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Sawan Shivratri 2018

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साल की 12 शिवरात्रियों में सबसे महत्वपूर्ण साल की दो शिवरात्रियां मानी जाती हैं – 1. फाल्गुन कृष्ण पक्ष 2. सावन कृष्ण पक्ष की शिवरात्रि। सावन की शिवरात्रि को इसलिए भी खास माना जाता है क्यूंकि सावन को भगवान शिव का सबसे प्रिय महीना कहा जाता है। कहते हैं इन महीने में व्रत रखने से भगवान शिव का आशीर्वाद मिलता है और व्रती की मनोकामना पूर्ण होती है। यहां हम आपको सावन की शिवरात्रि की पूजा विधि, पूजा तिथि और शुभ मुहूर्त के बारे में बता रहे हैं।

2018 में सावन शिवरात्रि 09 अगस्त 2018, गुरुवार को है। 

सावन में भगवान शिव की पूजा

माना जाता है जो भक्त पूरी श्रद्धा के साथ सावन की शिवरात्रि का व्रत करते हैं और भगवान शिव की पूजा करते हैं शिव जी उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। सावन के महीने को भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे उत्तम माना जाता है और वैसे भी भगवान शिव को भोला भंडारी कहा जाता है। कहते है पूरी श्रद्धा के साथ सावन में की गयी शिव जी की आराधना से भगवान शिव अपना आशीर्वाद देते हैं।

सावन सोमवारी व्रत

सावन माह के सोमवार को भी भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे अच्छा माना जाता है। सावन के सोमवार का व्रत करने ना केवल मनुष्य की सभी इच्छाएं पूर्ण होती है बल्कि शिव जी का आशीर्वाद भी मिलता है। ऐसा माना जाता है सावन में सोमवार का व्रत रखने से कुंवारी कन्याओं को मनचाहा वर और कुवारें लड़कों को मनचाही दुल्हन मिलती है।

सावन महीने का महत्व इसलिए भी और अधिक हो जाता है क्यूंकि इसी महीने के पहले सोमवार से 16 सोमवार के व्रत का आरंभ किया जाता है। जिसका बहुत खास महत्व माना जाता है।

सावन शिवरात्रि का महत्व

सावन की शिवरात्रि सावन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाई जाती है जिसका मनुष्य के जीवन में बहुत खास महत्व होता है। सावन की शिवरात्रि को पाप से छुटकारा दिलाने वाली और शिव की कृपा दिलाने वाली भी माना जाता है। सोमवार के अलावा सावन में शिवरात्रि का व्रत रखने से भी मनुष्य को मनचाहा जीवनसाथी मिल जाता है फिर चाहे वो वर हो या वधु।

जबकि सुहागिन स्त्रियां यदि सावन की शिवरात्रि का व्रत रखें तो यह उनके दांपत्य जीवन में प्रेम बढ़ाता है। जो सुहागन स्त्री सावन के सभी सोमवार और शिवरात्रि को व्रत रखती है उनका सौभाग्य बना रहता है और परिवार में सुख-समृद्धि आती है।

सावन शिवरात्रि पूजा मुहूर्त 2018 

सावन शिवरात्रि 2018 

2018 में सावन शिवरात्रि 09 अगस्त 2018, गुरुवार को है।

सावन शिवरात्रि व्रत और पूजा का शुभ मुहूर्त 

सावन शिवरात्रि निशीथ काल पूजा का समय24:05 से 24:49

सावन शिवरात्रि व्रत का पारण का समय = 05:52 से 15:44 (10 अगस्त 2018)

चतुर्दशी तिथि का प्रारंभ = 22:45 (9  अगस्त 2018)
चतुर्दशी तिथि का समापन = 19:07 (10 अगस्त 2018)

सावन शिवरात्रि व्रत-पूजा विधि

सावन शिवरात्रि व्रत का पूजन भी कुछ-कुछ महाशिवरात्रि की ही तरह होता है। यहाँ हम आपको सावन शिवरात्रि व्रत पूजन विधि बता रहे हैं। लेकिन इससे पूर्व पूजा में प्रयोग होने वाली सामग्री जान लेते हैं ताकि पूजा के समय किसी तरह का कोई विघ्न न आए।

पूजा की सामग्री
सावन की शिवरात्रि के लिए मंदिर के आगे पूजा करने का पूरा सामान मिल जाता है जिसमे फल फूल से लेकर बेलपत्र, और आंक, धतूरा का फल और फूल के साथ कच्चा बेल भी उपयुक्त होता है पूजा करने के लिए। इसके साथ-साथ दूध, दही, चीनी, चावल, गंगाजल, बिल्वपत्र, फल, फूल, धूप बत्ती या अगरबत्ती, चन्दन, शहद, घी, इत्र, केसर, धतूरा, कलावा, भस्म
पूजा विधि

शिवरात्रि के दिन प्रातःकाल जल्दी जागकर स्नान करके खुद को पवित्र कर लें। उसके बाद घर में या शिव मंदिर में जाकर भगवान शिव की पूजा करें। पूजा के लिए शिव जी के साथ माता पारवती और नंदी गाय को पंचामृत अर्पित करें। इसके बाद गंगाजल चढ़ाएं। फिर ऊपर बताई गयी सामग्रियों को एक-एक करके ॐ नमः शिवाय का जाप करते हुए शिवलिंग पर अर्पित करें। उसके बाद धूप दीप जलाकर भगवान शिव की आरती करें और प्रणाम करके घर वापस आ जाए.

इस पुरे दिन व्रत रखें। आप व्रत अपनी रीत-रिवाजों और क्षेत्र की मान्यता के अनुसार ही रखें और पुरे भक्ति भाव से भगवान शिव की आराधना करते रहें। आपका व्रत सम्पूर्ण होगा।