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साईं बाबा व्रत विधि, व्रत के नियम व् उद्यापन विधि

Sai Baba Vrat : साई बाबा का व्रत वीरवार को किया जाता है, इस व्रत को श्रद्धा और आस्था के साथ करने से आपकी सभी मनोकामनाओ को पूरा करने में मदद मिलती है।

Sai Baba Vrat : साईं बाबा की महिमा से कोई भी अनजान नहीं है उनकी महिमा के किस्से हर कोई जानता है। ऐसे ही साईं बाबा व्रत की भी बहुत अधिक मान्यता है, यह व्रत वीरवार को किया जाता है। इस व्रत को कोई भी कर सकता है, साथ ही इस व्रत को किसी भी वीरवार को साईं बाबा का नाम लेकर शुरू किया जा सकता है। ऐसा माना जाता है जो भी सच्चे मन से साईं बाबा का ध्यान करता है और उन्हें याद करता है, व्रत करता है, साईं बाबा उस पर प्रसन्न होते है। और उनके मन की सभी मनोकामनाओ को पूरा करते है। साईं बाबा केवल आपकी आस्था को देखते है और उसे देखकर ही आप पर खुश होते है।

यदि आप भी साईं बाबा का व्रत करना चाहते है तो इसके लिए किसी भी वीरवार को सुबह नहाधोकर बाबा का आसन लगाना चाहिए। और उसके बाद साईं बाबा की धूनी को मन में रमाना चाहिए। इससे आपको भी साईं बाबा के करीब जाने का मौका मिलता है। तो आइये आज हम आपको साईं बाबा का व्रत किस प्रकार किया जाता है, उसकी व्रत विधि, व्रत के नियम, और उद्यापन की विधि बताने जा रहे है। जिससे आपको इस व्रत को आसानी से और विधिपूर्वक करने में मदद मिलती है। तो आइये अब जानते है की साईं बाबा का व्रत किस प्रकार करना चाहिए।

साई बाबा व्रत विधि:-

  • साई बाबा का व्रत वीरवार के दिन किया जाता है और आप किसी भी वीरवार को साई बाबा का नाम लेकर इस व्रत को शुरू कर सकते है।
  • साई बाबा का व्रत स्त्री, पुरुष, बच्चा कोई भी कर सकता है, बस में में श्रद्धा होनी चाहिए।
  • यह व्रत नौ, ग्यारह, इक्कीस, या अपने मन की इच्छा अनुसार आप कितने भी कर सकते है।
  • जिस वीवर को अपने व्रत रखना हो उस दिन सुबह समय से उठकर नहा धोकर स्नानादि कर लेना चाहिए।
  • फिर जिस जगह आपने आसन लगाना हो उस जगह को साफ़ करके, आसन पर पीला कपडा बिछा दें।
  • उसके बाद उस आसन पर साईं बाबा की प्रतिमा को रखें, और स्वच्छ जल का इस्तेमाल करके उसे अच्छे से साफ़ करें।
  • साफ़ करने के बाद साई बाबा की प्रतिमा को कुमकुम या चन्दन का तिलक लगाना चाहिए, और पीले फूलों की माला अर्पण करनी चाहिए।
  • फिर साई बाबा का भोग लाना चाहिए भोग में आप किसी भी फल, मिठाई आदि का प्रयोग कर सकते है।
  • भोग को रखने के बाद साईं बाबा जी कथा,साईं चालीसा,साईं स्मरण,साईं बावनी, और साईं कवच आदि का पाठ करना चाहिए।
  • अंत में साई बाबा के आगे हाथ जोड़कर उनकी क्रिप्स को आप पर बने रहने की प्रार्थना करनी चाहिए।
  • फिर प्रसाद को लोगो में वितरित करना चाहिए। उसके बाद यदि आपके आस पास कोई साईं मंदिर हो तो दर्शन के लिए नहीं तो घर पर ही साई बाबा का ध्यान करते रहना चाहिए।
  • इस तरह हर वीरवार को आप साई बाबा का व्रत विधि के साथ कर सकते है।

साईं बाबा व्रत नियम:-

  • साई बाबा का व्रत यदि आप किसी कारणवश बीच में छोड़ देते है तो आप इसे बाद में रख सकते है, लेकिन जो व्रत अपने छोड़ दिया है वो दिन व्रत की गिनती में नहीं आएगा।
  • महिलाओं को मासिक धर्म होने पर उस दिन व्रत नहीं करना चाहिए।
  • यदि आप नौ व्रत का संकल्प लेते है और आगे भी व्रत रखना चाहते है पहले नौ व्रत का उद्यापन करना चाहिए उसके बाद ही आगे व्रत शुरू करने चाहिए।
  • व्रत के दिन किसी की बुराई, किसी का बुरा आदि नहीं करना चाहिए केवल साईं नाम में मन को रमाना चाहिए।
  • हो सकें तो साईं मंदिर जरूर जाना चाहिए, खासकर उद्यापन के दिन तो जरूर जाना चाहिए।
  • पूरा दिन भूखे रहकर उपवास नहीं करना चाहिए, बल्कि शाम के समय चने के डाल की खिचड़ी बनाकर भोग लगाकर प्रसाद में देनी चाहिए, और खुद भी ग्रहण करना चाहिए।

साईं बाबा व्रत उद्यापन विधि:-

  • अपने व्रत के अंतिम गुरूवार को आपको उद्यापन करना चाहिए।
  • इस दिन भी सुबह समय से उठकर नहाने के बाद पूजा आदि कर लेनी चाहिए।
  • उसके बाद गरीबो को भोजन करवाना चाहिए, यह आप अपनी श्रद्धा अनुसार कर सकते है।
  • उसके बाद साईं बाबा व्रत की किताबे भी आपको बांटनी चाहिए।
  • चाहे आपकी मनोकामना पूरी हो या न हो अपने कहे अनुसार व्रत का उद्यापन कर देना चाहिए।
  • यदि कोई भी व्यक्ति साई बाबा का व्रत उपरोक्त विधि और सच्चे मन से करता है तो उसकी मनोकामना जरूर पूरी होती है।

तो यह है साईं बाबा के व्रत की विधि, व्रत के नियम और उद्यापन विधि, यदि आप भी साईं बाबा का व्रत करना चाहते है तो किसी भी वीरवार को साईं बाबा का नाम लेकर व्रत की शुरुआत कर सकते है। ऐसा करने से आपकी मनोकामना पूरी होती है। साथ ही साईं बाबा का व्रत करते समय आपको मन में केवल साईं का ध्यान ही नहीं करना चाहिए, यदि आप व्रत रखकर भी दूसरों के लिए बुरा ही सोचते है तो आपको इस व्रत का फल नहीं मिलता है।