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निर्जला एकादशी करने के क्या फायदे होते हैं?

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सालभर में चौबीस एकादशी आती है लेकिन उनमे से सबसे कठिन निर्जला एकादशी होती है। निर्जला एकादशी का व्रत रखने वाले व्यक्ति न तो कुछ खा सकते हैं न ही कुछ पी सकते हैं। साथ ही ऐसा माना जाता है जो व्यक्ति जो व्यक्ति निर्जला एकादशी का व्रत रखता है उसे साल भर में आने वाली सभी एकादशी व्रत का फल मिलता है। निर्जला एकादशी के दिन दान करने का भी बहुत अधिक महत्व होता है। इस दिन हाथ का पंखा, मिट्टी के बर्तन, फल जैसे की खरबूजा आदि के दान करने का बहुत महत्व होता है।

निर्जला एकादशी के दिन जगह जगह पर मीठा पानी बांटा जाता है जिसे की छबील बोला जाता है। इसीलिए इस दिन दूध, चीनी, रूहफजा आदि का दान भी करते हैं। निर्जला एकादशी के दिन मंदिरों में भारी भीड़ देखने को मिलती है। इस दिन लोग अपने पूर्वजों के नाम पर दान देते हैं ताकि उनका आशीर्वाद सदा उनपर बना रहे और उनके पूर्वजों को शांति मिलें। इसके अलावा कुछ लोग अपने घर या दूकान के बाहर भी छबील लगाते हैं ऐसा करना भी बहुत अच्छा माना जाता है।

कैसे किया जाता है निर्जला एकादशी का व्रत?

  • व्रत वाले दिन सुबह समय से उठकर नहा धोकर साफ़ वस्त्र पहनकर तैयार हो जाना चाहिए।
  • उसके बाद घर के मंदिर में दीपक जलाना चाहिए।
  • फिर हो सके तो आपको मंदिर भी जाना चाहिए।
  • उसके बाद घर में या मंदिर में ही बैठकर एकादशी व्रत की कथा पढ़नी चाहिए और आरती करनी चाहिए।
  • इस दिन भगवान् विष्णु के साथ साथ माँ लक्ष्मी की पूजा भी जरूर करनी चाहिए।
  • उसके बाद द्वादशी के दिन सुबह दान आदि करने के बाद व्रत का पारण करना चाहिए।

निर्जला एकादशी के व्रत रखने से क्या फायदे मिलते हैं?

  • जो व्यक्ति साल भर में किसी एकादशी के दिन व्रत नहीं रखता है लेकिन निर्जला एकादशी का व्रत रखता है तो उसे सालभर में आने वाली एकादशी के जितना पुण्य मिलता है।
  • निर्जला एकदशी का व्रत रखने पर आपके पितरो को शांति मिलती है साथ ही उनका आशीर्वाद सदा आपके परिवार पर बना रहता है।
  • घर में सुख शांति व् सुख समृद्धि के लिए निर्जला एकादशी का व्रत रखना बहुत अच्छा माना जाता है।
  • निर्जला एकादशी का व्रत रखने से आपको व् आपके परिवार को सभी तरह के कष्टों से मुक्ति पाने में मदद मिलती है।
  • एकादशी व्रत करने से भगवान् विष्णु व् माँ लक्ष्मी की कृपा आप पर बरसती है।
  • निर्जला एकादशी का व्रत करने से आपको मोक्ष की प्राप्ति होती है।
  • ऐसा माना जाता है जो पूरी श्रद्धा व् निष्ठा से निर्जला एकादशी का व्रत रखता है उसे वैकुंठ की प्राप्ति होती है।

क्या नहीं करें निर्जला एकादशी के दिन?

  • आपको इस दिन पानी का सेवन नहीं करना चाहिए और न ही कुछ खाना चाहिए।
  • यह व्रत दशमी के दिन से ही शुरू हो जाता है ऐसे में आप दशमी के दिन से ही मास, मदिरा, प्याज लहसुन आदि का सेवन नहीं करें।
  • इस दिन आपको किसी भी जरूरतमंद की मदद करने से पीछे नहीं हटना चाहिए।
  • झूठ नहीं बोलना चाहिए।
  • ब्रह्मचर्य के नियम को नहीं तोडना चाहिए।
  • गुस्सा व् लड़ाई नहीं करनी चाहिए बल्कि इस दिन जितना हो सकें शांत रहकर भगवान् का ध्यान करना चाहिए।
  • एकादशी के दिन तुलसी में जल नहीं देना चाहिए।

कब होता है निर्जला एकादशी का व्रत सम्पूर्ण?

निर्जला एकादशी का व्रत एकादशी के सूर्योदय से शुरू होता है और द्वादशी के सूर्योदय के बाद जैसे ही आप दान करके पारण करते हैं वैसे ही यह व्रत सम्पूर्ण हो जाता है।

तो यह हैं निर्जला एकादशी का व्रत रखने के फायदे, यदि आप भी यह व्रत रखना चाहते हैं तो आप भी व्रत कर सकते हैं। लेकिन ध्यान रखें की आप इस व्रत के नियमों का अच्छे से पालन करें ताकि व्रत का फल आपको मिल सकें।

Nirjla Ekadashi Vrat 2022

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