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Griha Pravesh Muhurat

गृह प्रवेश के पहले क्या करें, नए घर में प्रवेश कैसे करें?

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गृह स्वामी या गृह स्वामिनी को नए घर में जाने से पहले हवन कराने से पहले या वास्तुशांति पूजन के पहले कई बातों का ध्यान रखना होता है ताकि नए घर में खुशियां आये। नया घर आपके लिए शुभ हो। नए घर में आपका परिवार खुशहाल रहे। कभी किसी चीज की कमी नहीं हो। लक्ष्मी का वास हो इज्जत मान प्रतिष्ठा आपका बढ़ता ही जाये। वंश बड़े आपसब लोग निरोग रहें।

गृह प्रवेश मुहूर्त का महत्व और मुहूर्त कैसे निकालें जो आपके लिए अतिशुभ हो।

गृह प्रवेश करना वास्तु शांति पूजा करना या नए घर में जाने का शुभ दिन का चयन करना ज्योतिष शास्त्र में एक महत्वपूर्ण शुभ कार्य शुभ और सामजिक कार्य है। जहां आपको कई बातों का ध्यान रखना जरुरी होता है। शास्त्रों और पंचांग के अनुसार नए घर में रहने के लिए उपयुक्त समय का चुनाव करना बड़े ध्यान पूर्वक करने चाहिए। गृह प्रवेश पूजा मुहूर्त का चयन करने के लिए कई तत्वों को विशेष रूप से ध्यान में रखा जाता है। मकान छोटा हो या बड़ा। कोठी हो या फ्लैट आपको विशेष रूप से ध्यान रखना है जैसे कि तिथि, दिन, नक्षत्र, लग्न, और ग्रहों की स्थिति।

गृह प्रवेश मुहूर्त शुभ होना क्यों जरुरी होता है?

एक शुभ मुहूर्त चुनने का उद्देश्य यह होता है कि नए घर में रहने से संबंधित सभी कार्यों में सौभाग्य और समृद्धि हो। नए घर में खुशियाँ हो, परिवार के सदस्य खुश रहे और कभी किसी चीज की कमी नहीं हो स्वस्थ और दीर्घाऊ हो।

गृहप्रवेश मुहूर्त कैसे निकालें?

मुहूर्त का चयन रेखांकन, ज्योतिष, और पंचांग के आधार पर किया जाता है। यहां आपको विभिन्न तत्वों का ध्यान रखने की सलाह दी जाती है, हम आपके लिए उचित मुहूर्त निकाल कर देंगे आप अपना डिटेल्स भेजिए हम आपके नाम और राशि के अनुसार मुहूर्त निकालेंगे जो आपके लिए और आपके परिवार के शुभ होगा। क्यों की कई लोग गलत मुहूर्त में गृह प्रवेश करते हैं उसी से ज़िंदगी समस्याएं आती है। पारिवारिक वातावरण कलहपूर्ण, तनावपूर्ण रहता है और समृद्धि नहीं आती है।

गृह प्रवेश करना कब शुभ होता है, गृह प्रवेश के लिए शुभ नक्षत्र, शुभ तिथि, शुभ दिन कौन-कौन से होते हैं?

वारसोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार, शनिवार
नक्षत्रउत्तरा भाद्रपद, उत्तरा फाल्गुनी, उत्तरा आषाढ़, रोहिणी, मृगशिरा, चित्रा, अनुराधा, रेवती
तिथिद्वितीया, तृतीया, पंचमी, षष्ठी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी, त्रयोदशी
लग्नद्वितीया, पंचमी, अष्टमी, एकादशी उत्तम है। तृतीया, षष्ठी, नवमी, द्वादशी मध्यम है।
लग्न-शुद्धिलग्न से प्रतिपदा, द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, नवमी, दशमी, एकादशी स्थानों में शुभ ग्रह शुभ होते है।
तृतीया, षष्ठी, एकादशी स्थानों में पापग्रह शुभ होते है।
चतुर्थी, अष्टमी स्थानों में कोई ग्रह नहीं होना चाहिए।

अगर आपको मुहूर्त जल्दी में करने हैं तो कुछ बातों का ध्यान रखकर और मुहूर्त चक्र के अनुसार अपनी कुंडली में ग्रहों की स्थिति को देखकर गृह प्रवेश की तिथि का चयन कर सकते हैं।

संक्षेप में जानते हैं गृह प्रवेश करने से पहले नए घर में जान ऐसे पहले गृह स्वामी को किन किन बातों का ध्यान रखना है ताकि नया घर उनके लिए खुशियां लेकर आये।

  • सबसे पहले गृह प्रवेश के लिए दिन, तिथि, वार एवं नक्षत्र को ध्यान में रखते हुए, गृह प्रवेश की तिथि और समय का निर्धारण किया जाता है। गृह प्रवेश के लिए शुभ मुहूर्त का ध्यान जरुर रखें। एक विद्वान ब्राह्मण की सहायता लें, जो विधिपूर्वक मंत्रोच्चारण कर गृह प्रवेश की पूजा को संपूर्ण करता है।
  • माघ, फाल्गुन, वैशाख, ज्येष्ठ माह को गृह प्रवेश के लिए सबसे सही समय बताया गया है। आषाढ़, श्रावण, भाद्रपद, आश्विन, पौष इसके लिहाज से शुभ नहीं माने गए हैं। फिर भी मुहूर्त करना जरुरी हो तो शुभ संयोग में मुहूर्त निकाल सकते हैं जो अतिशुभ होता है।
  • रविवार और मंगलवार के दिन भी गृह प्रवेश नहीं किया जाताहै। सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार, शनिवार के दिन गृह प्रवेश किया जाता है होते हैं।

गृहप्रवेश पूजन सामग्री

  • पूजन सामग्री-कलश, नारियल, दीपक, फूल शुद्ध जल, कुमकुम, चावल, अबीर, गुलाल, धूपबत्ती, पांच शुभ मांगलिक वस्तुएं, आम या अशोक के पत्ते, पीली हल्दी, गुड़, चावल, दूध आदि।

नए घर में प्रवेश के पहले इन बातों का भी ध्यान रखना जरुरी होता है।

  • सबसे पहले घर को साफ़ सुथरा करें, कोई भी कबाड़ हो तो सबसे पहले बाहर निकालें। ये सब गृह प्रवेश के पहले ही कर लें।
  • गृह प्रवेश वास्तु शांति पूजा के लिए दीपक आसपास के मंदिर से जलाकर लाने चाहिए। विधि विधान के साथ मंत्रो उच्चारण के साथ नए घर में आने चाहिए।
  • मंगल कलश के साथ नए घर में प्रवेश करना चाहिए।
  • घर को बंदनवार, रंगोली, फूलों से सजाना चाहिए।
  • मंगल कलश में शुद्ध जल भरकर उसमें आम या अशोक के आठ पत्तों के बीच नारियल रखें।
  • मंगल कलश व नारियल पर कुमकुम से स्वस्तिक का चिन्ह बनाएं ये अतिशुभ होता है।
  • नए घर में प्रवेश के समय पांच मांगलिक वस्तुएं नारियल, पीली हल्दी, गुड़, चावल, दूध अपने साथ लेकर प्रवेश करना चाहिए।
  • भगवान गणेश की मूर्ति, दक्षिणावर्ती शंख, श्री यंत्र, गाय बछड़ा समेत, कुबेर जी की प्रतिमा या फोटो को गृह प्रवेश वाले दिन घर में ले जाना चाहिए। गाय बछड़ा उपलब्ध नहीं हो तो आप मूर्ति ही ले आएं कामधेनु की बछड़े के साथ।
  • अपने रीती रिवाज के साथ ढोल के साथ, मंगल गीतों के साथ नए घर में प्रवेश करना चाहिए।
  • सबसे पहले पुरुष दाहिना पैर तथा स्त्री बांया पैर बढ़ा कर नए घर में प्रवेश करें।
  • इसके बाद भगवान गणेश का ध्यान करते हुए गणेश जी के मंत्रों के साथ घर के ईशान कोण में या फिर पूजा घर में कलश की स्थापना करें।
  • रसोई घर में भी पूजा करनी चाहिये। चूल्हे, पानी रखने के स्थान और स्टोर आदि में धूप, दीपक के साथ कुमकुम, हल्दी, चावल आदि से पूजन कर स्वास्तिक चिन्ह बनाना चाहिए।
  • रसोई में पहले दिन गुड़ व हरी सब्जियां रखना शुभ माना जाता है।
  • चूल्हे को जलाकर सबसे पहले उस पर दूध उफानना चाहिए। खीर या मिष्ठान बनाकर उसका भोग लगाना चाहिए।
  • घर में बने भोजन से सबसे पहले भगवान को भोग लगाएं।
  • गौ माता, कौआ, कुत्ता, चींटी आदि के निमित्त भोजन निकाल कर रखें।
  • ब्राह्मण को भोजन कराएं या फिर किसी गरीब भूखे आदमी को भोजन करा दें। इससे घर में सुख, शांति व समृद्धि आती है व हर प्रकार के दोष दूर हो जाते हैं।

आप किसी योग्य पंडित जी को बुलाकर विधि विधान से नए घर में प्रवेश करें। या खुद से कर रहें हैं तो ऊपर दी गयी बातों का ध्यान रखें पर इस बात का ध्यान रखने हैं आपको विधि विधान और गृह प्रवेश नियमों के अनुसार ही पूजा पाठ कराएं वो भी मुहूर्त निकालकर।

मुहूर्त निकालना चाहते हैं? तो हम आपके नाम और राशि के अनुसार मुहूर्त निकाल कर देंगे। जो आपके लिए शुभ होगा क्योंकि हर एक इंसान का मुहूर्त अलग-अलग होता है। मुहूर्त चक्र के अनुसार आपके लग्न के अनुसार आपके राशि के अनुसार जब तक मुहूर्त नहीं निकाला जाए तब तक शुभम नहीं होता है। मात्र 251 का डोनेशन करें और कुछ घंटों का इंतजार करें मुहूर्त आपके व्हाट्सएप पर देते हैं। कोई प्रश्न है आपके मन में या डोनेशन के बाद कुछ और कहना चाहते हैं तो आप व्हाट्सएप पर संपर्क कर सकते हैं। व्हाट्सएप नंबर है, 9599 – 24 – 84 – 66

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