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सर्व स्त्री-पुरुष वशीकरण : किसी स्त्री या पुरुष को वश में करने का मंत्र और तरीका!

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वशीकरण

Stri-Purush Ko Vash Me Karne Ka Tarika – वशीकरण मंत्र – जिन मंत्रों के द्वारा किसी भी प्राणी को, रिश्तों को अपने वश में किया जाए और अपनी कामना पूर्ण की जाए उसे वशीकरण कहते है। वशीकरण मंत्र का प्रयोग पति पर, पत्नी पर, मित्र पर, शत्रु पर या जिनसे आप कुछ काम निकलवाना चाहते है उस पर किया जा सकता है। अपने वशीभूत करने की यह प्रक्रिया “वश्य-कर्म” कहलाती है। वशीकरण की देवी, सरस्वती होती है। वशीकरण का प्रयोग अगर वसंत ऋतू में किया जाए तो बहुत ही अच्छा होता है। वशीकरण प्रातःकाल से कुछ समय पश्चात् उत्तर दिशा की ओर बैठकर किया जा सकता है। वशीकरण में लाल वस्त्र तथा मूंगा, हीरा, स्फटिक एवं अलग-अलग रत्नों की माला इसके लिए अनुकूल होती है। वशीकरण में राई, लवण का हवन बहुत ही अनुकूल होता है।

वशीकरण कब करना चाहिए?

वशीकरण के लिए ताम्र कलश (तांबे का कलश), सप्तमी तिथि और शनिवार का दिन बहुत ही उपयुक्त होता है। वशीकरण प्रयोग करने वाले साधक को हमेशा मीठी, मधुर व् विनम्र वाणी बोलनी चाहिए।

स्त्री-पुरुष वशीकरण मंत्र

“ॐ ह्रीं क्लीं सर्वपुरुष, सर्वस्त्री हृदयहारिणी, ममवश्यं कुरु वषट् ह्रीं श्रीं नमः नमः।”

किसी भी स्त्री-पुरुष को अपने वशीकरण में करने के लिए किसी भी महीने की शुक्लपक्ष की प्रतिपदा तिथि से लेकर चतुर्दशी तिथि तक इस मंत्र को साधें। उसके पश्चात् किसी भी व्यक्ति के समक्ष जाकर इक्कीस (21) बार इस को मंत्र को पढना है। ऐसा करने से चारो दिशाओं में सभी लोग इस व्यक्ति के जिसने मंत्र पढ़ा है उसके सेवक हो जाएंगे। और वे सभी उस व्यक्ति की आज्ञा मानने लगेंगे फिर चाहे वो स्त्री हो या पुरुष।

लेकिन एक बात स्मरण रहें, किसी को भी अपने वशीभूत करने के लिए मन्त्रों का सही उच्चारण करना बेहद जरुरी होता है। इसके साथ साथ वशीकरण करते समय मन और तन की एकाग्रता और शुद्धता का होना भी बेहद जरुरी होता है, तभी वशीकरण सम्भव हो पाता है।