गृह प्रवेश मुहूर्त

गृह प्रवेश 2019 दिनांक और मुहूर्त

2019 में गृह प्रवेश के शुभ मुहूर्त की तिथियां, समय, नक्षत्र और शुभ तिथि इन तारीखों में करें नये घर में प्रवेश, साथ ही जानें राशि और नाम से गृह प्रवेश मुहूर्त 2019 की तिथि जो आपके लिए शुभ होगा

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जुलाई 2019

  • 18 जुलाई 2019, गुरुवार, नक्षत्र – श्रवण, द्वितीया
  • 19 जुलाई 2019, शुक्रवार, नक्षत्र – धनिष्ठा, द्वितीया
  • 20 जुलाई 2019, शनिवार, नक्षत्र – शतभिषा, तृतीया
  • 22 जुलाई 2019, सोमवार, नक्षत्र – पूर्वा भाद्रपद, पंचमी
  • 24 जुलाई 2019, बुधवार, नक्षत्र – रेवती, सप्तमी

अगस्त 2019

  • 05 अगस्त 2019, सोमवार, नक्षत्र – हस्त, पंचमी
  • 07 अगस्त 2019, बुधवार, नक्षत्र – स्वाति, सप्तमी
  • 09 अगस्त 2019, शुक्रवार, नक्षत्र – अनुराधा, नवमी
  • 12 अगस्त 2019, सोमवार, नक्षत्र – पूर्वाषाढ़ा, द्वादशी
  • 15 अगस्त 2019, गुरुवार, नक्षत्र – श्रवण, पूर्णिमा

सितंबर 2019

  • 11 सितंबर 2019, बुधवार, नक्षत्र – श्रवण, त्रयोदशी

अपने नाम और राशि के अनुसार गृह प्रवेश मुहूर्त

मुहूर्त निकलवाने के लिए कृपया 251 रूपए का डोनेशन करें। हम आपके लिए आपके नाम के अनुसार जन्म तिथि के अनुसार, आपकी राशि के अनुसार क्या शुभ होगा मुहूर्त निकालकर भेजंगे। ताकि नए घर में खुशियां, परिवार में सुख-शान्ति, और आपको अपार सफलता मिलें।

अक्टूबर 2019

  • 6 अक्टूबर 2019, रविवार, नक्षत्र- पूर्वाषाढ़, अष्टमी
  • 7 अक्टूबर 2019, सोमवार, नक्षत्र – उत्तराषाढ़, नवमी
  • 8 अक्टूबर 2019, मंगलवार, नक्षत्र – श्रवण, दशमी (अबूझ मुहूर्त)
  • 21 अक्टूबर 2019, सोमवार, नक्षत्र – पुनर्वसु, सप्तमी
  • 25 अक्टूबर 2019, शुक्रवार, नक्षत्र – पूर्वा फाल्गुनी, द्वादशी

नवंबर 2019

  • 9 नवंबर 2019, शनिवार, नक्षत्र – रेवती, त्रयोदशी
  • 13 नवंबर 2019, बुधवार, नक्षत्र – रोहिणी, द्वितीया
  • 14 नवंबर 2019, गुरुवार, नक्षत्र – रोहिणी / मृगशिरा, द्वितीया/तृतीया
  • 21 नवंबर 2019, गुरुवार, नक्षत्र – उत्तराफाल्गुनी, दशमी
  • 22 नवंबर 2019, शुक्रवार, नक्षत्र – उत्तराफाल्गुनी, दशमी/एकादशी
  • 30 नवंबर 2019, शनिवार, नक्षत्र – उत्तराषाढ़, पंचमी

दिसंबर 2019

  • 6 दिसंबर 2019, शुक्रवार, नक्षत्र – उत्तरा भाद्रपद/रेवती, दशमी
  • 7 दिसंबर 2019, शनिवार, नक्षत्र – रेवती, एकादशी
  • 12 दिसंबर 2019, गुरुवार, नक्षत्र – मृगशिरा, पूर्णिमा

शुभ मुहूर्त में ही गृह प्रवेश क्यों किया जाता है?

कोई भी शुभ कार्य करने से पहले मुहूर्त निकालना अति आवश्यक होता है। मुहूर्त अवश्य ही शुभ तिथि में करना चाहिए। ताकि आपको नए घर में खुशियां, सुख-समृद्धि, परिवार में सुख-शांति, मान-प्रतिष्ठा मिल सके।

 गृह प्रवेश के लिए कभी भी जल्दबाजी नहीं करें। मुहूर्त के लिए इंतज़ार करें। सही समय आने पर ही अपने नए घर में प्रवेश करें, इससे आपके परिवार की उन्नति होगी और नया मकान आपका फलेगा। खुशियां मिलेगी किसी चीज की कभी कमी नहीं रहेगी और आप उस घर में चैन की नींद से सो सकेंगे।

कई लोग और कई पंडित कभी भी गृह प्रवेश की तिथि दे देते हैं जो गलत है। गृहप्रवेश का अपना मुहूर्त चक्र होता है। मुहूर्त निकालने से पहले नक्षत्र, तिथि, वार, लग्न और समय का विशेष ध्यान रखना जाता है। और कुछ ही तिथि शुभ होता हैं।

कई बार लोग कभी भी मुहूर्त कर लेते हैं और नए घर में प्रवेश कर जाते हैं। पंडित से यही पूछते हैं की तिथि शुभ है या नहीं? पर ये सही नहीं है! तिथि का शुभ होना गृह प्रवेश का मुहूर्त नहीं हो सकता है। क्यूंकि गृह प्रवेश का अलग ही मुहूर्त होता है। इसलिए जल्दबाजी नहीं करें उचित मुहूर्त निकालकर ही नए घर में प्रवेश करें। ताकि आप किसी भी हानि से बच सकें।

मुहूर्त चक्र के अनुसार गृह प्रवेश करने की तिथि, नक्षत्र, और वार

गृह प्रवेश 2019 के लिए

शुभ दिन – चंद्र (सोमवार), गुरुवार, शुक्रवार, शनिवार

नक्षत्र – उत्तरा भाद्रपद, उत्तरा फाल्गुनी, उत्तरा आषाढ़, रोहिणी, मृगशिरा, चित्रा, अनुराधा, रेवती

तिथि – द्वितीया, तृतीया, पंचमी, षष्ठी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी, त्रयोदशी

शुभ लग्न – द्वितीया, पंचमी, अष्टमी, एकादशी उत्तम है। तृतीया, षष्ठी, नवमी, द्वादशी मध्यम है।

अपने नाम और राशि के अनुसार गृह प्रवेश मुहूर्त निकलवाएं और समृद्धि पाएं

मुहूर्त निकलवाने के लिए कृपया 251 रूपए का डोनेशन करें। हम आपके लिए आपके नाम के अनुसार जन्म तिथि के अनुसार, आपकी राशि के अनुसार क्या शुभ होगा मुहूर्त निकालकर भेजंगे। ताकि नए घर में खुशियां, परिवार में सुख-शान्ति, और आपको अपार सफलता मिलें।

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महत्वपूर्ण जानकारियां - गृह प्रवेश करने से पहले जानिए जरुरी बातें।

गृह प्रवेश क्या है?

किसी भी नए मकान को बनाने के बाद सबसे पहले उसमे पूजा की जाती है। इस पूजा को गृह प्रवेश पूजा कहा जाता है। गृह प्रवेश पूजा करने के बाद ही नए मकान में प्रवेश किया जाता है। माना जाता है बिना गृह प्रवेश पूजा किये नए घर में रहना शुभ नहीं होता। इसलिए सबसे पहले गृह प्रवेश किया जाता है।

गृह प्रवेश कितने प्रकार का होता है?

गृह प्रवेश दो प्रकार का होता है :

1. नूतन गृह प्रवेश

जब कोई जमीन खरीदकर उस पर नींव से लेकर छत तक नया मकान बनवाता है या नई बिल्डिंग में कोई नया फ्लैट खरीदता है। और उसमे गृह प्रवेश करता है तो उसे नूतन गृह प्रवेश कहा जाता है। नये फ्लैट में इंटीरियर करवाकर उसमे गृह प्रवेश करने को भी नूतन गृह प्रवेश कहा जाता है।

2. जीर्ण गृह प्रवेश

किसी भी बनेबनाए मकान को तुड़वाकर दोबारा से बनवाता है तो उसे जीर्ण गृह कहा जाता है। क्यूंकि उस मकान की नींव पहले से ही बनी हुई होता है केवल छत तोड़कर दोबारा मकान बनवाया जाता है। या किसी पुराने फ्लैट को खरीदकर उसमे तोड़फोड़ करवाकर दोबारा से निर्माण करवाने पर वो फ्लैट भी जीर्ण गृह हो जाता है। ऐसे घर में गृह प्रवेश करने को जीर्ण गृह प्रवेश कहते हैं।

कौन-से महीने में गृह प्रवेश किया जाता है?

मुहूर्त चक्र के अनुसार, वैशाख, सावन, कार्तिक, मार्गशीर्ष, माघ, फाल्गुन माह में गृह प्रवेश करना अत्यंत शुभ माना जाता है। इन महीनों में गृह प्रवेश करने से नए घर में सुखसमृद्धि बनी रहती है।

नूतन गृह प्रवेश की तिथि और वार क्या होना चाहिए?

मुहूर्त चक्र के अनुसार, महीने की द्वितीया, तृतीया, पंचमी, षष्ठी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी और त्रयोदशी तिथि गृह प्रवेश करने के लिए शुभ होती है। गृह प्रवेश करने के लिए शुभ वार सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार और शनिवार हैं। इन दिनों में गृह प्रवेश करना शुभ होता है।

किस नक्षत्र में गृह प्रवेश किया जाता है?

शास्त्रों के अनुसार, उत्तरा भाद्रपद, उत्तरा फाल्गुनी, उत्तरा आषाढ़, रोहिणी, मृगशिरा, चित्रा, अनुराधा और रेवती आदि नक्षत्रों में गृह प्रवेश करना अत्यंत शुभ होता है। इसके अलावा अन्य नक्षत्रों में भी गृह प्रवेश किया जा सकता है लेकिन उस दिन शुभ मुहूर्त होना अनिवार्य है।

कब गृह प्रवेश नहीं करना चाहिए?

हिन्दू पंचांग में कुछ ऐसे अशुभ दिन होते हैं जिनमे गृह प्रवेश करना बिलकुल भी अच्छा नहीं होता। इन दिनों में गृह प्रवेश करने से दुःख और दरिद्रता आती है। इसीलिए भूलकर भी इन दिनों में गृह प्रवेश नहीं करना चाहिए।

  • अधिक मास (वर्ष में एक मास अधिक होने पर)
  • मलमास या खरमास (सूर्य जब धनु और मीन राशि में जाता है)
  • चातुर्मास (चार महीने की अवधि जब देव सो जाते हैं)
  • श्राद्ध पक्ष (पितरों के लिए)
  • पंचक (पांच अशुभ नक्षत्र)
  • दक्षिणायन (सूर्य जब दक्षिण दिशा की ओर होता है)
  • होलाष्टक आदि दिनों में गृह प्रवेश नहीं करना चाहिए।