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शुभ मुहूर्त : शुभ कार्य करने के लिए शुभ संयोग मुहूर्त 2019

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Auspicious Muhurat in 2019

हिन्दू धर्म के अनुसार, किसी भी कार्य को करने के लिए शुभ मुहूर्त का होना जरुरी होता है। गृह निर्माण, गृह प्रवेश, वाहन खरीदारी, आभूषण खरीदारी, यात्रा आरंभ करने, नई वस्तु खरीदने, मकान की चाबी लेने, रजिस्ट्री करवाने और नौकरी के लिए आवेदन देने से पूर्व शुभ मुहूर्त पर विचार करना आवश्यक होता है।

माना जाता है शुभ मुहूर्त में किये गए कार्य हमेशा शुभ परिणाम देते हैं और उनमें सफलता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शुभ मुहूर्त व्यक्ति की कुंडली और उसके ग्रहों की चाल के अनुसार तय किया जाता है, परंतु कुछ ऐसे विशेष योग भी हैं जिन्हे केवल ग्रहों और नक्षत्रों की चाल के हिसाब से निकाला जाता है। और इन मुहूर्त का प्रयोग किसी भी नए कार्य को आरंभ करने के लिए किया जा सकता है। यहाँ हम आपको साल 2019 के लिए सभी विशेष योग जैसे सर्वार्थ सिद्धि योग, गुरुपुष्य अमृत योग, रविपुष्य योग, द्विपुष्कर योग, त्रिपुष्कर योग बता रहे हैं।


शुभ संयोग मुहूर्त 2019 के लिए

सर्वार्थ सिद्धि योग 2019

शुभ मुहूर्त निकाले बिना कोई भी कार्य करना शुभ नहीं होता। लेकिन कई बार कुछ कारणों की वजह से मुहूर्त से पहले जरुरी कार्य करने पड़ते हैं। ऐसी स्थिति में सर्वार्थ सिद्धि योग का प्रयोग किया जा सकता है। सर्वार्थसिद्धि योग मुहूर्त में शुक्र अस्त, गुरु अस्त, पंचक, भद्रा आदि पर विचार करने की आवश्यकता नहीं होती, क्योंकि ये मुहूर्त अपने आप में ही श्रेष्ठ होते है।


गुरु पुष्य अमृत योग 2019

गुरु ग्रह सभी ग्रहों में सबसे शक्तिशाली और प्रभावी ग्रह है। गोचर में चौथे, आठवें, बाहरवे स्थान पर चंद्रमा होने पर भी पुष्य नक्षत्र कार्यों को सिद्ध करता है। तारा अस्त होने पर भी इस योग का प्रयोग कार्य को आरंभ करने के लिए किया जाता है। केवल विवाह को छोड़कर। जब गुरुवार के दिन पुष्य नक्षत्र पड़ता है तो उसे पुष्यामृत योग कहते हैं।


रविपुष्य योग 2019

यह योग (मुहूर्त) भी गुरु पुष्य अमृत योग की भांति ही होता है। रवियोग होने पर सभी अशुभ योग समाप्त हो जाते हैं। इस मुहूर्त के होने पर कोई भी कार्य बिना हिचक के आरंभ किया जा सकता है। जब रविवार के दिन पुष्य नक्षत्र पड़ता है तो उसे रविपुष्य योग कहते हैं।


द्विपुष्कर योग 2019

यह मुहूर्त विशेष रूप से बहुमूल्य वस्तुओं की खरीदारी के लिए देखा जाता है। शास्त्रों के अनुसार, इस योग में खरीदी गई वस्तु भविष्य में दोगुना हो जाती है। इसीलिए ज्योतिष में भी सोना, वाहन, मकान, दूकान, प्लॉट की खरीदारी के लिए द्विपुष्कर योग को सर्वश्रेष्ठ कहा जाता है। परन्तु इस दिन कोई वस्तु बेचनी नहीं चाहिए और मुकदमा दायर नहीं करना चाहिए। इससे जातक को भारी हानि होने की संभावना बनी रहती है।


त्रिपुष्कर योग 2019

त्रिपुष्कर योग भी द्विपुष्कर योग के जैसा ही फल देता है। इस मुहूर्त में किया गया कार्य भविष्य में तिगुना फल देता है। फिर चाहे वो लाभ हो या हानि। इसलिए इस मुहूर्त में कोई भी कार्य पूरी तरह विचार करने के बाद ही आरंभ करना चाहिए।


शुभ मुहूर्त 2019

जनवरी 2019 शुभ संयोग मुहूर्त

फरवरी 2019 शुभ संयोग मुहूर्त

मार्च 2019 शुभ संयोग मुहूर्त

अप्रैल 2019 शुभ संयोग मुहूर्त

मई 2019 शुभ संयोग मुहूर्त

जून 2019 शुभ संयोग मुहूर्त

जुलाई 2019 शुभ संयोग मुहूर्त

अगस्त 2019 शुभ संयोग मुहूर्त

सितंबर 2019 शुभ संयोग मुहूर्त

अक्टूबर 2019 शुभ संयोग मुहूर्त

नवंबर 2019 शुभ संयोग मुहूर्त

दिसंबर 2019 शुभ संयोग मुहूर्त