21 जनवरी 2025 को कालाष्टमी का पर्व मनाया जाएगा, जो भगवान काल भैरव की उपासना के लिए समर्पित है। हिंदू पंचांग के अनुसार, यह व्रत प्रत्येक माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन भक्त उपवास रखते हैं और रात्रि में भगवान भैरव की पूजा-अर्चना करते हैं, जिससे जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।

प्रश्न: कालाष्टमी 2025 में कब है?

उत्तर: 21 जनवरी 2025 को।

प्रश्न: कालाष्टमी का महत्व क्या है?

उत्तर: कालाष्टमी के दिन भगवान काल भैरव की पूजा करने से जीवन में आने वाली सभी बाधाएं और नकारात्मक शक्तियां दूर होती हैं। यह व्रत विशेष रूप से उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण है जो शत्रु भय, कोर्ट-कचहरी के मामलों या अन्य समस्याओं से ग्रस्त हैं।

प्रश्न: कालाष्टमी व्रत की पूजा विधि क्या है?

उत्तर:

  1. प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  2. भगवान भैरव की मूर्ति या चित्र के समक्ष दीपक जलाएं।
  3. उन्हें पुष्प, धूप, नैवेद्य (विशेषकर उड़द से बनी वस्तुएं) अर्पित करें।
  4. भैरव चालीसा या भैरव मंत्रों का जाप करें।
  5. रात्रि में जागरण करें और भैरव जी की कथा सुनें।
  6. अगले दिन प्रातः व्रत का पारण करें।

प्रश्न: कालाष्टमी व्रत के लाभ क्या हैं?

उत्तर: इस व्रत के पालन से भक्तों को शत्रु भय से मुक्ति, रोगों से राहत, धन-धान्य की वृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है। भगवान भैरव की कृपा से जीवन में सुख-शांति और समृद्धि का वास होता है।

प्रश्न: क्या कालाष्टमी व्रत केवल पुरुषों द्वारा रखा जाता है?

उत्तर: नहीं, यह व्रत स्त्री और पुरुष दोनों द्वारा रखा जा सकता है। भक्त अपनी श्रद्धा और विश्वास के अनुसार इस व्रत का पालन करते हैं।

प्रश्न: कालाष्टमी व्रत के दौरान कौन से नियमों का पालन करना चाहिए?

उत्तर:

  • व्रत के दिन ब्रह्मचर्य का पालन करें।
  • सात्विक भोजन ग्रहण करें या निर्जला उपवास रखें।
  • क्रोध, अहंकार और नकारात्मक विचारों से दूर रहें।
  • रात्रि में भैरव जी की पूजा और जागरण करें।

प्रश्न: क्या कालाष्टमी व्रत के दिन कुत्तों को भोजन कराना शुभ होता है?

उत्तर: हां, भगवान भैरव का वाहन कुत्ता माना जाता है। इस दिन कुत्तों को भोजन कराने से भगवान भैरव प्रसन्न होते हैं और भक्तों को उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है।

प्रश्न: कालाष्टमी व्रत का पारण कब करना चाहिए?

उत्तर: अगले दिन प्रातःकाल स्नान आदि करने के बाद व्रत का पारण करना चाहिए। पारण के समय भगवान भैरव का स्मरण और प्रार्थना करें।

प्रश्न: क्या कालाष्टमी व्रत के दिन शराब का सेवन किया जा सकता है?

उत्तर: नहीं, इस दिन शराब या किसी भी प्रकार के मादक पदार्थों का सेवन वर्जित है। शुद्ध मन और शरीर से भगवान भैरव की उपासना करनी चाहिए।

प्रश्न: क्या कालाष्टमी व्रत के दिन मांसाहार किया जा सकता है?

उत्तर: नहीं, इस दिन मांसाहार से दूर रहना चाहिए और शाकाहारी भोजन का ही सेवन करना चाहिए।

प्रश्न: क्या कालाष्टमी व्रत के दिन बाल कटवाना उचित है?

उत्तर: नहीं, इस दिन बाल कटवाना, नाखून काटना या शेविंग करना वर्जित माना जाता है।

प्रश्न: क्या कालाष्टमी व्रत के दिन यात्रा करना शुभ है?

उत्तर: यदि आवश्यक न हो तो इस दिन यात्रा से बचना चाहिए। यदि यात्रा अनिवार्य हो, तो भगवान भैरव का स्मरण करके ही प्रस्थान करें।

प्रश्न: क्या कालाष्टमी व्रत के दिन भैरव मंदिर में दर्शन करना आवश्यक है?

उत्तर: यदि संभव हो, तो भैरव मंदिर में जाकर दर्शन और पूजा करें। यदि मंदिर जाना संभव न हो, तो घर पर ही भगवान भैरव की पूजा करें।

प्रश्न: क्या कालाष्टमी व्रत के दिन रात्रि जागरण आवश्यक है?

उत्तर: हां, रात्रि जागरण और भगवान भैरव की कथा सुनना या पाठ करना शुभ माना जाता है।

प्रश्न: क्या कालाष्टमी व्रत के दिन दान-पुण्य करना चाहिए?

उत्तर: हां, इस दिन जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र या अन्य आवश्यक वस्तुओं का दान करना पुण्यदायी होता है।

प्रश्न: क्या कालाष्टमी व्रत के दिन विशेष रंग के वस्त्र पहनने चाहिए?

उत्तर: भगवान भैरव की पूजा में काले या नीले रंग के वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है, लेकिन स्वच्छ और शुद्ध वस्त्र पहनना मुख्य है।

प्रश्न: क्या कालाष्टमी व्रत के दिन विशेष भोजन बनता है?

उत्तर: हां, तिल और गुड़ से बने लड्डू

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