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2024 में शुभ गृह निर्माण मुहूर्त भूमि पूजन नींव पूजन

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गृह निर्माण का मुहूर्त चयन करते समय कई तत्वों का ध्यान रखना चाहिए। यहां कुछ मुख्य टिप्स हैं जो आपको गृह निर्माण मुहूर्त के चयन में मदद कर सकती हैं:

वास्तु शास्त्र का ध्यान रखें: वास्तु शास्त्र के अनुसार, कुछ मुहूर्त शुभ होते हैं जो नए घर के निर्माण के लिए उपयुक्त होते हैं। वास्तु शास्त्र के विशेषज्ञ से सलाह लें।

हिन्दू पंचांग का अध्ययन करें: हिन्दू पंचांग में शुभ मुहूर्त की जानकारी होती है जो गृह निर्माण के लिए उपयुक्त हो सकती है।

ऋतु और मौसम का ध्यान रखें: निर्माण के लिए ऐसे मुहूर्त का चयन करें जब मौसम और ऋतु उपयुक्त होते हैं।

ग्रह नक्षत्र की जाँच करें: ग्रहों और नक्षत्रों का सही स्थिति में होना भी मुहूर्त को शुभ बना सकता है। एक ज्योतिषीय सलाहकार से सहायता लें।

समाज की परंपरा और श्रद्धा: कई लोग अपनी परंपरागत श्रद्धा और समाज की परंपराओं के अनुसार मुहूर्त चयन करते हैं। आप अपने सामाजिक संप्रदाय की परंपराओं के अनुसार भी चयन कर सकते हैं।

गृह निर्माण मुहूर्त का चयन करने से पहले, आपको अपनी आवश्यकताओं, स्थानीय परंपराओं, और अन्य संदर्भों का ध्यान रखना चाहिए।

वास्तु पूजन और शिलान्यास क्यों जरूरी है?

भूमि का अर्थ है पृथ्वी और शिलान्यास का अर्थ है पहला पत्थर आपके भवन का। किसी जगह को अपना बसेरा बनाना चाह रहे हैं तो आपको देवताओं से आज्ञा लेने होते हैं। जिस भूमि के मालिक आप हैं वह भूमि लाखों साल से है। आज से 10000 साल पहले उस भूमि पर क्या था आपको पता है? यह भूमि शुभ है अशुभ है यह भी आपको नहीं पता। इसलिए उस भूमि का दोष मुक्त होना, कुलदेवता से से आज्ञा लेना, देवताओं को आवाहन करना, बहुत जरूरी होता है। देवी देवता, नवग्रह, कुलदेवता, ग्राम देवता, को सूचित करना जरूरी हो जाता है। और यही माध्यम है वास्तु पूजन का इसीलिए शुभ मुहूर्त निकाला जाता है ताकि शुभ मुहूर्त में ही देवी देवता आते हैं।

इसलिए पूजा पाठ का महत्व है और शिलान्यास का महत्व है। ताकि वह भूमि दोषमुक्त हो जाए और आपके रहने योग्य और घर बनाने योग्य हो जाए। इसलिए सही मुहूर्त में पूजा पाठ करके शिलान्यास करना, ईट रखना जरूरी होता है।

वास्तु शास्त्र के अनुसार, भूमि पूजन, नीव पूजन, गृह निर्माण कब करने चाहिए?​​

भूमि पूजन के लिए शुभ दिन कौन सा होता है?

आप भूमि पूजन, नींव पूजन शिलान्यास, दिन सोमवार, बुधवार, बृहस्पतिवार, शुक्रवार, शनिवार, को करना चाहिए।

कौन सी तिथि शुभ होती है भूमि पूजन नींव पूजन के लिए?

आप द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, त्रयोदशी, पूर्णिमा को भूमि पूजन नीव पूजन करें।

किस नक्षत्र में भूमि पूजन शुभ माना जाता है?

भूमि पूजन के लिए जो सर्वश्रेष्ठ नक्षत्र होता है वह है, मृगशिरा, पुष्य, अनुराधा, उत्तराफाल्गुनी, उत्तराभाद्रपद, उत्तराषाढ़, धनिष्ठा, शतभिषा, चित्रा, हस्त, रोहिणी और रेवती।

कौन सा हिंदी महीना शुभ होता है नींव पूजन के लिए?

माघ :  जनवरी और फरवरी के महीनों में आता है। इस महीने में किया गया नींव पूजन, जिंदगी के सभी पहलुओं में सफलता और उपलब्धि सुनिश्चित करता है

फाल्गुन : मार्च और अप्रैल में आता है,  इस महीने नींव पूजन करने से धन और समृद्धि आती है

वैसाख (बैसाख) : April -May – इस महीने में नींव पूजा करने से धन और समृद्धि आती है नए मकान में

कार्तिक : अक्टूबर और नवंबर महीना, इस महीने मुहूर्त करने से इन महीनों में घर बनाने से घर के मालिक को खुशी और प्रसन्नता मिलती है

शुभ लग्न नींव पूजन के लिए कौन सा होता है ?

द्वितीया, तृतीया, पंचमी, षष्ठी, अष्टमी, नवमी, एकादशी, द्वादशी शुभ लग्न होता है भूमि पूजन के लिए

नींव पूजन के लिए आवश्यक सामग्री

भूमि पूजा के लिए आवश्यक वस्तुओं की सूची दी गई है। इन वस्तुओं के अलावा भी कई जरूरी सामान की जरूरत पड़ती है। आपके क्षेत्र के अनुसार, आप की परंपरा के अनुसा पूजन सामग्री में कुछ और भी चीजों को सम्मिलित किया जा सकता है। जरूरी वस्तुओं की लिस्ट हम यहां दे रहे हैं

हल्दी, अगरबत्ती, कुमकुम, कपूर, फल, 9 प्रकार के रत्न (नवरत्न), पुष्प, सूखे खजूर, 5 धातु (पंच लोहा), हरे नीबू, 9 प्रकार के बीज (नव धन्यम), दीया, सफेद कपड़ा, लाल कपड़ा, पीला कपड़ा, 5 ईंटें, कलश, 10 पंचपत्र, कलश, देवता का चित्र/मूर्ति, पान के पत्ते और मेवा, आम के पत्ते, मिश्री, हवन सामग्री पैकेट, पूजा थाली, लोटा, गंगाजल, आसन के लिए तख़्ता, मिठाई, नाग देवता. नारियल

नींव खुदाई की दिशा कौन सी होती है?

घर बनाने के लिए आपकी जमीन चाहे किसी भी दिशा में हो, लेकिन इस बात का ध्यान रखने है की नींव की खुदाई उत्तर पूर्व से शुरू करके उत्तर-पश्चिम और दक्षिण- पूर्व की तरफ लाएं। इसके बाद उत्तर- पश्चिम और दक्षिण- पूर्व से शुरू करके दक्षिण- पश्चिम तक साथ साथ करके खत्म करें। भूमि पूजन हमेशा उत्तर पूर्व दिशा में ही करें।

गृह निर्माण और नींव पूजन शुभ मुहूर्त का चुनाव कैसे करें?

आप किसी विद्वान पंडित से सलाह लें, जो आपके नाम राशि लग्न के अनुसार जन्मतिथि के अनुसार अति उत्तम मुहूर्त निकाल सके। मुहूर्त का चुनाव करते समय जल्दीबाजी नहीं करें।

अगर आपको अपने नाम राशि और स्थान के अनुसार मुहूर्त निकलवाना है। तो संपर्क करें हम आपके अनुसार आपके लिए शुभ मुहूर्त निकाल कर देंगे। आपके ईमेल पर आपके व्हाट्सएप नंबर पर 2 महीनों का मुहूर्त निकाल कर भेजेंगे जो आपके लिए शुभ होगा।

गृह निर्माण मुहूर्त 2024 में शुभ तिथियाँ कौन कौन से हैं? आइये जानते हैं आपको नए घर का निर्माण कार्य कब से शुरू करने चाहिए

जनवरी 2024

  • 17 जनवरी 2024, बुधवार, सप्तमी, शुक्लपक्ष, पौष, रेवती नक्षत्र
  • 18 जनवरी 2024, गुरुवार, अष्टमी, शुक्लपक्ष, पौष, अश्विनी नक्षत्र
  • 22 जनवरी 2024, सोमवार,द्वादशी, शुक्लपक्ष, पौष, मृगशिरा नक्षत्र
  • 25 जनवरी 2024, गुरुवार, पूर्णिमा, शुक्लपक्ष, पौष. पुष्य नक्षत्र
  • 26 जनवरी 2024 शुक्रवार, प्रतिपदा, कृष्णपक्ष, माघ, पुष्य नक्षत्र

फरवरी 2024,

  • 1 फरवरी 2024, गुरूवार, षष्ठी, कृष्णपक्ष, माघ, चित्रा नक्षत्र
  • 14 फरवरी 2024, बुधवार, पंचमी, शुक्लपक्ष, माघ, रेवती नक्षत्र
  • 19 फरवरी 2024, सोमवार, दशमी, शुक्लपक्ष, मृगशिरा नक्षत्र
  • 22 फरवरी 2024, गुरुवार, शुक्लपक्ष, त्रयोदशी, माघ, पुष्य नक्षत्र
  • 26 फरवरी 2024 सोमवार, कृष्णपक्ष द्वितीय, फाल्गुन, उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र
  • 29 फरवरी 2024, गुरुवार, कृष्णपक्ष, पंचमी, फाल्गुन, चित्रा नक्षत्र

मार्च 2024

  • 6 मार्च 2024, बुधवार, कृष्णपक्ष, पंचमी, फाल्गुन, चित्रा नक्षत्र

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