Take a fresh look at your lifestyle.

संक्रांति कैलेंडर 2019 : क्यों मनाते है संक्रांति? 2019 में संक्रांति कब-कब है?

संक्रांति कैलेंडर 2019

संक्रांति कैलेंडर 2019, क्यों मनाते है संक्रांति, 2019 में संक्रांति कब-कब है, संक्रांति कब की है, २०१९ संक्रांति दिनांक, संक्रांति कब मनाई जाती है, Sankranti 2019, Sankranti Calender 2019 , Sankranti Date 2019, Makar Sankranti Date 2019


संक्रांति कैलेंडर 2019

सूर्य जब एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करता है तो उसे संक्रांति कहते है। हिन्दू कैलेंडर के अनुसार, पुरे साल में कुल 12 संक्रांतियां होती है। और शास्त्रों में सभी संक्रांतियों का खास महत्व बताया गया है।

संक्रांति का महत्व 

ज्योतिष में कुल 12 राशियां होती है और हर महीने सूर्य एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करता है। इसी को संक्रांति कहते है। हिन्दू धर्म में संक्रांति को बहुत पुण्यकारी माना जाता है। इस दिन दान-धर्म करना, पितृ-तर्पण करना, गंगा स्नान करने का खास महत्व होता है।

भारत के अलग-अलग हिस्सों में संक्रांति को बड़े धूम-धाम से मनाया जाता है। आंध्रप्रदेश, उड़ीसा, कर्नाटक, केरल, गुजरात, तेलांगना, तमिलनाडु, पंजाब और महाराष्ट्र में संक्रांति को साल के प्रारंभ के रूप में मनाया जाता है। जबकि बंगाल और असम में संक्रांति को साल की समाप्ति की तरह माना जाता है।

साल की महत्वपूर्ण संक्रांतियां

ऐसे तो सूर्य का बाराहों राशियों से गुजरना शुभ होता है लेकिन हिन्दू धर्म में कुछ राशियों में सूर्य के संक्रंमण को बहुत खास माना जाता है। वे महत्वपूर्ण संक्रांतियां इस प्रकार हैं –

मकर संक्रांति

सूर्य जब धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करता है तो उसे मकर संक्रांति कहते हैं। मकर संक्रांति को पुरे भारत में बड़े हर्ष और उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दिन खिचड़ी और तिल के बनी चीजों का सेवन करने का खास महत्व होता है। सामान्य तौर पर मकर संक्रांति 14 जनवरी को मनाई जाती है, पर कभी-कभी यह 15 जनवरी को भी मनाई जाती है।

मेष संक्रांति

सूर्य जब मीन राशि से मेष राशि में प्रवेश करता है तो उसे मेष संक्रांति कहते हैं। यह संक्रांति हिन्दू कैलेंडर के नववर्ष के रूप में मनाई जाती है। इस संक्रांति को भारत के कई राज्यों में पर्व के रूप में मनाया जाता है।

मिथुन संक्रांति

सूर्य जब वृष राशि से मिथुन राशि में प्रवेश करता है तो उसे मिथुन संक्रांति कहते हैं। भारत के पूर्वी और पूर्वोत्तर हिस्सों में उसे माँ पृथ्वी के वार्षिक मासिक धर्म के चरण के रूप में मनाया जाता है।

कर्क संक्रांति

सूर्य जब मिथुन राशि से कर्क राशि में प्रवेश करता है तो उसे कर्क संक्रांति कहते हैं। हिन्दू कैलेंडर के अनुसार, इस संक्रांति को उत्तरायण काल का अंत माना जाता है। इस दिन से दक्षिणायन शुरू होता है जो मकर संक्रांति पर समाप्त होता है।

संक्रांति 2019 दिनांक

दिनांक वार संक्रांति
14 जनवरी 2019 मंगलवार मकर संक्रांति
13 फरवरी 2019 बुधवार कुंभ संक्रांति
14 मार्च 2019 शुक्रवार मीन संक्रांति
14 अप्रैल 2019 रविवार मेष संक्रांति
15 मई 2019 बुधवार वृष संक्रांति
15 जून 2019 शनिवार मिथुन संक्रांति
16 जुलाई 2019 मंगलवार कर्क संक्रांति
17 अगस्त 2019 शनिवार सिंह संक्रांति
17 सितंबर 2019 मंगलवार कन्या संक्रांति
17 अक्टूबर 2019 शुक्रवार तुला संक्रांति
16 नवंबर 2019 रविवार वृश्चिक संक्रांति
16 दिसंबर 2019 सोमवार धनु संक्रांति