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सावन 2019 : सावन पूर्णिमा, सावन सोमवार व्रत और तिथियां

Sawan 2019 Festivals

हिन्दू कैलेंडर के अनुसार, एक साल का 12 माह होते हैं जिसका आरंभ चैत्र से होता है और समापन फाल्गुन महीने को होता है। वर्ष में आने वाले इन सभी 12 महीनों का अपना-अपना महत्व होता है। इनमे से कुछ महीने ऐसे भी हैं जिन्हे हिन्दू धर्म में बहुत खास माना जाता है। सावन का महीना भी उन्ही खास महीनों में से एक है।

सावन का महीना

सावन हिन्दू कैलेंडर का पांचवा महीना है जो जुलाई के महीने में पड़ता है। सावन के महीने को भगवान भोले की आराधना के लिए जाना जाता है। इस महीने दूर-दूर से भक्त कांवड़ लेकर भगवान भोले पर जल चढ़ाने जाते हैं। सावन में कांवड़ यात्रा का बहुत महत्व होता है। भक्त इस महीने शिव जी के लिए उपवास भी रखते हैं जिनमे सावन सोमवार व्रत का खास महत्व होता है।

2019 सावन कब से कब तक है?

पुर्णिमांत कैलेंडर के अनुसार (राजस्थान, पंजाब, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, बिहार, हिमाचल प्रदेश और उत्तरी क्षेत्रों में) 

सावन आरंभ – 17 जुलाई 2019, बुधवार।
सावन समाप्त – 15 अगस्त 2019, गुरुवार।

अमांत कैलेंडर के अनुसार (महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगना, तमिल नाडु, गोवा और गुजरात में)

सावन आरंभ – 2 अगस्त 2019, शुक्रवार।
सावन समाप्त – 30 अगस्त 2019, शुक्रवार।

2019 सावन के व्रत त्यौहार

शिव भक्ति को समर्पित इस पावन माह में बहुत से पर्व मनाए जाते हैं।

सावन सोमवार व्रत

श्रावण के महीने में सोमवार व्रत का बहुत खास महत्व माना जाता है। सावन के पुरे महीने भक्त सोमवार का व्रत रखते हैं और भगवान शिव की पूजा अर्चना करते हैं। बहुत से लोग सावन के पुरे महीने शिव जी पर दूध और जल से अभिषेक करते हैं। माना जाता है ऐसा करने से मनोकामना पूर्ण होती है।

सोलह सोमवार के व्रत

मनचाहा फल पाने के लिए भक्त 16 सोमवार का व्रत करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं, सोलह सोमवार व्रत की शुरुवात सावन के पहले सोमवार से की जाती है। उसके बाद आने वाले 16 सोमवार तक उपवास किया जाता है। मनचाहा जीवनसाथी पाने के लिए इस व्रत को बहुत खास माना जाता है।

मंगला गौरी व्रत

सावन के महीने में शिव जी के साथ-साथ माँ गौरी की भी आराधना की जाती है। सावन सोमवार के अगले दिन यानी मंगलवार को मंगला गौरी व्रत किया जाता है। मंगला गौरी व्रत सुहाग की लंबी आयु और अच्छा वर पाने के लिए किया जाता है। सावन सोमवार के बाद मंगला गौरी व्रत को खास माना जाता है।

हरियाली तीज व्रत

सावन माह में आने वाले हरियाली तीज व्रत को सुहागन स्त्रियों के लिए बहुत खास माना जाता है। उत्तर भारत में इस पर्व का बहुत महत्व है। इस व्रत में भगवान शिव और माँ पार्वती की पूजा की जाती है। इस दिन सुहागिन महिलाएं पुरे श्रृंगार के साथ तीज का व्रत करती हैं और अपने पति की लंबी आयु के लिए प्रार्थना करती हैं।

नाग पंचमी

सावन माह की नाग पंचमी में नागों की पूजा की जाती है। कहा जाता है इस दिन पूरी श्रद्धा के साथ  सर्प देवता का पूजन करने से मनोवांछित फल मिलता है। सावन में नाग पंचमी की पूजा का खास महत्व होता है।

सावन पुत्रदा एकादशी

इस महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी को बहुत खास माना जाता है। निःसंतानों के लिए इस व्रत का महत्व बहुत खास है। माना जाता है सावन माह की पुत्रदा एकादशी का व्रत रखने से पुत्र की प्राप्ति होती है। 

सावन पूर्णिमा (रक्षाबंधन)

अन्य पर्वों के साथ-साथ भाई बहन का पावन पर्व रक्षाबंधन भी सावन के महीने में पड़ता है। सावन की पूर्णिमा को रक्षाबंधन मनाया जाता है। जब बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं और भाई जीवनभर उसकी रक्षा करने का वचन देता है।

इतने सारे पर्व होने के कारण ही इस माह का महत्व इतना खास होता है। इस माह में भगवान भोले की भक्ति भी है और भाई बहन के प्यार को दर्शाने वाला पर्व भी। इसलिए सावन को इतना खास माना जाता है। इसके अलावा इस महीने से वर्षा ऋतू का भी आगमन होता है। जो जून जुलाई की गर्मी से परेशान जनता को सुकून देती है।