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विवाह में देरी होने के कारण?

बच्चों की उम्र विवाह योग्य होते ही माँ बाप बच्चों के लिए विवाह योग्य लड़के या लड़की की तलाश करना शुरू देते है। ऐसे में कई बार तो होता है की समय पर ही लड़का व् लड़की के गुण मिल जाते हैं और चट मंगनी और पट शादी हो जाती है। लेकिन कई बार थोड़ा समय लग जाता है उसके बाद कुछ युवक और युवतियों के साथ ऐसा भी हो होता है की लम्बे समय से चल रही तलाश के बाद भी उन्हें अपना मनपसंद जीवनसाथी नहीं मिल पाता है। यदि शादी में लम्बे समय तक देरी हो रही हो तो ऐसा होने के कई कारण हो सकते हैं। और उन कारणों का यदि सही समय पर निवारण कर लिया जाए तो विवाह में हो रही देरी की समस्या को दूर करने में मदद मिल सकती है।

विवाह में देरी होने के कारण?

यदि किसी की शादी में देरी हो रही होती है तो ऐसा होने के कई कारण हो सकते हैं और वह कारण ग्रह दोष, वास्तु दोष आदि से सम्बंधित हो सकते हैं। तो आइये अब उन कारणों के बारे में विस्तार से जानते हैं।

मांगलिक होने के कारण

यदि कोई लड़का या लड़की मांगलिक होती है तो ऐसे युवक युवतियों की शादी में विलम्ब हो सकता है। और ऐसे युवक युवतियों की शादी 27, 29, 31, 33 या 37 वर्ष तक हो जाती है।

मंगल या शनि दोष

यदि किसी जातक की कुंडली में मंगल या शनि दोष होता है तो इन दोष के कारण भी शादी में रूकावट आ सकती है। जैसे की शनि मंगल, शनि राहू, मंगल राहू, या शनि सूर्य या सूर्य मंगल, सूर्य राहू, एक साथ सातवें घर या आठवें घर में हो तो विवाह में विलम्ब की सम्भावना बनी रहती है। ऐसे में पंडित द्वारा आपको सबसे पहले इन दोषों के निवारण करवाने की सलाह दी जाती है उसके बाद शादी में आ रही समस्याओं को दूर करने में मदद मिलती है।

वास्तुदोष

शादी में हो रही देरी का एक कारण वास्तुदोष से जुड़ा भी होता है यदि आपके घर में वास्तुदोष हो तो इस वजह से भी आपके बच्चे की शादी में देरी हो सकती है।

केतु के कारण

कुंडली में सभी ग्रह यदि सही जगह पर हो तो किसी तरह का दोष नहीं होता है लेकिन कोई ग्रह यदि अपना घर बादल लें तो इसकी वजह से कोई न कोई समस्या आते रहती है। जैसे की केतु यदि सातवें घर में हो तो इस वजह से भी शादी में अड़चने आ सकती है।

कुंडली में शुक्र ग्रह का कमजोर होना

शुक्र ग्रह सुख और सौंदर्य का कारक ग्रह माना जाता है साथ ही पुरुष के लिए शुक्र स्त्री का कारक, वहीं स्त्री की कुंडली में गुरु पति का कारक माना गया है। ऐसे में यदि अगर किसी जातक की कुंडली में शु्क्र कमजोर या फिर नीच भाव में स्थित है तो जातकों के विवाह में लगातार बाधाओं का सामना करना पड़ता है और शादी में बहुत देरी होती जाती है।

कुंडली में गुरु का कमजोर होना

ज्योतिष विद्या के अनुसार बृहस्पति यानी गुरु को विवाह और वैवाहिक जीवन में सुख का कारक ग्रह माना गया है ऐसे में वैवाहिक जीवन के सुखमय होने के लिए गुरु की स्थिति का कुंडली में सही होना बहुत जरुरी होता है लेकिन यदि किसी जातक की कुंडली में बृहस्पति ग्रह पापी ग्रहों के साथ विराजमान है, अस्त हो या फिर अपनी नीच राशि मकर में हैं तो जातक के विवाह में विलम्ब आना बहुत ही स्वाभाविक होता है।

नवांश कुंडली में दोष का होना

यदि किसी जातक की नवांश कुंडली में दोष होता है तो इस कारण भी जातक के विवाह में देरी हो सकती है। ऐसे में शादी में आ रही अड़चनों को दूर करने के लिए सबसे पहले इस दोष का निवारण करना चाहिए।

पितृदोष

कई बार शादी में हो रही देरी का कारण पितृदोष भी होता है यदि किसी जातक की कुंडली में यह दोष होता है तो इसकी वजह से भी शादी में विलम्ब होना बहुत ही स्वाभाविक होता है।

शादी में हो रही देरी की समस्या को दूर करने के उपाय

  • यदि किसी जातक की शादी में देरी हो रही होती है तो उस जातक को सबसे पहले अपनी कुंडली दोष के निवारण करने चाहिए क्योंकि जैसे की कुंडली में मौजूद दोष का निवारण होता है तो इसके बाद विवाह के योग खुल जाते हैं।
  • मांगलिक बच्चों की शादी से पहले पंडित द्वारा आपको कुछ पूजा करवाने की सलाह दी जा सकती है क्योंकि उस पूजा से मांगलिक दोष के कारण विवाह में आ रही देरी की समस्या को दूर करने में मदद मिलती है ऐसे में आपको उस पूजा को करवाना चाहिए ताकि आपको शादी में देरी की समस्या को दूर करने में मदद मिल सकें।
  • यदि विवाह में आ रही देरी का कारण वास्तुदोष होता है तो आपको वास्तुदोष का भी निवारण करना चाहिए क्योंकि वास्तुदोष का निवारण करने से भी शादी में आ रही देरी की समस्या को दूर करने में मदद मिलती है।
  • इसके अलावा ऐसा माना जाता है की सोमवार के व्रत, गुरूवार के व्रत करने से भी शादी में आ रही देरी की समस्या को दूर करने के साथ जातक को मनचाहे जीवनसाथी को पाने में भी मदद मिलती है ऐसे में आप इन व्रतों को करके भी शादी में हो रही देरी की समस्या को दूर कर सकते हैं।

तो यह है शादी में हो रही देरी के कारण व् इस समस्या से बचने के उपाय यदि आप भी इस समस्या से परेशान हैं और आपके बच्चों की शादी में भी देरी हो रही है तो आपको भी सबसे पहले बच्चों की कुंडली में होने वाले दोष का निवारण करना चाहिए ताकि आपके बच्चों के शादी में देरी की समस्या को दूर करने में मदद मिल सकें।

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