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यज्ञोपवीत (उपनयन) जनेऊ संस्कार मुहूर्त 2023 शुभ तिथियां नक्षत्र और वार

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उपनयन यह नवम संस्कारों में से एक है इसे यज्ञोपवीत, व्रतबन्ध, उपनयन और जनेऊ आदि नामों से प्रचलित है। यह संस्कार ब्राह्मण, क्षत्रिय और वैश्य में प्रसिद्ध है जनेऊ धारण करने से पहले पूजा पाठ विधिवत्त रूप से सम्पादित करके धारण किया जाता है। हिन्दू धर्म यानी सनातन धर्म में जनेऊ धारण करना हमेशा से ही एक पवित्र परम्परा रही है इसे यज्ञोपवीत, व्रतबन्ध, उपनयन और जनेऊ संस्कार आदि के नाम से भी जाना जाता है। शादी से पहले उपनयन संस्कार होना अनिवार्य होता है साथ ही इसको सबसे महत्वपूर्ण संस्कारों में से एक माना जाता है।

उपनयन या जनेऊ संस्कार प्राचीन सनातन धर्म में वर्णित दसवां संस्कार है। सनातन धर्म में विशेष रूप से ब्राह्मण समुदाय में, उपनयन या जनेऊ संस्कार एक विशेष समारोह रहा है। साथ ही उपनयन संस्कार क्षत्रिय और वैश्य में भी प्रसिद्ध है जनेऊ धारण करने से पहले पूजा पाठ विधिवत्त रूप से की जाती है और इसे सम्पादित करके धारण किया जाता है। इस समारोह में लड़के को एक पवित्र सफेद धागा पहनाया जाता है जिसे जनेऊ या यज्ञोपवीत कहा जाता है, जो उसके जीवन में एक नए अध्याय यानी युवावस्था की शुरुआत का संकेत देता है। साथ ही इस संस्कार के लिए महत्वपूर्ण तिथियों का ध्यान रखना इससे जुडी बातों का ध्यान रखना बहुत जरुरी होता है।

उपनयन संस्कार कब करना चाहिए?

उपनयन संस्कार की हर समुदाय में उम्र अलग ही होती है। साथ ही यदि किसी कारणवश उस उम्र में बालक का जनेऊ संस्कार नहीं हो पाता है तो उसके बाद अन्य उम्र में जो की जनेऊ संस्कार के लिए सही होती है उस उम्र में जनेऊ संस्कार किया जाता है।

ब्राह्मण बालकों का जनेऊ संस्कार कब करना चाहिए?

ब्राह्मण बालक को जन्मदिन से पंचम वर्ष में या अष्टम वर्ष में उपनयन संस्कार हो जाना चाहिए।

क्षत्रिय बालकों का जनेऊ संस्कार कब करना चाहिए?

क्षत्रिय बालकों का जनेऊ संस्कार छठे या ग्याहरवें वर्ष में कर लेना चाहिए।

अगर इन वर्षों में उपनयन संस्कार नहीं हो पाएं तो उपरोक्त वर्षों को द्विगनित कर देने से मध्यांतर काल गौण अर्थात आठ से सोलहवें वर्ष तक ब्राह्मण का, ग्याहरवें से बाइसवें वर्ष तक क्षत्रिय का और बारह से चौबीसवें वर्ष तक वैश्य का जनेऊ संस्कार हो जाना चाहिए।

शुभ महीना (जनेऊ संस्कार के लिए )

चैत्र, वैशाख, आषाढ़, (देवशयनी एकादशी से पूर्वकाल तक) माघ व् फाल्गुन मास तक जनेऊ संस्कार के लिए शुभ महीने हैं।

जनेऊ संस्कार से पूर्व ध्यान रखने योग्य बातें:-

  • ज्येष्ठ पुत्र के लिए ज्येष्ठ मास त्याज्य रखना चाहिए। मीनस्थ सूर्य यज्ञोपवीत के लिए शुभ कहा गया है।
  • यज्ञोपवीत संस्कार के लिए वसंत ऋतू तथा अष्टम वर्ष की उत्कृष्टता इतनी है की दोनों के संयोग से जन्ममास- तिथि- नक्षत्र भी दूषित नहीं होते।
  • यधपि जन्ममास यज्ञोपवीत में त्याज्य है तथापि आवश्यक होने पर जन्मदिन से दस दिन छोड़कर अन्य दिनों में संस्कार दोषपूर्ण नहीं होता है।
  • अन्य मतानुसार जन्मकालिक पक्ष को छोड़कर दूसरे पक्ष में शुभ कार्य करने पर जन्ममास का दोष नहीं रहता है।

ग्राहय तिथि:– शुक्ल पक्ष की 2, 3, 5, 10, 11, 12, एवं कृष्ण पक्ष की 1, 2, 3, 5, तिथियां शुभ है।

राशि के 9वें 18वें, और 27वें, अंश में स्थित सूर्य का संचारकाल होता है) परन्तु ध्यान रहे, रोगबान, और चौरबाण का विचार रात्रि में किया जाता है। तथा उपनयन का समय तो पूर्वार्द्ध या मध्याह्न तक ही होता है। अपि च, लग्न बल की उपलब्धि में बाण विचार निरर्थक है-

नोट:- यदि संस्कारी बालक की माता रजस्वला (मासिक धर्म) हो जाये तो उसकी शुद्धि के बाद ही यज्ञोपवीत संस्कार करना चाहिए। आइए आगे २०२३ में जनेऊ संस्कार के लिए सबसे अहम और शुभ तिथियां कौन सी हैं उनके बारे में जानते हैं।

जनवरी जनेऊ संस्कार मुहूर्त 2023

जनेऊ संस्कार की तिथियां और वारतिथिमाह और पक्षनक्षत्र
22 जनवरी 2023, रविवारप्रतिपदा 10:27 PM तक उसके बाद द्वितीयामाघ, शुक्ल पक्षश्रवण
25 जनवरी 2023, बुधवारचतुर्थी 12:34 PM तक उसके बाद पञ्चमीमाघ, शुक्ल पक्षपूर्व भाद्रपद
26 जनवरी 2023, गुरुवारपञ्चमी 10:28 AM तक उसके बाद षष्ठीमाघ, शुक्ल पक्षउत्तर भाद्रपद
30 जनवरी 2023, सोमवारनवमी 10:11 AM तक उसके बाद दशमीमाघ, शुक्ल पक्षकृत्तिका
जनवरी जनेऊ संस्कार मुहूर्त 2023

फरवरी जनेऊ संस्कार मुहूर्त 2023

जनेऊ संस्कार की तिथियां और वारतिथिमाह और पक्षनक्षत्र
08 फरवरी 2023, बुधवारतृतीया 06:23 AM, Feb 09 तकफाल्गुन, कृष्ण पक्षपूर्वाफाल्गुनी
10 फरवरी 2023, शुक्रवारचतुर्थी 07:58 AM तक उसके बाद पञ्चमीफाल्गुन, कृष्ण पक्षहस्त
22 फरवरी 2023, बुधवारतृतीया 03:24 AM, Feb 23 तकफाल्गुन, शुक्ल पक्षउत्तर भाद्रपद
23 फरवरी 2023, गुरूवारचतुर्थी 01:33 AM, Feb 24 तकफाल्गुन, शुक्ल पक्षरेवती
24 फरवरी 2023, शुक्रवारपञ्चमी 12:31 AM, Feb 25 तकफाल्गुन, शुक्ल पक्षअश्विनी
फरवरी जनेऊ संस्कार मुहूर्त 2023

मार्च जनेऊ संस्कार मुहूर्त 2023

जनेऊ संस्कार की तिथियां और वारतिथिमाह और पक्षनक्षत्र
01 मार्च 2023, बुधवारदशमी पूर्ण रात्रि तकफाल्गुन, शुक्ल पक्षमॄगशिरा
02 मार्च 2023, गुरूवारदशमी 06:39 AM तक उसके बाद एकादशीफाल्गुन, शुक्ल पक्षआर्द्रा
03 मार्च 2023, शुक्रवारएकादशी 09:11 AM तक उसके बाद द्वादशीफाल्गुन, शुक्ल पक्षपुनर्वसु
08 मार्च 2023, बुधवारप्रतिपदा 07:42 PM तक उसके बाद द्वितीयाचैत्र, कृष्ण पक्षउत्तराफाल्गुनी
09 मार्च 2023, गुरूवारद्वितीया 08:54 PM तक उसके बाद तृतीयाचैत्र, कृष्ण पक्षहस्त
22 मार्च 2023, बुधवारप्रतिपदा 08:20 PM तक उसके बाद द्वितीयाचैत्र, शुक्ल पक्षउत्तर भाद्रपद
23 मार्च 2023, गुरूवारद्वितीया 06:20 PM तक उसके बाद तृतीयाचैत्र, शुक्ल पक्षरेवती
26 मार्च 2023, रविवारपञ्चमी 04:32 PM तक उसके बाद षष्ठीचैत्र, शुक्ल पक्षकृत्तिका
31 मार्च 2023, शुक्रवारदशमी 01:58 AM, Apr 01 तकचैत्र, शुक्ल पक्षपुष्य
मार्च जनेऊ संस्कार मुहूर्त 2023

अप्रैल जनेऊ संस्कार मुहूर्त 2023

अप्रैल में कोई जनेऊ संस्कार मुहूर्त नहीं है।

मई जनेऊ संस्कार मुहूर्त 2023

जनेऊ संस्कार की तिथियां और वारतिथिमाह और पक्षनक्षत्र
01 मई 2023, सोमवारएकादशी 10:09 PM तक उसके बाद द्वादशीवैशाख, शुक्ल पक्षपूर्वाफाल्गुनी
07 मई 2023, रविवारद्वितीया 08:15 PM तक उसके बाद तृतीयाज्येष्ठ, कृष्ण पक्षअनुराधा
10 मई 2023, बुधवारपञ्चमी 01:49 PM तक उसके बाद षष्ठीज्येष्ठ, कृष्ण पक्षपूर्वाषाढा
21 मई 2023, रविवारद्वितीया 10:09 PM तक उसके बाद तृतीयाज्येष्ठ, शुक्ल पक्षरोहिणी
22 मई 2023, सोमवारतृतीया 11:18 PM तक उसके बाद चतुर्थीज्येष्ठ, शुक्ल पक्षमॄगशिरा
24 मई 2023, बुधवारपञ्चमी 03:00 AM, May 25 तकज्येष्ठ, शुक्ल पक्षपुनर्वसु
29 मई 2023, सोमवारनवमी 11:49 AM तक उसके बाद दशमीज्येष्ठ, शुक्ल पक्षउत्तराफाल्गुनी
मई जनेऊ संस्कार मुहूर्त 2023

जून जनेऊ संस्कार मुहूर्त 2023

जनेऊ संस्कार की तिथियां और वारतिथिमाह और पक्षनक्षत्र
01 जून 2023, गुरूवारद्वादशी 01:39 PM तक उसके बाद त्रयोदशीज्येष्ठ, शुक्ल पक्षस्वाती
05 जून 2023, सोमवारप्रतिपदा 06:38 AM तक उसके बाद द्वितीया 03:48 AM, June 06 तकआषाढ़, कृष्ण पक्षमूल
06 जून 2023, मंगलवारतृतीया 12:50 AM, June 07 तकआषाढ़, कृष्ण पक्षपूर्वाषाढा
08 जून 2023, गुरूवारपञ्चमी 06:58 PM तक उसके बाद षष्ठीआषाढ़, कृष्ण पक्षश्रवण
19 जून 2023, सोमवारप्रतिपदा 11:25 AM तक उसके बाद द्वितीयाआषाढ़, शुक्ल पक्षआर्द्रा
21 जून 2023, बुधवारतृतीया 03:09 PM तक उसके बाद चतुर्थीआषाढ़, शुक्ल पक्षपुष्य
जून जनेऊ संस्कार मुहूर्त 2023
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