने तरीकों से मनाते हैं। इस माह की मुख्य विशेताएं इस प्रकार हैं –

  • इस पुरे माह अधिकतर मुस्लिम रोज़े (उपवास) रखते है।
  • रमज़ान के दौरान रात में तरावीह की नमाज़ पढ़ीं जाती है।
  • क़ुरान तिलावत (पारायण) करना।
  • एतेकाफ़ बैठना, यानी गांवों और लोगों के भले और कल्याण के लिए अल्लाह से दुआ करते हुए मौन व्रत रखना।
  • ज़कात देना।
  • दान धर्म करना।
  • अल्लाह का शुक्र अदा करना। अल्लाह का शुक्र अदा करते हुए इस महीने के खत्म होने के बाद शव्वाल की पहली तारीख को ईद-उल-फ़ित्र मनाई जाती है।
  • रमज़ान के पुरे महीने में पुण्य कार्य करने को कहा जाता है। इसीलिए इस महीने को नेकियों और इबादतों का मास माना जाता है।

رمضان 2019 – रमज़ान की पाक बातें

मुस्लिम समुदाय में निम्नलिखित को रमजान की पाक (पवित्र) बातें कहा जाता है –

  • रमजान को नेकियों और पुण्यकर्मों का मौसम-ए-बहार कहा जाता है। इस महीने में मुसलमान अल्लाह की इबादत ज्यादा करते है। अपने अल्लाह को प्रसन्न करने के लिए इस दौरान उपासना के साथ-साथ , क़ुरान परायण और दान धर्म भी किया जाता है।
  • यह महिना गरीबों और जरुरतमंदों के साथ हमदर्दी का है। इस महीने में रोजादार को इफ्तार कराने वाले के गुनाह माफ़ हो जाते है। यदि गुंजाईश न हो तो एक खजूर या पानी से ही इफ्तार कराया जा सकता है।
  • रमज़ान का महिना मुस्तहिक लोगों की मदद करने के लिए जाना जाता है। रमज़ान के ताल्लुक से बेशुमार हदीसें मिलती है। पढ़ा और सुना भी जाता है और लोग इस पर अमल भी करते है।
  • अल्लाह की राह में कंजूसी नहीं बरतनी चाहिए। अल्लाह के लिए खर्च करना अफज़ल है। गरीब चाहे अन्य धर्म के ही क्यों न हो, उनकी मदद करने की शिक्षा क़ुरान में दी गयी है। दूसरों के काम आना भी इबादत ही समझी जाती है।
  • ज़कात, सदक़ा, फित्रा, खैर-खैरात, गरीबों की मदद, दोस्त अहबाब में जो जरूरतमंद है उनकी मदद करना जरुरी समझा और माना जाता है।
  • दूसरों की जरूरतों को पूरा करना अपने गुनाहों को कम और नेकियों को ज्यादा कर देता है।
  • जो शख्स रोज़े ईमान और एहतेसाब रखे उसके पिछले सभी गुनाह माफ़ कर दिए जाते है। रोज़ा व्यक्ति को जब्ते नब्ज की तरबियत देता है। व्यक्ति में परहेजगारी पैदा करता है।

Ramzan 2019 – 5 May 2019 से 4 June 2019

Ramadan 2019 will begin in the evening of Sunday, 5 May 2019 and ends in the evening of Tuesday, 4 June 2019

Dates may vary