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सफ़ेद मोती (Pearl) पहनने के फायदे

सफ़ेद मोती पहनने के फायदे

सफ़ेद मोती

सफ़ेद मोती को पर्ल के नाम से भी जाना जाता है, सफ़ेद मोती समुद्र में सीपियों द्वारा बनाया जाता है। सफ़ेद मोती भी आठ तरह के होते हैं अभ्र मोती, शंख मोती, सर्प मोती, गज मोती, शुक्ति मोती, बांस मोती, शूकर मोती और मीन मोती और यह चन्द्रमा का रत्न है, इसीलिए इसका इस्तेमाल चन्द्रमा सम्बन्धी दोषो के निवारण के लिए धारण किया जाता है। साथ ही इस रत्न को पहनने से और भी बहुत सी समस्याओं का निवारण करने में मदद मिलती है। सफ़ेद मोती को गोल आकार में पहनना सबसे उत्तम माना जाता है। सफ़ेद के अलावा आजकल और भी बहुत से मोती पहनने का प्रचलन चल गया है जिसे लोग राशि या नाम के अनुसार धारण करते हैं। साथ ही सफ़ेद मोती को धारण करने से पहले आपको इस बात का ध्यान रखना चाहिए की यह आपकी राशि के अनुसार हो, और सही गृह नक्षत्र में इसे आपने धारण किया हो। क्योंकि सही गृह नक्षत्र में रत्न धारण करने से जहां फायदा मिलता है वहीँ गलत नक्षत्र में इसे धारण करने से इसका नकारात्मक प्रभाव भी आप पर पड़ सकता है।

सफ़ेद मोती यानी पर्ल पहनने के फायदे

लोग अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बहुत से तरीको का इस्तेमाल करते हैं और उनमे से एक तरीका रत्न को धारण करना भी है। हर किसी को राशि के अनुसार रत्न धारण करने के अलग अलग फायदे मिलते हैं, लेकिन इसे अच्छे से पूजा करवाने के बाद सही समय में, सही हाथ और ऊँगली में धारण करना चाहिए। तो आइये अब विस्तार से जानते हैं की सफ़ेद मोती को पहनने से कौन कौन से लाभ मिलते हैं।

धन की कमी

कई बार काम होने पर भी धन का अभाव रहता है, जिसके कारण व्यक्ति हमेशा परेशान रह सकता है। ऐसे में धन की कमी की समस्या से निजात पाने और देवी लक्ष्मी की असीम कृपा को पाने के लिए सफ़ेद मोती पहनना बहुत ही शुभ माना जाता है।

क्रोध आना

बिना किसी बात के गुस्से में रहना, मन का किसी काम में स्थिर न रह पाना, आदि। अपने इस स्वाभाव के कारण कई बार व्यक्ति खुद ही अपने आप से परेशान हो जाता है। ऐसे में सफ़ेद मोती पहनना बहुत ही शुभ माना जाता है। क्योंकि इसे पहनने से मन को शांत होने के साथ स्थिर होने में भी मदद मिलती है।

बिमारी

आपने देखा होगा कई बार ऐसा होता है की घर का एक सदस्य बिमारी से ठीक होता है तो दूसरा बीमार हो जाता है, और जब दूसरा ठीक होने लगता है तो कोई और बीमार पड़ जाता है। इस तरह घर में सदस्यों का बीमार रहना भी घर में हमेशा नकारात्मकता फैलाता है। ऐसे में इस परेशानी से निजात पाने के लिए भी सफ़ेद मोती को पहनना बहुत ही शुभ माना जाता है।

प्रगति नहीं मिलना

हर व्यक्ति चाहता है की वो अपने काम में दिन दुगुनी और रात चौगनी उन्नति करे। लेकिन मेहनत करने के बाद भी उसे अपने करियर में प्रगति नहीं मिल पाती है। ऐसे में इस समस्या के निवारण के लिए भी सफ़ेद मोती को पहनना बहुत ही शुभ माना जाता है।

निर्णय लेने की कमी

बहुत बार ऐसा होता है की सही समय होता है लेकिन आपके उस समय पर सही निर्णय न लेने या निर्णय लेने में देरी करने के कारण आपको परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। और यदि आपके साथ हमेशा ऐसे ही होता है की आप कोई भी निर्णय लेने में सक्षम नहीं हो पाते हैं, तो इसके कारण कई बार आपको नुकसान का सामना भी करना पड़ सकता है। ऐसे में निर्णय लेने की क्षमता में वृद्धि के लिए भी सफ़ेद मोती का पहनना बहुत ही शुभ माना जाता है।

घर की शांति

यदि किसी कारण घर में लड़ाई झगड़ा रहता है, शांति नहीं रहती है, परिवार के सदस्यों में अनबन रहती है, पति पत्नी के रिश्ते में अनबन रहती है, तो ऐसे में इन सभी परेशानियों से निजात पाने के लिए भी सफ़ेद मोती को धारण करना बहुत ही शुभ माना जाता है।

संतान का स्वास्थ्य

छोटे बच्चों के साथ कोई न कोई स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्या लगी रहती है, लेकिन यदि आपका शिशु बहुत ज्यादा बीमार रहता है। तो यह भी अच्छी बात नहीं होती है। ऐसे में इस परेशानी से निजात पाने के लिए शिशु के गले में सफ़ेद मोती पहनाने से इस परेशानी से निजात पाने में मदद मिलती है।

मोती पहनने से पहले इन बातों का ध्यान रखें

  • शुद्ध सफ़ेद मोती ने वजन नहीं होता है, ऐसे में यदि आप जो मोती पहन रहे है उसे पहनने से आपको वजन महसूस हो रहा है तो उस मोती को धारण करने से बचना चाहिए।
  • मोती में दरार या मोती टूटा हुआ नहीं होना चाहिए।
  • मोती सफ़ेद और चमकदार होना चाहिए उसमे किसी भी तरह का पीलापन नहीं होना चाहिए।

मोती को किसी पंडित या ज्योतिष से पूछने के बाद पहनना चाहिए, ताकि आपको इस बात का पता चल सके की वह मोती आपकी राशि को सूट करता है या नहीं, या उसे पहनने के बाद उसका कोई गलत असर तो नहीं पड़ेगा, आदि। साथ ही सही समय, सही, दिन, सही नक्षत्र में मोती को धारण करना चाहिए, ताकि आपको उसका फलदायी असर मिल सके।