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जानकारियां

गुरु पूर्णिमा 2019 कब है?

Guru Purnima 2019 हिन्दू धर्म में गुरु को देवता समान माना जाता है। इसीलिए पुरे साल में एक दिन ऐसा है जब गुरु के प्रति आदर-सम्मान व्यक्त किया जाता है। आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है। गुरु को हमेशा से ही ब्रह्मा, विष्णु और महेश के समान पूज्य माना गया है। वेद, पुराणों और उपनिषदों का प्रणयन करने वाले वेद व्यास जी को समस्त मानव जाती का गुरु माना जाता है। गुरु पूर्णिमा आषाढ़ पूर्णिमा को क्यों मनाते हैं? महर्षि वेद व्यास जी का जन्म आषाढ़ पूर्णिमा के दिन लगभग 3000 ई. पूर्व

आषाढ़ अमावस्या 2019 : जानिए कब है आषाढ़ की अमावस्या?

Ashadha Amavasya 2019 हिन्दू कैलेंडर के अनुसार, हिंदी महीने के कृष्ण पक्ष की पंद्रहवीं तिथि को अमावस्या के रूप में मनाया जाता है। ऐसे तो अमावस्या तिथि को शुभ नहीं माना जाता लेकिन धार्मिक दृष्टि से अमावस्या तिथि का बहुत खास महत्व होता है। अमवस्या के दिन दान-पुण्य करना, पितरों की शांति करवाना, तर्पण, पिंडदान आदि करना बहुत फलदायी होता है। आषाढ़ माह की अमावस्या आषाढ़ी अमावस्या को भी बहुत खास माना जाता है। आषाढ़ की कृष्ण पक्ष की पंद्रहवीं तिथि को आषाढ़ी अमावस्या पड़ती है। इस दिन गंगा में स्नान करना, पितृ तर्पण करवाना,

निर्जला एकादशी 2019 : इस बार की एकादशी क्यों है इतनी खास?

Nirjala Ekadashi 2019 हिन्दू पंचांग के अनुसार, हरेक महीने के शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष की ग्यारहवीं तिथि को एकादशी मनाई जाती है। एकादशी के दिन उपवास रखना बहुत फलदायी माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार, एकादशी का व्रत रखने से सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और परलोक में मोक्ष की प्राप्ति होती है। जून महीने में आने वाली निर्जला एकादशी को भी बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। क्या है निर्जला एकादशी? हिन्दू कैलेंडर के अनुसार, ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को निर्जला एकादशी मनाई जाती है। निर्जला एकादशी के दिन निर्जला उपवास

आषाढ़ 2019 : आषाढ़ माह के पर्व त्यौहार, पूर्णमासी अमावस्या और एकादशी कब है?

आषाढ़ 2019 हिन्दू धर्म में आषाढ़ माह को बहुत खास माना जाता है। क्यूंकि इस महीने में साल की चार नवरात्रियों में से एक आषाढ़ की गुप्त नवरात्री मनाई जाती हैं। आज हम आपको आषाढ़ माह से जुडी महत्वपूर्ण जानकारी दे रहे हैं। आषाढ़ 2019 कब से कब तक है? आषाढ़ 2019 पर्व-त्यौहार, आषाढ़ का महत्व, आषाढ़ महीने के व्रत, आषाढ़ माह की विशेषताएं और आषाढ़ गुप्त नवरात्रि की सम्पूर्ण जानकारी। आषाढ़ माह क्या है? हिन्दू पंचांग के अनुसार यह वर्ष के चौथा माह होता है। जिसे वर्षा ऋतू के आरंभ का माह भी माना जाता है। ज्येष्ठ महीने की गर्मी के बाद इसी महीने

2019 ज्येष्ठ पूर्णिमा, जून 2019 पूर्णिमा कब है?

पूर्णिमा 2019 हिन्दू कैलेंडर के अनुसार, प्रत्येक हिंदी महीने के शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि को पूर्णिमा मनाई जाती है। धार्मिक रूप से पूर्णिमा तिथि को बहुत खास माना जाता है। पूर्णिमा के दिन उपवास रखना और गंगा स्नान करना बहुत फलदायी होता है। साल में 12 बार पूर्णिमा तिथि आती हैं जिसमे सभी का अपना-अपना महत्व है। ज्येष्ठ पूर्णिमा भी उन्ही में से एक है। ज्येष्ठ पूर्णिमा कब मनाते हैं? जेठ माह के शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि को ज्येष्ठ पूर्णिमा मनाई जाती है। ज्येष्ठ पूर्णिमा का हिन्दू धर्म में बड़ा महत्व है। इस दिन स्नान

वट सावित्री व्रत 3 जून 2019 पूजा मुहूर्त, क्या खास है? और कौन-कौन से संयोग बन रहे हैं?

ज्येष्ठ माह की अमावस्या को वट सावित्री व्रत मनाया जाता है। इस साल ज्येष्ठ महीने में 3 तारीख को अमावस्या है। तो 3 तारीख को ही महिलाएं वट सावित्री व्रत का पूजन करेंगी। क्या संयोग हैं? इस साल 3 जून 2019 अमावस्या के दिन सोमवार है। इसको सोमवती अमावस्या कहते हैं। सोमवती अमावस्या के दिन पूजा करने से पितृगण प्रसन्न होते हैं। जिनको पितृदोष होता है या जिनके जीवन में परेशानियां चल रही हो उन परेशानियों से मुक्ति मिल सकती है। इसके लिए पीपल पेड़ के नीचे पांच तरह की मिष्ठान चढ़ाएं। और पीपल के पत्ते पर ही चढ़ाएं। और इसको घर नहीं

वैभव लक्ष्मी व्रत कैसे करें? और क्या फायदे होते हैं

वैभव लक्ष्मी व्रत हिन्दू धर्म में पूजा पाठ, त्यौहारों को जितना महत्व दिया जाता है, उतना ही महत्व व्रत को भी दिया जाता है। और भगवान की असीम कृपा परिवार पर बनी रहे, घर में सुख समृद्धि हो, धन की कमी न आये, और भी बहुत सी इच्छाओं को पूरा करने के लिए व्यक्ति व्रत आदि रखता है। ऐसे ही वैभव लक्ष्मी का भी व्रत शुक्रवार के दिन रखा जाता है। माता लक्ष्मी को अनेक रूपों में पूजा जाता है जैसे की वैभव लक्ष्मी, धन लक्ष्मी, वरदलक्ष्मी आदि। ऐसा माना जाता है की जो भी व्यक्ति पूरे श्रद्धाभाव से वैभव लक्ष्मी के व्रत को करता है उसकी सभी मनोकामनाएं