सोमवार का व्रत कैसे किया जाता है?

सोमवार व्रत, सोमवार का दिन भोलेबाबा को समर्पित होता है। और सोमवार का व्रत भोलेबाबा को प्रसन्न करने और उनकी कृपा दृष्टि जातक व् उसके परिवार पर बने रहे इसीलिए किया जाता है। भोलेबाबा को भक्त महेश, जटा धारी, शिव भगवान, शंकर, महादेव, त्रिपुरारी, हिमालय वासी, भोलेनाथ, देवों के देव, आदि नामों से जानते हैं।

सोमवार का व्रत भक्त कई तरीके से रखते हैं। जैसे की कुछ लोग पांच, ग्यारह या सोलह सोमवार का व्रत करते हैं। तो कुछ केवल सावन के सोमवार को ही व्रत करते हैं, तो कुछ ऐसे भी होते हैं जो व्रत को गिनते ही नहीं हैं। बल्कि जब तक उनकी इच्छा होती है तब तक व्रत करते हैं। तो कुछ ऐसे भी होते हैं जो मन्नत पूरी न होने तक सोमवार के व्रत को रखते हैं।

लेकिन हर व्यक्ति व्रत के व्रत रखने का एक ही लक्ष्य होता है की वो भोलेबाबा को प्रसन्न करना चाहते हैं। साथ ही भोलेबाबा का व्रत कोई भी पुरुष, स्त्री, कुँवारी लडकियां, कुंवारे लड़के आदि कोई भी कर सकता है। लेकिन इस व्रत के फल को पाने के लिए सबसे जरुरी होता है, की व्रत सही तरीके और पूरे विधि विधान से करने से साथ पूरे भक्ति भाव और श्रद्धा से इस व्रत को करना चाहिए। तो आइये आज हम आपको सोमवार का व्रत कैसे किया जाता है इस बारे में बताने जा रहे हैं।

सोमवार का व्रत कैसे करें

सोमवार का व्रत रखने के लिए पूरे नियमों का ध्यान रखना जरुरी होता है। ताकि व्रत में किसी भी तरह की गलती न हो। और व्रत को सफल करने में आपको मदद मिल सके। तो आइये अब विस्तार से जानते हैं की सोमवार का व्रत रखने पर किन बातों का ध्यान रखें।

सबसे पहले क्या करें?

व्रत वाले दिन सुबह सूर्योदय से पहले उठें। नित्य क्रियाक्रम करने के बाद साफ़ पानी से नहाएं। हो सके तो पानी में थोड़े से काले तिल डाल लें। सिर जरूर धोएं। साफ़ सुथरे वस्त्र धारण करें। और पूजा की तैयारी शुरू करें।

प्रसाद

सोमवार के व्रत में आटे का प्रसाद जरूर बनाएं। इसके लिए गेहूं का आटा लें और उसे घी में भून लें। घी में भुनने के बाद बुरा या चीनी भुने हुए आटे में मिलाएं। उसके बाद केला या कोई अन्य फल भी इस प्रसाद में मिलाएं। अब इस प्रसाद को तीन हिस्सों में बांट लें।

पूजा

  • अब एक लोटे में पानी लें।
  • बेल पत्र, धूप, दीप, सफ़ेद फूल, फल, कच्चा दूध, चन्दन, आदि लें।
  • उसके बाद मंदिर में जाकर शिवलिंग को जल चढ़ाएं।
  • कच्चा दूध, बेल पत्र, सफ़ेद फूल, फल, शिवलिंग पर चढ़ाएं।
  • चन्दन का तिलक लगाएं। फिर अपने हाथ जोड़कर भोलेबाबा से अपने मन की इच्छा कहें।
  • शिव परिवार की पूजा अर्चना करें।
  • और उनकी कृपा दृष्टि आप और आपके परिवार पर बनी रहे इसके लिए प्रार्थना करें।
  • उसके बाद चाहे तो वहीँ बैठकर कथा भी कर सकते हैं।
  • या अपने घर से ही कथा करने के बाद मंदिर में जाएँ।
  • फिर धूप, दीप जलाकर भोलेबाबा की आरती करें।

आखिर में यह करें

अब प्रसाद के एक हिस्से को मंदिर में भोलेबाबा को अर्पण करें। एक हिस्से को मंदिर में बाँट दें। एक हिस्से को अपने घर के आस पास बाँटें, अपने लिए भी प्रसाद रखें।

व्रत में आहार

सोमवार का व्रत तीन पहर तक होता है। इसीलिए शाम के समय आप आहार का सेवन कर सकते हैं। आप चाहे तो सिर्फ फलाहार भी ले सकते हैं। इसके अलावा हो सके तो सोमवार के व्रत में नमक का सेवन नहीं करना चाहिए। कुछ लोग सोमवार के व्रत में नमकीन खा लेते हैं। लेकिन आप हो सके तो ऐसा करने से बचें।

सोमवार का व्रत रखने के नियम

  • शुक्ल पक्ष में सोमवार का व्रत रखने की शुरुआत करें।
  • सुबह समय से उठकर नहा धोकर तैयार हो जाएँ।
  • साफ़ सुथरे वस्त्र धारण करें।
  • पूरे विधि विधान से पूजा करें।
  • किसी की बुराई न करें।
  • किसी के साथ न तो बुरा करें न तो होने दें।
  • जीवहत्या न करें।
  • पेड़ पौधों को न काटें।
  • व्रत रखने पर ब्रह्मचर्य का पालन करें।
  • मास मदिरा से दूर रखें।
  • दान धर्म के कार्य करें।

सोमवार का व्रत रखने के फायदे

सोमवार का व्रत रखने से व्यक्ति की सभी मन की इच्छाएं पूरी होती है। लेकिन ऐसा तभी होता है जब यह व्रत पूरी निष्ठा व् श्रद्धा के साथ रखा जाता है। तो आइये अब जानते हैं की सोमवार के व्रत रखने के क्या फायदे होते हैं।

  • आर्थिक परेशानियां दूर होती है।
  • मनचाहा जीवनसाथी मिलता है।
  • शत्रु का भय नहीं रहता।
  • पारिवारिक सुख व् शांति बनी रहती है।
  • काम में सफलता मिलती है।
  • रुके हुए काम सफल होते हैं।
  • समाज में मान सम्मान बढ़ता है।
  • बिमारी से निजात मिलता है।
  • संतान सुख की प्राप्ति होती है।

तो यह हैं सोमवार के व्रत से जुडी सम्पूर्ण जानकारी, व् सोमवार का व्रत रखने के फायदे। तो यदि आप भी सोमवार का व्रत रखना चाहते हैं तो विधि अनुसार इस व्रत को रख सकते हैं।

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